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Farrukhabad News: जरूरत 130 की, तैनाती मात्र 30 डॉक्टरों की
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फर्रुखाबाद। पदों के सापेक्ष डॉक्टरों की भारी कमी है। इसके बावजूद डिप्टी सीएमओ सहित सात डॉक्टर मुख्यालय पर संबद्ध हैं। वे ओपीडी में सेवाएं भी नहीं दे रहे हैं। डॉक्टरों की कमी से सीएचसी की स्वास्थ्य सेवाएं बिगड़ रही हैं।
स्थायी डॉक्टरों के 130 पद सृजित हैं। इसके सापेक्ष 30 डॉक्टर ही उपलब्ध हैं। जबकि सिविल अस्पताल सहित 10 सीएचसी व ग्रामीण क्षेत्र में 28 पीएचसी हैं। शासन से आदेश हैं कि जहां डॉक्टरों की कमी है, वहां सीएमओ, एसीएमओ भी अस्पतालों में जाकर कम से कम दो-दो घंटे ओपीडी में मरीज देखेंगे। लेकिन यहां के हालात इससे अलग हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर डॉक्टरों की कमी के बावजूद मुख्यालय पर संबद्ध किए जा रहे हैं। इन दिनों मुख्यालय पर सीएमओ व एसीएमओ सहित 10 डॉक्टर हैं।
डिप्टी सीएमओ डॉ. आरसी माथुर व डॉ. दीपक कटारिया पहले से हैं। शमसाबाद सीएचसी प्रभारी डॉ. सरवर इकबाल को भी बुला लिया गया। इसके अलावा डॉ. परीक्षित सफीर प्रशासनिक सेवा में लगे हैं। कमालगंज सीएचसी प्रभारी डॉ. अजय को डीटीओ का अतिरिक्त चार्ज दे दिया गया। वहीं टीबी अस्पताल में डॉ. अनुनय कुटार व डॉ. वशिष्ठ कटियार की तैनाती है। राजेपुर सीएचसी प्रभारी डॉ. प्रमित राजपूत के 15 दिन अवकाश पर चले जाने से वहां कोई स्थायी एमबीबीएस डॉक्टर नहीं है। इससे डेंटिस्ट के पास सीएचसी का चार्ज है। शमसाबाद सीएचसी में भी मात्र एक एमबीबीएस डॉक्टर के भरोसे मेडिकोलीगल से लेकर अन्य स्वास्थ्य सेवाएं चलाई जा रही हैं।
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सीएमओ डॉ. आनंद उपाध्याय ने बताया कि मुख्यालय पर एसीएमओ व डिप्टी सीएमओ के नौ पद सृजित हैं। अभी भी प्रशासनिक कार्य देखने के लिए डॉक्टर कम हैं। सीएचसी की व्यवस्थाएं तो चल ही जाती हैं। जब पूरे जनपद में मात्र 30 डॉक्टर हैं तो कहीं न कहीं दिक्कत तो रहेगी। झोलाछाप और अमानक अस्पतालों पर शिकंजा कसना भी जरूरी है।
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स्थायी डॉक्टरों के 130 पद सृजित हैं। इसके सापेक्ष 30 डॉक्टर ही उपलब्ध हैं। जबकि सिविल अस्पताल सहित 10 सीएचसी व ग्रामीण क्षेत्र में 28 पीएचसी हैं। शासन से आदेश हैं कि जहां डॉक्टरों की कमी है, वहां सीएमओ, एसीएमओ भी अस्पतालों में जाकर कम से कम दो-दो घंटे ओपीडी में मरीज देखेंगे। लेकिन यहां के हालात इससे अलग हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर डॉक्टरों की कमी के बावजूद मुख्यालय पर संबद्ध किए जा रहे हैं। इन दिनों मुख्यालय पर सीएमओ व एसीएमओ सहित 10 डॉक्टर हैं।
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डिप्टी सीएमओ डॉ. आरसी माथुर व डॉ. दीपक कटारिया पहले से हैं। शमसाबाद सीएचसी प्रभारी डॉ. सरवर इकबाल को भी बुला लिया गया। इसके अलावा डॉ. परीक्षित सफीर प्रशासनिक सेवा में लगे हैं। कमालगंज सीएचसी प्रभारी डॉ. अजय को डीटीओ का अतिरिक्त चार्ज दे दिया गया। वहीं टीबी अस्पताल में डॉ. अनुनय कुटार व डॉ. वशिष्ठ कटियार की तैनाती है। राजेपुर सीएचसी प्रभारी डॉ. प्रमित राजपूत के 15 दिन अवकाश पर चले जाने से वहां कोई स्थायी एमबीबीएस डॉक्टर नहीं है। इससे डेंटिस्ट के पास सीएचसी का चार्ज है। शमसाबाद सीएचसी में भी मात्र एक एमबीबीएस डॉक्टर के भरोसे मेडिकोलीगल से लेकर अन्य स्वास्थ्य सेवाएं चलाई जा रही हैं।
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सीएमओ डॉ. आनंद उपाध्याय ने बताया कि मुख्यालय पर एसीएमओ व डिप्टी सीएमओ के नौ पद सृजित हैं। अभी भी प्रशासनिक कार्य देखने के लिए डॉक्टर कम हैं। सीएचसी की व्यवस्थाएं तो चल ही जाती हैं। जब पूरे जनपद में मात्र 30 डॉक्टर हैं तो कहीं न कहीं दिक्कत तो रहेगी। झोलाछाप और अमानक अस्पतालों पर शिकंजा कसना भी जरूरी है।