{"_id":"6a889bb76d1e809c24098f04","slug":"sanjeev-pariya-died-in-jail-just-four-months-after-action-was-taken-against-him-under-the-gangsters-act-farrukhabad-news-c-222-1-frk1012-147295-2026-08-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Farrukhabad News: गैंगस्टर की कार्रवाई के चार माह बाद ही संजीव पारिया की जेल में हो गई थी मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Farrukhabad News: गैंगस्टर की कार्रवाई के चार माह बाद ही संजीव पारिया की जेल में हो गई थी मौत
विज्ञापन
फर्रुखाबाद। गैंगस्टर की कार्रवाई के चार माह बाद ही संजीव पारिया की शाहजहांपुर जेल में मौत हो गई थी। वहीं अधिवक्ता शिवप्रताप सिंह चीनू को 39 दिन जेल में रहना पड़ा था।
16 जुलाई 2023 को अधिवक्ता राजीव बाजपेई ने संजीव पारिया, डॉ. अनुपम दुबे व शिवप्रताप सिंह चीनू के खिलाफ फतेहगढ़ कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। बार एसोसिएशन की अधिवक्ता निधि के पांच करोड़ रुपये का गबन करने, अकारण हड़ताल कर वादकारियों, न्यायिक व प्रशासनिक अधिकारियों को परेशान करने का आरोप लगाया था। साथ ही कोर्ट परिसर में बम धमाके कर जान से मारने का प्रयास का उल्लेख किया था।
इसके बाद ही संजीव पारिया की मुश्किलें बढ़नी शुरू हो गई थीं। पुलिस ने 13 नवंबर 2023 को संजीव पारिया को गिरफ्तार जेल भेज दिया था। इसके दस दिन बाद ही उन्हें शाहजहांपुर जेल स्थानांतरित कर दिया था। शिव प्रताप सिंह चीनू एफआईआर के खिलाफ हाईकोर्ट चले गए थे। वहां से उन्हें चार्जशीट दाखिल किए जाने तक कोई कार्रवाई न किए जाने की राहत मिल गई थी। अनुपम दुबे पहले से ही अन्य मामलों में जेल में थे। इसके चलते पुलिस ने तेजी से विवेचना कर चार्जशीट दाखिल कर दी थी। इस पर शिवप्रताप सिंह चीनू फिर हाईकोर्ट गए पर वहां से राहत नहीं मिली।
विज्ञापन
वह बताते हैं कि इस गैंगस्टर की कार्रवाई के चलते उन्हें 39 दिन जेल में रहना पड़ा। उधर, गैंगस्टर की कार्रवाई के बाद पुलिस ने संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई शुरू कर दी थी। इस गैंगस्टर की कार्रवाई के बाद 18 जून 2024 को शाहजहांपुर की जेल में संजीव पारिया की मौत हो गई थी। उनकी उम्र 63 वर्ष थी।
विज्ञापन
16 जुलाई 2023 को अधिवक्ता राजीव बाजपेई ने संजीव पारिया, डॉ. अनुपम दुबे व शिवप्रताप सिंह चीनू के खिलाफ फतेहगढ़ कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। बार एसोसिएशन की अधिवक्ता निधि के पांच करोड़ रुपये का गबन करने, अकारण हड़ताल कर वादकारियों, न्यायिक व प्रशासनिक अधिकारियों को परेशान करने का आरोप लगाया था। साथ ही कोर्ट परिसर में बम धमाके कर जान से मारने का प्रयास का उल्लेख किया था।
विज्ञापन
इसके बाद ही संजीव पारिया की मुश्किलें बढ़नी शुरू हो गई थीं। पुलिस ने 13 नवंबर 2023 को संजीव पारिया को गिरफ्तार जेल भेज दिया था। इसके दस दिन बाद ही उन्हें शाहजहांपुर जेल स्थानांतरित कर दिया था। शिव प्रताप सिंह चीनू एफआईआर के खिलाफ हाईकोर्ट चले गए थे। वहां से उन्हें चार्जशीट दाखिल किए जाने तक कोई कार्रवाई न किए जाने की राहत मिल गई थी। अनुपम दुबे पहले से ही अन्य मामलों में जेल में थे। इसके चलते पुलिस ने तेजी से विवेचना कर चार्जशीट दाखिल कर दी थी। इस पर शिवप्रताप सिंह चीनू फिर हाईकोर्ट गए पर वहां से राहत नहीं मिली।
विज्ञापन
वह बताते हैं कि इस गैंगस्टर की कार्रवाई के चलते उन्हें 39 दिन जेल में रहना पड़ा। उधर, गैंगस्टर की कार्रवाई के बाद पुलिस ने संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई शुरू कर दी थी। इस गैंगस्टर की कार्रवाई के बाद 18 जून 2024 को शाहजहांपुर की जेल में संजीव पारिया की मौत हो गई थी। उनकी उम्र 63 वर्ष थी।