Farrukhabad: अंडमान निकोबार के यात्री से लूट, पुलिस ने खंगाले सीसीटीवी, सीओ सिटी बोले- भाषा समझने में दिक्कत
Farrukhabad Crime: सीओ सिटी ने बताया कि यात्री रेलवे स्टेशन से ई-रिक्शा में बैठा था। रास्ते में पेशाब के लिए उतरा। ई-रिक्शा चालक बैग लेकर चला गया। उसमें क्या था, यात्री की भाषा ही समझ में नहीं आ रही थी। वह बरेली जाने की बात कह रहा था। कुछ रुपये उसकी जेब में थे। उसे भेज दिया गया है।
विस्तार
फर्रुखाबाद जिले में अंडमान निकोबार से बरेली जा रहे एक यात्री को रेलवे स्टेशन से ई-रिक्शा पर बैठा कर लूट लिया गया। पीड़ित ने कई घंटे बाद कोतवाली में सूचना दी तो सीओ सिटी समेत दो थानों की पुलिस ने रेलवे स्टेशन से साहबगंज चौराहे तक सीसीटीवी कैमरे खंगाले।
कई बार की पूछताछ के बाद भी पुलिस भाषा समझने में नाकाम रही। उसने कोई लिखा पढ़ी नहीं कराई। बाद में पुलिस उसे स्टेशन तक छोड़ आई। अंडमान निकोबार निवासी एसएस मूर्ति (40) सोमवार सुबह करीब चार बजे लखनऊ से स्थानीय स्टेशन पर ट्रेन से उतरा।
यहां से उसने बरेली जाने के लिए बस अड्डा तक के लिए ई-रिक्शा किया। बताया जाता है कि ई-रिक्शा चालक उसे घुमाते हुए साहबगंज चौराहे से अंगूरीबाग की ओर ले गया। वहां उसके पास से 29 हजार रुपये, मोबाइल, बैग आदि ले लिया। सुबह आठ बजे के करीब यात्री कोतवाली पहुंचा।
कई टीमों ने सीसीटीवी कैमरे खंगाले
थाने में दो घंटे तक पूछताछ के बाद सीओ सिटी प्रदीप सिंह, कोतवाल भोलेंद्र चतुर्वेदी, कादरीगेट थानाध्यक्ष विनोद शुक्ला के साथ उसे रेलवे स्टेशन ले जाया गया। वहां से रेलवे रोड, लोहाई रोड, साहबगंज चौराहे तक कई टीमों ने सीसीटीवी कैमरे खंगाले। कुछ कैमरों में नीले रंग का ई-रिक्शा जाता दिखाई दिया।
टूटी-फूटी अंग्रेजी में सामान की जानकारी दी
पीड़ित की भाषा समझ में नहीं आ रही थी। हालांकि टूटी-फूटी अंग्रेजी में उसने सामान की जानकारी दी। दोपहर में कोतवाली में खाना खिलाने के बाद उसे कोतवाल भोलेंद्र चतुर्वेदी रेलवे स्टेशन तक छोड़ आए। उन्होंने बताया कि उसकी भाषा समझ नहीं आ रही थी। काफी प्रयास के बाद भी कुछ पता नहीं चलने से घटना संदिग्ध लग रही है। लिहाजा वह बिना तहरीर दिए ही लौट गया।
सुबह काली और जाते वक्त पहना नया स्वेटर
सुबह पुलिस के साथ जब सीसीटीवी कैमरे खंगाले जा रहे थे, तब पीड़ित काली टीशर्ट पहने था। मगर जब पुलिस उसे रेलवे स्टेशन छोड़ने गई, तो वह एक लाइनदार स्वेटर पहने दिखा। इससे साफ है कि उसके कपड़े भी गायब हो गए। लिहाजा पुलिस ने सर्दी से बचाने के लिए उसे स्वेटर उपलब्ध कराया।
यात्री रेलवे स्टेशन से ई-रिक्शा में बैठा था। रास्ते में पेशाब के लिए उतरा। ई-रिक्शा चालक बैग लेकर चला गया। उसमें क्या था, यात्री की भाषा ही समझ में नहीं आ रही थी। वह बरेली जाने की बात कह रहा था। कुछ रुपये उसकी जेब में थे। उसे भेज दिया गया है। -प्रदीप सिंह, सीओ सिटी, फर्रुखाबाद