{"_id":"68adfac863ab7c6a960a6797","slug":"roads-are-being-cut-off-due-to-the-speed-of-floods-people-are-moving-around-risking-their-lives-without-any-hindrance-farrukhabad-news-c-222-1-frk1001-128905-2025-08-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Farrukhabad News: बाढ़ के तेज वेग से कट रहीं सड़कें, बेरोकटोक जान जोखिम में डालकर निकल रहे लोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Farrukhabad News: बाढ़ के तेज वेग से कट रहीं सड़कें, बेरोकटोक जान जोखिम में डालकर निकल रहे लोग
Tue, 26 Aug 2025 11:49 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
Updated Tue, 26 Aug 2025 11:49 PM IST
विज्ञापन
फोटो-32, पांचाल घाट गंगा पुल के सभी कुओं से बहती गंगा की धारा। संवाद
फर्रुखाबाद। बाढ़ का पानी तेज गति से सड़कों पर बह रहा है। पानी के वेग से सड़के कट रहीं हैं। सड़कों पर तीन फीट से अधिक पानी भरा होने के बाद भी कोई पुलिसकर्मी रोकथाम के लिए नहीं लगाया गया। लोग बेरोकटोक पानी में अपना वाहन निकालने की हिमाकत कर रहे हैं। पानी के तेज वेग से जहां रिहायशी क्षेत्रों में जल जमाव हो रहा है, वहीं तेजी से कटान के चलते लोग डरे हुए हैं।
गंगा और रामगंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी और गिरावट लगातार जारी है। जहां एक ओर गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 25 सेमी ऊपर बह रहा है, वहीं रामगंगा का जलस्तर तेजी से नीचे लुढक रहा है। गंगा का जलस्तर 137.35 मीटर और रामगंगा का जलस्तर 135.70 मीटर पर पहुंच गया है। गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी और तेज बहाव के चलते अब सड़कों पर भी तेज गति से पानी की धार चल निकली है। जगह-जगह सड़कें कटने से घटनाएं होने लगीं हैं। राजेपुर-बदायूं मार्ग पर चित्रकूट डिप पर तेज बहाव और बढ़ते जलस्तर को देखते हुए डीएम के निर्देश पर बैरिकेडिंग कराई गई थी। पुलिस को बैरिकेडिंग के दोनों ओर सुरक्षा के लिए मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए थे।
कुछ दिन तो पुलिस बैरिकेडिंग के पास रही। अब वहां पर किसी के न होने से लोग करीब तीन फीट से ज्यादा और तेज गति से बह रहे पानी के बीच अपना वाहन निकालने का प्रयास कर रहे हैं। स्थानीय लोगों के मना करने के बावजूद भी बाहर से आने वाले लोग बात नहीं मानते। रविवार को बदायूं जनपद से आ रही एक कार इंजन तक पानी में डूब गई। गनीतम रही कि चालक ने कार का नियंत्रण नहीं खोया, नहीं तो अनहोनी होने से इंकार नहीं किया जा सकता था। ऐसे ही हालात कंपिल-बदायूं और शमसाबाद-शाहजहांपुर मार्ग के हैं।
विज्ञापन
प्रशासन बाढ़ के कारण 57 सड़कों के कटने का दावा कर रहा है। लेकिन हकीकत इससे परे है। बाढ़ में फंसे लोग ईंधन समाप्त होने और पशुओं के चारे के लिए करीब 10 किलोमीटर की दौड़ लगा रहे हैं। सड़कों पर भरे पानी में जान जोखिम में डालकर निकल रहे लोगों के प्रति प्रशासन का कोई ध्यान नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन की ओर से बांटी गई राहत किट का राशन भी समाप्त हो चुका है। स्वास्थय टीम के गांव में न पहुंचने से झोलाछाप से दवा लेने की मजबूरी है। मंगलवार को नरौरा बांध से गंगा में 143514, रामगंगा में 9504 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।
विज्ञापन
गंगा और रामगंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी और गिरावट लगातार जारी है। जहां एक ओर गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 25 सेमी ऊपर बह रहा है, वहीं रामगंगा का जलस्तर तेजी से नीचे लुढक रहा है। गंगा का जलस्तर 137.35 मीटर और रामगंगा का जलस्तर 135.70 मीटर पर पहुंच गया है। गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी और तेज बहाव के चलते अब सड़कों पर भी तेज गति से पानी की धार चल निकली है। जगह-जगह सड़कें कटने से घटनाएं होने लगीं हैं। राजेपुर-बदायूं मार्ग पर चित्रकूट डिप पर तेज बहाव और बढ़ते जलस्तर को देखते हुए डीएम के निर्देश पर बैरिकेडिंग कराई गई थी। पुलिस को बैरिकेडिंग के दोनों ओर सुरक्षा के लिए मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए थे।
विज्ञापन
कुछ दिन तो पुलिस बैरिकेडिंग के पास रही। अब वहां पर किसी के न होने से लोग करीब तीन फीट से ज्यादा और तेज गति से बह रहे पानी के बीच अपना वाहन निकालने का प्रयास कर रहे हैं। स्थानीय लोगों के मना करने के बावजूद भी बाहर से आने वाले लोग बात नहीं मानते। रविवार को बदायूं जनपद से आ रही एक कार इंजन तक पानी में डूब गई। गनीतम रही कि चालक ने कार का नियंत्रण नहीं खोया, नहीं तो अनहोनी होने से इंकार नहीं किया जा सकता था। ऐसे ही हालात कंपिल-बदायूं और शमसाबाद-शाहजहांपुर मार्ग के हैं।
विज्ञापन
प्रशासन बाढ़ के कारण 57 सड़कों के कटने का दावा कर रहा है। लेकिन हकीकत इससे परे है। बाढ़ में फंसे लोग ईंधन समाप्त होने और पशुओं के चारे के लिए करीब 10 किलोमीटर की दौड़ लगा रहे हैं। सड़कों पर भरे पानी में जान जोखिम में डालकर निकल रहे लोगों के प्रति प्रशासन का कोई ध्यान नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन की ओर से बांटी गई राहत किट का राशन भी समाप्त हो चुका है। स्वास्थय टीम के गांव में न पहुंचने से झोलाछाप से दवा लेने की मजबूरी है। मंगलवार को नरौरा बांध से गंगा में 143514, रामगंगा में 9504 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।