{"_id":"6abffda5999bfa01e4071219","slug":"robbery-accused-absconding-for-30-years-arrested-from-firozabad-farrukhabad-news-c-22-1-sknp1018-111988-2026-10-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Farrukhabad News: 30 साल से फरार लूट का आरोपी फिरोजाबाद से गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Farrukhabad News: 30 साल से फरार लूट का आरोपी फिरोजाबाद से गिरफ्तार
विज्ञापन
फोटो-45 पुलिस गिरफ्त में रामवीर। स्रोत: पुलिस विभाग
फर्रुखाबाद। लूट की घटना में 30 साल से फरार चल रहे भगोड़ा घोषित अपराधी को जहानगंज पुलिस ने फिरोजाबाद के एका क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। वह घटना को अंजाम देने के बाद से पहचान छिपाकर रह रहा था। पुलिस भी इसे भगोड़ा घोषित कर चुकी थी। अब उसे अदालत में पेश किया, जहां से न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
जहानगंज थाना क्षेत्र के गांव जहांगीरपुर निवासी मोहम्मद फयाज खां से एक सितंबर 1996 को तमंचा दिखाकर बदमाशों ने 10,500 रुपये, घड़ी लूट ली थी। इसमें गांव के ही ताहिर खां व दो अज्ञात पर प्राथमिकी दर्ज कर ली थी। जांच के दौरान घटना में शामिल रामवीर और पन्नालाल का नाम भी प्रकाश में आया। पन्नालाल कोर्ट से बरी और रामवीर फरार हो गया। पुलिस ने कई बार रामवीर की तलाश में उसके मूल निवास जनपद फिरोजाबाद थाना एका के गांव बहबलपुर में दबिश दी, मगर पकड़ा नहीं जा सका। कोर्ट से कुर्की की भी कार्रवाई हो चुकी थी। पांच नवंबर 2024 को अदालत ने रामवीर के खिलाफ स्थायी गैरजमानती वारंट जारी किया था। इसके बाद रामवीर कई साल तक पहचान छिपाकर दिल्ली में नौकरी करता रहा। एएसपी गिरीश कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस टीम ने रामवीर के गांव के आसपास कई गांवों के लोगों से जानकारी हासिल की।
इसी दौरान पता चला कि उसकी पत्नी की मौत हो चुकी है। वह चार साल पहले दिल्ली छोड़कर फिरोजाबाद के थाना व कस्बा एका में अपने बच्चों के साथ मकान बनवाकर रहने लगा है। जहानगंज प्रभारी थानाध्यक्ष राकेश कुमार सिंह ने बताया कि कई दिन के प्रयास के बाद रामवीर को गिरफ्तार कर लिया। उसे अदालत में पेश किया, वहां से न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
जहानगंज थाना क्षेत्र के गांव जहांगीरपुर निवासी मोहम्मद फयाज खां से एक सितंबर 1996 को तमंचा दिखाकर बदमाशों ने 10,500 रुपये, घड़ी लूट ली थी। इसमें गांव के ही ताहिर खां व दो अज्ञात पर प्राथमिकी दर्ज कर ली थी। जांच के दौरान घटना में शामिल रामवीर और पन्नालाल का नाम भी प्रकाश में आया। पन्नालाल कोर्ट से बरी और रामवीर फरार हो गया। पुलिस ने कई बार रामवीर की तलाश में उसके मूल निवास जनपद फिरोजाबाद थाना एका के गांव बहबलपुर में दबिश दी, मगर पकड़ा नहीं जा सका। कोर्ट से कुर्की की भी कार्रवाई हो चुकी थी। पांच नवंबर 2024 को अदालत ने रामवीर के खिलाफ स्थायी गैरजमानती वारंट जारी किया था। इसके बाद रामवीर कई साल तक पहचान छिपाकर दिल्ली में नौकरी करता रहा। एएसपी गिरीश कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस टीम ने रामवीर के गांव के आसपास कई गांवों के लोगों से जानकारी हासिल की।
विज्ञापन
इसी दौरान पता चला कि उसकी पत्नी की मौत हो चुकी है। वह चार साल पहले दिल्ली छोड़कर फिरोजाबाद के थाना व कस्बा एका में अपने बच्चों के साथ मकान बनवाकर रहने लगा है। जहानगंज प्रभारी थानाध्यक्ष राकेश कुमार सिंह ने बताया कि कई दिन के प्रयास के बाद रामवीर को गिरफ्तार कर लिया। उसे अदालत में पेश किया, वहां से न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
विज्ञापन