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कानपुर से आए आरआई ने खोला एआरटीओ कार्यालय का ताला

Wed, 11 Sep 2019 05:57 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 11 Sep 2019 05:57 PM IST
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RI from Kanpur opened the lock
अधिकारियों व कर्मचारियों के अवकाश पर जाने से सोमवार को एआरटीओ कार्यालय का ताला नहीं खुल सका। मंगलवार को मोहर्रम की छुट्टी के बाद बुधवार को कानपुर के आरआई को भेजकर कार्यालय का ताला खुलवाया गया। पीटीओ अवकाश से आ गए पर कोई कर्मचारी नहीं आया। सेवा प्रदाता कंपनी के कंप्यूटर आपरेटर आ गए पर ड्राइविंग लाइसेंस की केवल फोटो खींचने का ही काम हो सका। डीएम ने अतिरिक्त एसडीएम की कार्यालय में ड्यूटी लगा दी है। फोर्स तैनात रही।
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एआटीओ सुधेश तिवारी के साथ 26 अगस्त को कचहरी में मारपीट के बाद छह वकीलों पर मामला दर्ज होने, वकीलों के एआरटीओ पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाकर शासन में शिकायत करने के बाद एआरटीओ को शनिवार को लखनऊ परिवहन आयुक्त के कार्यालय में सबद्ध कर दिया गया।
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रविवार को एआरटीओ के राज्यपाल को इस्तीफा भेजने के चलते सोमवार को कार्यालय के सभी अधिकारी व कर्मचारी छुट्टी लेकर पर चले गए। इससे कार्यालय बंद रहा। एआटीओ सुधेश तिवारी का कहना था कि उन्होंने कार्यालय की चाभी आरटीओ कानपुर को भेज दी हैं। मंगलवार को मोहर्रम का अवकाश था।
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बुधवार को आरटीओ कानपुर संजय सिंह के आदेश पर कानपुर से आए आरआई रंजीत सिंह गंगवार ने एआरटीओ कार्यालय का ताला सुबह दस बजे खोल दिया। कुछ देर बाद ही अवकाश पर गए पीटीओ वीके आनंद भी आ गए। कंप्यूटर आपरेटर भी आकर काम करने लगे। कार्यालय में सभी काम ठीक से हो, इसके लिए डीएम मोनिका रानी ने अतिरिक्त एसडीएम बसंत गुप्ता की एआरटीओ कार्यालय में ड्यूटी लगा दी।
अतिरिक्त एसडीएम भी आकर बैठ गए और पीटीओ से कामकाज के बारे में जानकारी ली। उन्होंने पीटीओ से कहा की जनता का काम नहीं रुकना चाहिए। जो लोग कार्यालय आ रहे हैं उनके काम करवाएं जाएं। आरआई रंजीत सिंह गंगवार कक्ष में बैठकर लोगों की समस्याओं का निस्तारण करते रहे।
अवकाश पर गए किसी भी लिपिक व कैशियर ने वापसी नहीं की। पंजीयन के अलावा प्रवर्तन, वाहन स्थानांतरण के पटल सूने पड़े थे। लाइसेंस के पटल पर फोटो खींचने का काम चालू कर दिया गया था। आरआई ने फिटनेस के लिए आए वाहनों का भौतिक सत्यापन किया, लेकिन कोड जनरेट न होने से अन्य काम नहीं हो सके। आरआई ने बताया कि कोड चालू करवाने का प्रयास किया जा रहा है।
अन्य पटलों के कोड लिपिकों के पास हैं जो उनके लौटने पर ही मिल सकेंगे। कार्यालय में सुरक्षा को लेकर गेट पर पुलिस बल तैनात रहा। एसपी के आदेश पर सेंट्रल जेल चौकी इंचार्ज भी सिपाहियों के साथ एआरटीओ कार्यालय के गेट पर पहुंचे और बाहर खड़े वाहनों को सही से खड़ा कराया।
एआरटीओ कार्यालय में तैनात आरआई जीवनलाल गुरुवार को वापसी करेंगे। वहीं लिपिक भीम, राजेंद्र, हंसराज, कैशियर अभिषेक बुधवार को कार्यालय नहीं आए। इन लोगों ने वापसी को लेकर अब तक कोई सूचना भी नहीं दी है।
पूरे जिले में पुलिस सघन चेकिंग कर हेलमेट व कागज न होने पर वाहनों का चालान कर रही है। लोगों को भारी भरकम जुर्माना जमा करना पड़ रहा है। बुधवार को जब एआरटीओ कार्यालय का ताला खुल गया तो आवेदकों ने राहत की सांस ली लेकिन कार्यालय में शाम तक कामकाज पूरी तरह से शुरू न हो पाने से लोग बुधवार को भी मायूस होकर लौटे।
कानपुर से आए आरआई रंजीत सिंह गंगवार ने बताया कि वह कायमगंज के गांव किसरौली के रहने वाले हैं। आम जनता का दर्द समझ में आ रहा है। उन्होंने लोगों को भरोसा दिया कि एक दो दिन के अंदर सभी पटलों पर काम शुरू हो जाएगा। सबसे पहले लंबित पड़ी फाइलों का निस्तारण करवाया जाएगा।
पीटीओ वीके आनंद पर 12 जुलाई को एआरटीओ कार्यालय में घुसकर हमला कर दिया गया था। पीटीओ ने बबलू चौहान निवासी बरगदिया घाट, कुक्कू चौहान, बिल्लू दुबे निवासीगण जयनरायण वर्मा रोड, अरविंद यादव निवासी सिविल लाइन समेत आठ लोगों के खिलाफ एससीएसटी एक्ट व लूट, मारपीट कर सरकारी कार्य में बाधा का मुकदमा दर्ज कराया था।
विवेचना सीओ सिटी मन्नीलाल गौड़ को सौंपी गई। पुलिस ने दूसरे दिन ही बबलू चौहान व कुक्कू चौहान को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पुलिस ने मंगलवार रात भी बिल्लू व अरविंद के घर पर छापा मारा। एक आरोपी के पिता को हिरासत में लेकर दबाव भी बनाया था। बुधवार को बिल्लू व अरविंद ने कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। जज ने दोनों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया।

जिले से परिवहन आयुक्त के कार्यालय में संबद्ध किए गए एआरटीओ सुधेश तिवारी के बुधवार को जिले में आने की चर्चा एआरटीओ कार्यालय में फैल गई। कुछ अधिकारी कार्यालय से किसी काम से जिला मुख्यालय तक चले गए। इस पर दलालों ने खबर फैला दी कि पुराने एआरटीओ ने इन अधिकारियों को अपने आवास पर बुलाया है। एआरटीओ सुधेश तिवारी ने बताया कि वह लखनऊ में ही हैं। जिले में आने का सवाल ही नहीं उठता है।
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