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Farrukhabad News: लाखों का मिला पुरस्कार, खर्च करने का शासनादेश नहीं
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फर्रुखाबाद। मुख्यमंत्री पंचायत पुरस्कार योजना में शासन से ग्राम पंचायतों को लाखों रुपये मिलने के बावजूद शासनादेश न आने से खर्च नहीं हो पा रहा है। इससे यह धनराशि ग्राम पंचायतों में डंप है। कार्यकाल का एक माह शेष रह जाने से धनराशि खर्च करने के लिए प्रधान चिंतित हैं।
जनपद में 580 ग्राम पंचायतें हैं। इनमें बेहतर काम करने वाली पांच ग्राम पंचायतों का चयन किया गया है। कार्य की ऑनलाइन फीडिंग प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पाने वाले को 35 लाख रुपये, द्वितीय को 30 लाख, तृतीय को 20 लाख, चतुर्थ को 15 लाख व पंचम पुरस्कार में 10 लाख रुपये शासन से ग्राम पंचायतों को भेज दिए गए। पुरस्कार की धनराशि ग्राम पंचायत में सद्भावना पार्क, बाजार, विज्ञान भवन निर्माण, कॉमन फैसिलिटी सेंटर, मिनी खेल स्टेडियम, रोजगार प्रशिक्षण केंद्र, अंत्येष्टि स्थल, आरोग्य केंद्र, भंडारण गृह, स्मार्ट क्लासेज, स्वराज स्थल आदि कार्य कराए जा सकते हैं। खास बात तो यह है कि मार्च में ग्राम पंचायतों के खातों में धनराशि हस्तांतरित होने के बावजूद खर्च करने के लिए शासनादेश का रोड़ा लगा है। चयनित ग्राम पंचायतों की निदेशालय से सूची भी नहीं भेजी गई है। इनमें तीन ग्राम पंचायतें पुरस्कार के लिए लगातार दूसरी बार चयनित होना बताया जा रहा है। प्रधानों का कार्यकाल 26 मई को पूरा हो रहा है। प्रधानों का कहना कि उनकी मेहनत से गांव में विकास कार्य कराए गए। इसके लिए लाखों रुपये पुरस्कार मिला। उनके कार्यकाल का मात्र एक माह शेष बचा है और शासनादेश न आने से वह उस धनराशि का ग्राम पंचायत में इस्तेमाल भी नहीं कर पा रहे हैं। पुरस्कार की धनराशि ग्राम पंचायत के खाते में डंप होने से प्रधान परेशान हैं। चयनित ग्राम पंचायतों से एक ग्राम पंचायत में तो लाखों रुपये का मनरेगा घोटाला भी पकड़ा गया था। उसे भी दूसरी बार पुरस्कार मिला है। प्रभारी डीपीआरओ कपिल कुमार ने बताया कि ग्राम पंचायतों में पुरस्कार धनराशि मार्च में हस्तांतरित कर दी गई थी। सूची व शासनादेश एक-दो दिन में आ जाएगा। इसी के बाद नियमानुसार निर्धारित कार्यों पर धनराशि खर्च कराई जाएगी।
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जनपद में 580 ग्राम पंचायतें हैं। इनमें बेहतर काम करने वाली पांच ग्राम पंचायतों का चयन किया गया है। कार्य की ऑनलाइन फीडिंग प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पाने वाले को 35 लाख रुपये, द्वितीय को 30 लाख, तृतीय को 20 लाख, चतुर्थ को 15 लाख व पंचम पुरस्कार में 10 लाख रुपये शासन से ग्राम पंचायतों को भेज दिए गए। पुरस्कार की धनराशि ग्राम पंचायत में सद्भावना पार्क, बाजार, विज्ञान भवन निर्माण, कॉमन फैसिलिटी सेंटर, मिनी खेल स्टेडियम, रोजगार प्रशिक्षण केंद्र, अंत्येष्टि स्थल, आरोग्य केंद्र, भंडारण गृह, स्मार्ट क्लासेज, स्वराज स्थल आदि कार्य कराए जा सकते हैं। खास बात तो यह है कि मार्च में ग्राम पंचायतों के खातों में धनराशि हस्तांतरित होने के बावजूद खर्च करने के लिए शासनादेश का रोड़ा लगा है। चयनित ग्राम पंचायतों की निदेशालय से सूची भी नहीं भेजी गई है। इनमें तीन ग्राम पंचायतें पुरस्कार के लिए लगातार दूसरी बार चयनित होना बताया जा रहा है। प्रधानों का कार्यकाल 26 मई को पूरा हो रहा है। प्रधानों का कहना कि उनकी मेहनत से गांव में विकास कार्य कराए गए। इसके लिए लाखों रुपये पुरस्कार मिला। उनके कार्यकाल का मात्र एक माह शेष बचा है और शासनादेश न आने से वह उस धनराशि का ग्राम पंचायत में इस्तेमाल भी नहीं कर पा रहे हैं। पुरस्कार की धनराशि ग्राम पंचायत के खाते में डंप होने से प्रधान परेशान हैं। चयनित ग्राम पंचायतों से एक ग्राम पंचायत में तो लाखों रुपये का मनरेगा घोटाला भी पकड़ा गया था। उसे भी दूसरी बार पुरस्कार मिला है। प्रभारी डीपीआरओ कपिल कुमार ने बताया कि ग्राम पंचायतों में पुरस्कार धनराशि मार्च में हस्तांतरित कर दी गई थी। सूची व शासनादेश एक-दो दिन में आ जाएगा। इसी के बाद नियमानुसार निर्धारित कार्यों पर धनराशि खर्च कराई जाएगी।
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