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Farrukhabad News: गंगा का जलस्तर बढ़ने से घाटों पर संकट
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फोटो-19 गंगा जलस्तर बढ़ने से ढाईघाट पर गंगा पुत्रों के तख्तों तक पहुंचा पानी। संवाद
फर्रुखाबाद/शमसाबाद। नरौरा बांध से पानी छोड़े जाने से गंगा का जलस्तर बढ़ गया है। इसका असर पांचाल व ढाई घाट पर नजर आ रहा है। ढाई घाट पर गंगा पुत्रों के तख्तों तक पानी पहुंच गया। दो दिन पूर्व एएसपी ने निरीक्षण के दौरान मुख्यधारा से दूर राउटी लगाने के निर्देश दिए थे लेकिन श्रद्धालु व साधु-संत ध्यान नहीं दे रहे हैं। इससे अब और पानी बढ़ने पर संकट गहरा सकता है। इधर पांचाल घाट पर कटान तेजी से हो रहा है। इससे यहां गंगा पुत्र अपने तख्त आदि नहीं लगा पा रहे हैं। पंटून पुल के एप्रोच मार्ग पर भी पानी भर गया है।
ढाई घाट स्थित गंगा तट पर इन दिनों में मेले की तैयारी चल रही है। इसके लिए वहां श्रद्धालु व साधु-संत आने लगे हैं। वह अपनी राउटी लगा रहे हैं। इस बीच शुक्रवार से गंगा का जलस्तर बढ़ना शुरू हो गया है। इससे घाटों पर बने स्नान गृहों और गंगा पुत्रों के पड़े तख्तों तक पानी पहुंच गया है। घाटों पर रहने वाले गंगा पुत्र चिंतित हैं।
स्थिति को देखते हुए दो दिन पूर्व अपर पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने गंगा की मुख्य धारा से अलग सुरक्षित स्थान पर झोपड़ी और श्रद्धालुओं की राउटी लगाने के निर्देश दिए थे, ताकि किसी भी प्रकार की समस्या न हो। इसके बावजूद कई साधु-संतों ने अपनी राउटी व झोपड़ियां नहीं हटाई हैं। इससे घाट क्षेत्र में भीड़ लगातार बढ़ती जा रही है।
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बढ़ती भीड़ और जलस्तर से किसी भी समय हादसे की आशंका बनी हुई है। आवागमन सही से होता रहे इसके लिए जेसीबी से पानी में मिट्टी डाली जा रही है, ताकि अस्थायी रास्ता तैयार किया जा सके। प्रशासन की ओर से लगातार अपील की जा रही है कि साधु-संत और श्रद्धालु सुरक्षित स्थानों पर ही ठहरें। इसके बाद भी साधु-संत व कल्पवासी ध्यान नहीं दे रहे हैं। यदि गंगा का जलस्तर और बढ़ा तो घाट क्षेत्र में हालात और गंभीर हो सकते हैं।
सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता दुर्ण कुमार ने बताया कि माघ मेले के चलते गंगा में पानी छोड़ा जा रहा है। शनिवार को नरौरा बांध से छह हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इससे गंगा का जलस्तर बढ़ा है।
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ढाई घाट स्थित गंगा तट पर इन दिनों में मेले की तैयारी चल रही है। इसके लिए वहां श्रद्धालु व साधु-संत आने लगे हैं। वह अपनी राउटी लगा रहे हैं। इस बीच शुक्रवार से गंगा का जलस्तर बढ़ना शुरू हो गया है। इससे घाटों पर बने स्नान गृहों और गंगा पुत्रों के पड़े तख्तों तक पानी पहुंच गया है। घाटों पर रहने वाले गंगा पुत्र चिंतित हैं।
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स्थिति को देखते हुए दो दिन पूर्व अपर पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने गंगा की मुख्य धारा से अलग सुरक्षित स्थान पर झोपड़ी और श्रद्धालुओं की राउटी लगाने के निर्देश दिए थे, ताकि किसी भी प्रकार की समस्या न हो। इसके बावजूद कई साधु-संतों ने अपनी राउटी व झोपड़ियां नहीं हटाई हैं। इससे घाट क्षेत्र में भीड़ लगातार बढ़ती जा रही है।
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बढ़ती भीड़ और जलस्तर से किसी भी समय हादसे की आशंका बनी हुई है। आवागमन सही से होता रहे इसके लिए जेसीबी से पानी में मिट्टी डाली जा रही है, ताकि अस्थायी रास्ता तैयार किया जा सके। प्रशासन की ओर से लगातार अपील की जा रही है कि साधु-संत और श्रद्धालु सुरक्षित स्थानों पर ही ठहरें। इसके बाद भी साधु-संत व कल्पवासी ध्यान नहीं दे रहे हैं। यदि गंगा का जलस्तर और बढ़ा तो घाट क्षेत्र में हालात और गंभीर हो सकते हैं।
सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता दुर्ण कुमार ने बताया कि माघ मेले के चलते गंगा में पानी छोड़ा जा रहा है। शनिवार को नरौरा बांध से छह हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इससे गंगा का जलस्तर बढ़ा है।

फोटो-19 गंगा जलस्तर बढ़ने से ढाईघाट पर गंगा पुत्रों के तख्तों तक पहुंचा पानी। संवाद