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स्कूल ध्वस्तीकरण की जांच अधूरी, ग्राम निधि से निर्माण कार्य जोरों पर
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याकूतगंज में जूनियर हाईस्कूल का होता निर्माण।
- फोटो : FARRUKHABAD
स्कूल ध्वस्तीकरण की जांच अधूरी, ग्राम निधि से निर्माण जारी
फर्रुखाबाद। बढ़पुर के याकूतगंज स्थित पूर्व माध्यमिक स्कूल के भवन को बिना आदेश गिराने की जांच पूरी भी नहीं हुई कि ग्राम निधि से स्कूल का निर्माण शुरू करा दिया गया। एसडीएम के नोटिस का अभी सचिव ने जवाब नहीं दिया। नियमों को ताक पर रखकर दीवारों पर लिंटर डालने की तैयारी है।
परिषदीय स्कूलों का बेसिक शिक्षा विभाग से निर्माण कराया जाता है। आपरेशन कायाकल्प में ग्राम पंचायत से मरम्मत कराने का प्रावधान है। याकूतगंज में पूर्व माध्यमिक विद्यालय के भवन को अगस्त में बिना किसी आदेश के ध्वस्त करा दिया गया था।
भवन को न तो जर्जर घोषित किया गया और न ही नीलामी प्रक्रिया पूरी हुई। मामला सुर्खियों में आने पर भाजपा विधायक नागेंद्र सिंह राठौर व किसान मोर्चा क्षेत्रीय उपाध्यक्ष अशोक कटियार की शिकायत पर जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने एसडीएम की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दी।
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एसडीएम ने 23 सितंबर को खंड शिक्षा अधिकारी, प्रधानाध्यापक, सचिव व डीसी निर्माण को नोटिस जारी किया। 6 बिंदुओं पर मांगे गए स्पष्टीकरण का अभी जवाब नहीं दिया गया। इसके बावजूद अब नियमों से हटकर आपरेशन कायाकल्प में स्कूल का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। चार कक्षों की दीवार पूरी होने के साथ लिंटर डालने के लिए शटरिंग लग चुकी है।
जिम्मेदार जवाब देने से कतराए
प्रधान मीरा देवी के पति जितेंद्र सिंह यादव ने बताया कि स्कूल भवन का ध्वस्तीकरण सचिव की देखरेख में हुआ और निर्माण भी वही करा रहे हैं। किसके आदेश पर ग्राम निधि से निर्माण हो रहा है, इस सवाल पर उन्होंने कहा कि आदेेश भी सचिव के पास होगा। ग्राम पंचायत सचिव राजीव गौतम ने बताया कि आपरेशन कायाकल्प में जब स्कूल की मरम्मत हो सकती है तो निर्माण क्यों नहीं हो सकता है।
नीलामी प्रक्रिया बेसिक शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी है। वह निर्माण में नई ईंटों के साथ पुरानी ईंटों को भी लगवा रहे हैं। एसडीएम का नोटिस उन्हें नहीं मिला है। जब नोटिस प्राप्त होगा तब जवाब दिया जाएगा। डीपीआरओ अमित कुमार त्यागी ने बताया आपरेशन कायाकल्प में स्कूल या सरकारी भवन की मरम्मत व रंगरोगन कराया जा सकता है। निर्माण का प्राविधान नहीं है। ग्राम निधि से स्कूल भवन का निर्माण कराए जाने के सवाल पर वह भी चुप्पी साध गए।
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फर्रुखाबाद। बढ़पुर के याकूतगंज स्थित पूर्व माध्यमिक स्कूल के भवन को बिना आदेश गिराने की जांच पूरी भी नहीं हुई कि ग्राम निधि से स्कूल का निर्माण शुरू करा दिया गया। एसडीएम के नोटिस का अभी सचिव ने जवाब नहीं दिया। नियमों को ताक पर रखकर दीवारों पर लिंटर डालने की तैयारी है।
परिषदीय स्कूलों का बेसिक शिक्षा विभाग से निर्माण कराया जाता है। आपरेशन कायाकल्प में ग्राम पंचायत से मरम्मत कराने का प्रावधान है। याकूतगंज में पूर्व माध्यमिक विद्यालय के भवन को अगस्त में बिना किसी आदेश के ध्वस्त करा दिया गया था।
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भवन को न तो जर्जर घोषित किया गया और न ही नीलामी प्रक्रिया पूरी हुई। मामला सुर्खियों में आने पर भाजपा विधायक नागेंद्र सिंह राठौर व किसान मोर्चा क्षेत्रीय उपाध्यक्ष अशोक कटियार की शिकायत पर जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने एसडीएम की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दी।
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एसडीएम ने 23 सितंबर को खंड शिक्षा अधिकारी, प्रधानाध्यापक, सचिव व डीसी निर्माण को नोटिस जारी किया। 6 बिंदुओं पर मांगे गए स्पष्टीकरण का अभी जवाब नहीं दिया गया। इसके बावजूद अब नियमों से हटकर आपरेशन कायाकल्प में स्कूल का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। चार कक्षों की दीवार पूरी होने के साथ लिंटर डालने के लिए शटरिंग लग चुकी है।
जिम्मेदार जवाब देने से कतराए
प्रधान मीरा देवी के पति जितेंद्र सिंह यादव ने बताया कि स्कूल भवन का ध्वस्तीकरण सचिव की देखरेख में हुआ और निर्माण भी वही करा रहे हैं। किसके आदेश पर ग्राम निधि से निर्माण हो रहा है, इस सवाल पर उन्होंने कहा कि आदेेश भी सचिव के पास होगा। ग्राम पंचायत सचिव राजीव गौतम ने बताया कि आपरेशन कायाकल्प में जब स्कूल की मरम्मत हो सकती है तो निर्माण क्यों नहीं हो सकता है।
नीलामी प्रक्रिया बेसिक शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी है। वह निर्माण में नई ईंटों के साथ पुरानी ईंटों को भी लगवा रहे हैं। एसडीएम का नोटिस उन्हें नहीं मिला है। जब नोटिस प्राप्त होगा तब जवाब दिया जाएगा। डीपीआरओ अमित कुमार त्यागी ने बताया आपरेशन कायाकल्प में स्कूल या सरकारी भवन की मरम्मत व रंगरोगन कराया जा सकता है। निर्माण का प्राविधान नहीं है। ग्राम निधि से स्कूल भवन का निर्माण कराए जाने के सवाल पर वह भी चुप्पी साध गए।