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परिजन ही निकले सविता के हत्यारे
अमर उजाला ब्यूरो/फर्रुखाबाद
Updated Thu, 08 Sep 2016 11:04 PM IST
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पुलिस ने मृतका के तीन भाइयों, चाचा सहित पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।
- फोटो : अमर उजाला
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थाना राजेपुर के गांव नगला घाघ में आठ दिन पहले हुई सविता की आनर किलिंग हुई थी। पुलिस ने मृतका के तीन भाइयों, चाचा सहित पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।
राजेपुर थाना क्षेत्र के नगला घाघ निवासी सविता एक सितंबर 2016 को अपनी बहन के मौसेरे देवर मेरापुर थाना क्षेत्र के मुरान गांव निवासी अनिल पुत्र मुंशीलाल के साथ चली गई थी। सविता की मां ने इस संबंध में अनिल एवं उसके दोस्त सुदेश के खिलाफ उसे बहला फुसलाकर साथ ले जाने की रिपोर्ट दर्ज कराई।
चार सितंबर को सविता का शव नगला घाघ गांव में मिला। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर मामले की पड़ताल की । पूछताछ में सविता का भाई बयान बदलने लगा। इस पर पुलिस को शक हुआ। कड़ाई से पूछताछ की तो मामला आनर किलिंग का निकला।
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पुलिस के मुताबिक सविता के मुरान गांव जाने की जानकारी पर उसके चाचा राजाराम और भाई विनोद कुमार, शिवम और प्रमोद तथा परिवारी दिनेश कुमार भी वहां पहुंचे। इन सबको देखकर अनिल घर से भाग गया। सविता के चाचा व भाई उसे अपने साथ घर ले आ रहे थे।
गांव पहुंचने से पहले सविता ने दोबारा अनिल के साथ रहने की जिद की तो गुस्साए उसके भाई व चाचा ने गांव के ही पास ज्वार के खेत में ले गए और गला घोंटकर मार डाला । शिनाख्त छिपाने के लिए उसके चेहरे पर तेजाब डाल दिया। इसके बाद चुपचाप घर चले गए। पुलिस ने जब परिवारीजनों से पूछताछ की तो मामला खुल गया।
इस पर सविता के भाई विनोद कुमार, शिवम, प्रमोद कुमार तथा चाचा राजाराम व परिजन दिनेश को गिरफ्तार कर लिया। गुरुवार को प्रभारी एसपी अशोक कुमार ने पूरे मामले का खुलासा किया
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राजेपुर थाना क्षेत्र के नगला घाघ निवासी सविता एक सितंबर 2016 को अपनी बहन के मौसेरे देवर मेरापुर थाना क्षेत्र के मुरान गांव निवासी अनिल पुत्र मुंशीलाल के साथ चली गई थी। सविता की मां ने इस संबंध में अनिल एवं उसके दोस्त सुदेश के खिलाफ उसे बहला फुसलाकर साथ ले जाने की रिपोर्ट दर्ज कराई।
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चार सितंबर को सविता का शव नगला घाघ गांव में मिला। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर मामले की पड़ताल की । पूछताछ में सविता का भाई बयान बदलने लगा। इस पर पुलिस को शक हुआ। कड़ाई से पूछताछ की तो मामला आनर किलिंग का निकला।
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पुलिस के मुताबिक सविता के मुरान गांव जाने की जानकारी पर उसके चाचा राजाराम और भाई विनोद कुमार, शिवम और प्रमोद तथा परिवारी दिनेश कुमार भी वहां पहुंचे। इन सबको देखकर अनिल घर से भाग गया। सविता के चाचा व भाई उसे अपने साथ घर ले आ रहे थे।
गांव पहुंचने से पहले सविता ने दोबारा अनिल के साथ रहने की जिद की तो गुस्साए उसके भाई व चाचा ने गांव के ही पास ज्वार के खेत में ले गए और गला घोंटकर मार डाला । शिनाख्त छिपाने के लिए उसके चेहरे पर तेजाब डाल दिया। इसके बाद चुपचाप घर चले गए। पुलिस ने जब परिवारीजनों से पूछताछ की तो मामला खुल गया।
इस पर सविता के भाई विनोद कुमार, शिवम, प्रमोद कुमार तथा चाचा राजाराम व परिजन दिनेश को गिरफ्तार कर लिया। गुरुवार को प्रभारी एसपी अशोक कुमार ने पूरे मामले का खुलासा किया