{"_id":"6a3d79320449839ea4003b75","slug":"recommendation-for-action-against-two-executive-engineers-for-arbitrary-transfer-posting-and-retrenchment-farrukhabad-news-c-222-1-sknp1016-144310-2026-06-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Farrukhabad News: मनमानी ट्रांसफर-पोस्टिंग व छंटनी में दो अधिशासी अभियंताओं पर कार्रवाई की संस्तुति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Farrukhabad News: मनमानी ट्रांसफर-पोस्टिंग व छंटनी में दो अधिशासी अभियंताओं पर कार्रवाई की संस्तुति
विज्ञापन
फर्रुखाबाद। बिजली विभाग में 181 आउटसोर्स कर्मियों की मनमाने तरीके से छंटनी और 80 कर्मचारियों के स्थानांतरण-पोस्टिंग में अनियमितता के मामले में कार्रवाई की संस्तुति की गई है। जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता ग्रामीण सुशील कुमार और अधिशासी अभियंता कायमगंज शिव शंकर के खिलाफ प्रबंध निदेशक को पत्र भेजा है। इस मामले में चार माह पहले एक अधीक्षण अभियंता को निलंबित किया गया था।
बिजली विभाग के अधिकारियों ने मानकों को दरकिनार कर 181 आउटसोर्स कर्मचारियों की सेवा समाप्त की थी। बिना नीति के 80 अवर अभियंता और लिपिकों का मनमाने ढंग से स्थानांतरण और पोस्टिंग की गई। सांसद मुकेश राजपूत ने यह मुद्दा जिले के प्रभारी मंत्री जयवीर सिंह के सामने समीक्षा बैठक में उठाया था। उन्होंने नियमित और आउटसोर्स कर्मचारियों के स्थानांतरण और समायोजन में नियमों के उल्लंघन की शिकायत की थी। जिलाधिकारी ने इस पर सीडीओ की अध्यक्षता में चार सदस्यीय जांच समिति का गठन किया। समिति ने पत्रावलियों की जांच की। इसमें स्थानांतरण, प्रतिस्थापन और समायोजन में नियमों का उल्लंघन पाया गया। अधिकारियों ने पर्याप्त अभिलेखीय साक्ष्य उपलब्ध नहीं कराए। जांच समिति ने अनियमितताओं की आख्या जिलाधिकारी को सौंपी। जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने बताया कि दोषी पाए गए अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की संस्तुति की गई है।
पूर्व अधीक्षण अभियंता पर भी कार्रवाई
तत्कालीन अधीक्षण अभियंता अजय कुमार को 11 फरवरी को ही निलंबित किया जा चुका है। उन पर करीबियों को टेंडर देने और बिरादरीवाद के आरोप लगे थे। सवर्ण कर्मचारियों को ग्रामीण क्षेत्र में और सजातीय को शहर में तैनात करने के भी आरोप थे। आउटसोर्स कर्मचारियों की छंटनी में पक्षपात के आरोप भी जांच में सही पाए गए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
बिजली विभाग के अधिकारियों ने मानकों को दरकिनार कर 181 आउटसोर्स कर्मचारियों की सेवा समाप्त की थी। बिना नीति के 80 अवर अभियंता और लिपिकों का मनमाने ढंग से स्थानांतरण और पोस्टिंग की गई। सांसद मुकेश राजपूत ने यह मुद्दा जिले के प्रभारी मंत्री जयवीर सिंह के सामने समीक्षा बैठक में उठाया था। उन्होंने नियमित और आउटसोर्स कर्मचारियों के स्थानांतरण और समायोजन में नियमों के उल्लंघन की शिकायत की थी। जिलाधिकारी ने इस पर सीडीओ की अध्यक्षता में चार सदस्यीय जांच समिति का गठन किया। समिति ने पत्रावलियों की जांच की। इसमें स्थानांतरण, प्रतिस्थापन और समायोजन में नियमों का उल्लंघन पाया गया। अधिकारियों ने पर्याप्त अभिलेखीय साक्ष्य उपलब्ध नहीं कराए। जांच समिति ने अनियमितताओं की आख्या जिलाधिकारी को सौंपी। जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने बताया कि दोषी पाए गए अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की संस्तुति की गई है।
विज्ञापन
पूर्व अधीक्षण अभियंता पर भी कार्रवाई
तत्कालीन अधीक्षण अभियंता अजय कुमार को 11 फरवरी को ही निलंबित किया जा चुका है। उन पर करीबियों को टेंडर देने और बिरादरीवाद के आरोप लगे थे। सवर्ण कर्मचारियों को ग्रामीण क्षेत्र में और सजातीय को शहर में तैनात करने के भी आरोप थे। आउटसोर्स कर्मचारियों की छंटनी में पक्षपात के आरोप भी जांच में सही पाए गए थे।
विज्ञापन