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आरक्षण के लिए गांव से शहर तक हिसाब
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
Updated Wed, 12 Aug 2015 11:10 PM IST
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ग्राम पंचायत चुनाव के लिए शासन ने आरक्षण का रोस्टर जारी कर दिया है।
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ग्राम पंचायत, सदस्य ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत सदस्य और जिला पंचायत के
वार्डों में आरक्षण की अंतिम सूची 10 से 11 सितंबर तक प्रकाशित होगी।
रोस्टर जारी होने के बाद गांव से शहर तक सीटों पर आरक्षण का गुणा भाग लगाया
जाने लगा है।
आरक्षण के लिए सामान्य, अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति की 2011 की जनसंख्या को आधार माना जाएगा। पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण रैपिड सर्वे की जनसंख्या के मुताबिक होगा। सन 1995,2000, 2005, 2010 के पूर्व चक्रानुक्रम से आरक्षण की गणना अवरोही क्रम में की जाएगी। नई गठित ग्राम पंचायतें, ग्राम पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य और
जिला पंचायत सदस्यों के वार्डों के आरक्षण में यह नियम लागू नहीं होगा। इनके आरक्षण के लिए पदों के आवंटन के लिए बनाए गए अनुपातिक जनसंख्या के अवरोही क्रम उनके स्टेटस के अनुसार नए सिरे से आरक्षण व आवंटन किया जाएगा। आरक्षण के लिए उत्तर प्रदेश शासन के प्रमुख सचिव चंचल कुमार तिवारी का फरमान आने के बाद जिला पंचायत राज विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है।
आपत्तियों का निस्तारण करेगी कमेटी
आरक्षण पर आपत्तियों का निस्तारण कमेटी करेगी। इसमें डीएम अध्यक्ष, मुख्य विकास अधिकारी, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत सदस्य व जिला पंचायत राज अधिकारी सदस्य सचिव होंगे। आरक्षण प्रकाशन की तिथि से 7 दिन के अंदर प्रस्तावित आरक्षण के विरुद्ध विकास खंड कार्यालय, जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय या जिला अधिकारी कार्यालय में आपत्तियां दी जा सकेंगी।
ये है रोस्टर
24 अगस्त से 30 अगस्त तक
आरक्षित ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत तथा जिला पंचायत के आरक्षित प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों (वार्ड) के आवंटन का जिला मजिस्ट्रेट द्वारा प्रस्ताव तैयार करना।
31 अगस्त से 2 सितंबर तक
- ग्राम पंचायत के आरक्षित प्रधानों तथा ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत व जिला पंचायत के आरक्षित वार्ड के आवंटन की प्रस्तावित सूची का डीएम द्वारा प्रकाशन।
31 अगस्त से 6 सितंबर तक
-प्रस्तावों पर आपत्तियां प्राप्त करना।
7 सितंबर
- आपत्तियों का जनपद मुख्यालय पर जिला पंचायत राज अधिकारी के कार्यालय में इकट्ठा किया जाना।
तारीख: 8 सितंबर से 9 सितंबर
- आपत्तियों का परीक्षण व निस्तारण।
10 सितंबर से11 सितंबर तक
ग्राम पंचायत के प्रधानों, ग्राम पंचायतों, क्षेत्र पंचायतों व जिला पंचायतों के वार्डों की अंतिम सूची का प्रकाशन।
आरक्षण के लिए सामान्य, अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति की 2011 की जनसंख्या को आधार माना जाएगा। पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण रैपिड सर्वे की जनसंख्या के मुताबिक होगा। सन 1995,2000, 2005, 2010 के पूर्व चक्रानुक्रम से आरक्षण की गणना अवरोही क्रम में की जाएगी। नई गठित ग्राम पंचायतें, ग्राम पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य और
जिला पंचायत सदस्यों के वार्डों के आरक्षण में यह नियम लागू नहीं होगा। इनके आरक्षण के लिए पदों के आवंटन के लिए बनाए गए अनुपातिक जनसंख्या के अवरोही क्रम उनके स्टेटस के अनुसार नए सिरे से आरक्षण व आवंटन किया जाएगा। आरक्षण के लिए उत्तर प्रदेश शासन के प्रमुख सचिव चंचल कुमार तिवारी का फरमान आने के बाद जिला पंचायत राज विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है।
आपत्तियों का निस्तारण करेगी कमेटी
आरक्षण पर आपत्तियों का निस्तारण कमेटी करेगी। इसमें डीएम अध्यक्ष, मुख्य विकास अधिकारी, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत सदस्य व जिला पंचायत राज अधिकारी सदस्य सचिव होंगे। आरक्षण प्रकाशन की तिथि से 7 दिन के अंदर प्रस्तावित आरक्षण के विरुद्ध विकास खंड कार्यालय, जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय या जिला अधिकारी कार्यालय में आपत्तियां दी जा सकेंगी।
ये है रोस्टर
24 अगस्त से 30 अगस्त तक
आरक्षित ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत तथा जिला पंचायत के आरक्षित प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों (वार्ड) के आवंटन का जिला मजिस्ट्रेट द्वारा प्रस्ताव तैयार करना।
31 अगस्त से 2 सितंबर तक
- ग्राम पंचायत के आरक्षित प्रधानों तथा ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत व जिला पंचायत के आरक्षित वार्ड के आवंटन की प्रस्तावित सूची का डीएम द्वारा प्रकाशन।
31 अगस्त से 6 सितंबर तक
-प्रस्तावों पर आपत्तियां प्राप्त करना।
7 सितंबर
- आपत्तियों का जनपद मुख्यालय पर जिला पंचायत राज अधिकारी के कार्यालय में इकट्ठा किया जाना।
तारीख: 8 सितंबर से 9 सितंबर
- आपत्तियों का परीक्षण व निस्तारण।
10 सितंबर से11 सितंबर तक
ग्राम पंचायत के प्रधानों, ग्राम पंचायतों, क्षेत्र पंचायतों व जिला पंचायतों के वार्डों की अंतिम सूची का प्रकाशन।