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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Farrukhabad News ›   School vehicles are not registered for commercial use, yet students are being packed in at double the vehicle's capacity.

Farrukhabad News: व्यावसायिक न स्कूली वाहन में पंजीकरण, क्षमता से दोगुने बैठाए जा रहे छात्र

Thu, 23 Jul 2026 12:08 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 23 Jul 2026 12:08 AM IST
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School vehicles are not registered for commercial use, yet students are being packed in at double the vehicle's capacity.
फर्रुखाबाद। मानकों को ताक पर रख टेंपो, ऑटो, ई-रिक्शा, वैन में क्षमता से अधिक छात्र-छात्राओं को ढोया जा रहा है। इन वाहनों का न तो स्कूली वाहन में पंजीकरण है और न ही व्यावसायिक। कई वाहनों से नंबर प्लेट तक गायब है। सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं। परिवहन विभाग ऐसे वाहनों पर कार्रवाई करने के बजाय अनदेखा कर रहा है। ऐसे में बच्चों की जान जोखिम में है।
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छात्र-छात्राओं को लाने-ले जाने वाले वाहनों को लेकर राज्य परिवहन विभाग ने सख्त नियम लागू किए हैं। सभी स्कूली वाहन यूपी इंटीग्रेटेड स्कूल व्हीकल मैनेजमेंट पोर्टल पर पंजीकृत होने चाहिए। फिटनेस, बीमा, परमिट तथा ड्राइवर का विवरण दर्ज कराना जरूरी है। वाहन पर क्यूआर कोड, आगे-पीछे स्पष्ट रूप से ऑन स्कूल ड्यूटी, चालक का पूरा पता, योग्यता व लाइसेंस नंबर लिखा होना चाहिए। वाहन में फर्स्ट-एड-बॉक्स, स्पीड गवर्नर, अग्निशमन यंत्र अनिवार्य है। बिना पंजीकरण व फिटनेस के वाहनों से बच्चे ले जाने पर भारी जुर्माने की व्यवस्था है। मंगलवार को मोहम्मदाबाद क्षेत्र में वैन दुर्घटनाग्रस्त होने पर स्कूल ने उनके यहां वाहन लगे होने से ही इन्कार कर दिया था। जबकि उसमें कई बच्चे घायल भी हुए थे, उन्हें भी अपने स्कूल का होने से इन्कार कर दिया था।
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बुधवार को स्कूली बच्चों को ले जाने वाले वाहनों का हाल देखा गया तो शहर के अंदर बड़ी संख्या में खटारा टेंपो व सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर चल रहे ई-रिक्शा दिखे। इन वाहनों में न तो सुरक्षा जाली दिखी और न ही स्कूली वाहन लिखा था। अधिकांश टेंपो पर नंबर प्लेट तक नहीं थी। पांच सीट की क्षमता वाले टेंपो पर 10-10 छात्र बैठे दिखे। ई-रिक्शा में चालक वाली सीट पर दो छात्रों को बैठाकर ले जाया जा रहा था।
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एआरटीओ प्रशासन कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि स्कूली वाहनों की चेकिंग का एक से 15 जुलाई तक अभियान चला। इस दौरान अवैध रूप से बच्चों को ले जाने वाले वाहनों के चालान भी किए गए थे। लोगों में जागरूकता की कमी है। बिना पंजीकृत वाहनों में जिस स्कूल के बच्चे बैठे मिलेंगे, उस स्कूल के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। शीघ्र ही विशेष अभियान चलाकर पंजीकृत वाहनों में ही बच्चों को लाने-ले जाने की व्यवस्था सुनिश्चित होगी।
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