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आरटीई : बेहतर स्कूली शिक्षा का ख्वाब रहा टूट, सरकारी योजनाओं पर भारी है रसूख

Thu, 26 Dec 2024 11:14 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 26 Dec 2024 11:14 PM IST
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RTE: The dream of better school education is shattered, influence is heavy on government schemes
फर्रुखाबाद। बेहतर स्कूल में दाखिले का ख्वाब सजाए सैंकड़ों गरीब परिवारों को आरटीई योजना के तहत लाभ नहीं मिल पा रहा है। आरटीई चयन के पहले चरण में संपन्न परिवारों के बच्चों को चयन किया गया। वहीं, जरूरतमंद गरीबों के बच्चे आज भी अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी की पड़ताल में चौकाने वाले तथ्य सामने आए। इसमें मेडिकल स्टोर और फोटो कॉपी की दुकान पर काम करने वाले आर्थिक कमजोर वर्ग के बच्चों का अच्छे स्कूलों में एडमीशन कराने का सपना तार-तार हो गया। वहीं, समृद्धशाली सरकारी शिक्षक के बच्चों का चयन, आरटीई के तहत करवा लिया गया।
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शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत पहले चरण की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है, लेकिन इसमें अधिकतर ऐसे बच्चों का चयन किया गया जो संपन्न परिवारों से हैं। आरटीई के तहत कॉन्वेंट स्कूलों में 25 प्रतिशत सीटें गरीब व निर्बल वर्ग के लोगों के लिए आरक्षित होती हैं। मगर दलालों के सक्रिय रहने से इसका लाभ संपन्न लोगों को ही मिल पाता है। दलाल विभागीय कर्मचारियों से संपर्क कर आरटीई में खेल करते हैं। 24 दिसंबर को आरटीई का पहला चरण समाप्त हुआ तो ज्यादातर संपन्न परिवार के लोगों के बच्चों के ही चयन हुए। विभागीय सूत्रों ने बताया कि भोलेपुर स्थित एक मेडिकल स्टोर संचालक व जेएनवी रोड निवासी एक सरकारी स्कूल के शिक्षक ने सांठगांठ कर अपने बच्चे का चयन करवा लिया। विभागीय अधिकारी यह कहकर पल्ला झाड़ रहे हैं कि आय प्रमाण पत्र के आधार पर आवेदनों का सत्यापन कर चयन किया गया है। अगर जिला प्रशासन आरटीई में हुए दाखिलों की ठीक से जांच करे तो बड़ा भंडाफोड़ हो सकता है।
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केस - एक



मोहल्ला ग्वालटोली निवासी सुबोध बाथम एक फोटो स्टेट दुकान पर काम करते हैं। उन्होंने बताया कि पुत्र शौर्य बाथम के प्रवेश के लिए आरटीई के तहत आवेदन किया था। ब्लू वेल स्कूल डाला था। 24 दिसंबर को उन्हें जानकारी हुई कि उनके बच्चे का प्रवेश नहीं हुआ।
केस - दो
मोहल्ला बिर्राबाग निवासी नारायन सिंह ने बताया कि वे पांचाल घाट स्थित एक मेडिकल स्टोर पर नौकरी करते हैं। मोहल्ले के पास स्थित गुरुकुल वर्ल्ड स्कूल में पुत्री दिव्यांशा के प्रवेश के लिए आरटीई में आवेदन किया था। मगर यह कहकर मना कर दिया गया कि सीट फुल हो गई है। अगली बार आवेदन करना।



‘आरटीई में चयन के लिए एक लाख का आय प्रमाण पत्र माना जाता है। आय प्रमाण पत्र के आधार पर ही चयन होता है। जो बच्चे चयनित हुए हैं, उनका सत्यापन दोबारा करवाया जाएगा। अगर कोई अपात्र मिलता है तो उसका चयन निरस्त होगा।’ -गौतम प्रसाद, बीएसए
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