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Farrukhabad News: हाईकोर्ट के आदेश पर दुष्कर्म पीड़िता का होगा गर्भपात
Sun, 21 Sep 2025 12:53 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
Updated Sun, 21 Sep 2025 12:53 AM IST
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फर्रुखाबाद। मऊदरवाजा थाना क्षेत्र में मानसिक रूप से बीमार एक दुष्कर्म पीड़िता गर्भवती हो गई। गर्भ के 14 सप्ताह बाद परिजनों को इसकी भनक लगी। पीड़िता की मां ने हाईकोर्ट की शरण ली।
मामले में दो सदस्यीय पीठ ने सीएमओ को मेडिकल बोर्ड बनाकर गर्भपात कराने के आदेश दिए गए। सीएमओ ने एक एसीएमओ और दो महिला डॉक्टरों का पैनल बनाया। शनिवार को डीएनए टेस्ट के लिए कार्रवाई शुरू की गई है।
मऊदरवाजा थाने के एक गांव की 25 वर्षीय युवती से गांव में ही एक युवक ने दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया गया। इससे पीड़िता गर्भवती हो गई। परिजनों को करीब 14 सप्ताह बाद भनक लग सकी। इसके बाद पीड़िता की मां ने हाईकोर्ट की शरण ली।
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अधिवक्ता दीपक द्विवेदी और धर्मेंद्र कुमार सिंह की दलीलों पर न्यायमूर्ति सिद्धार्थ और संतोष राय ने आदेश जारी किए। पीड़िता के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि गर्भ 14 सप्ताह का है, लिहाजा गर्भपात कराया जा सकता है।
न्यायालय ने सीएमओ को निर्देश दिए कि मेडिकल बोर्ड का गठन करें। स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए संभव हो, तो गर्भपात कराएं। 22 सितंबर को पीठ के समक्ष रिपोर्ट प्रस्तुत करें। हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में सीएमओ डॉ. अवनींद्र कुमार ने डॉ. कृष्णा बोस, डॉ. प्रज्ञा मिश्रा, एसीएमओ डॉ. सर्वेश यादव का मेडिकल बोर्ड बना दिया।
टीम पीड़िता का डीएनए टेस्ट भी कराएगी। एसीएमओ डॉ. सर्वेश यादव ने बताया कि पीड़िता और बच्चे की जांचें की जाएंगी। थानाध्यक्ष लक्ष्मण सिंह ने बताया कि चार्जशीट तैयार है। (संवाद)
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मामले में दो सदस्यीय पीठ ने सीएमओ को मेडिकल बोर्ड बनाकर गर्भपात कराने के आदेश दिए गए। सीएमओ ने एक एसीएमओ और दो महिला डॉक्टरों का पैनल बनाया। शनिवार को डीएनए टेस्ट के लिए कार्रवाई शुरू की गई है।
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मऊदरवाजा थाने के एक गांव की 25 वर्षीय युवती से गांव में ही एक युवक ने दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया गया। इससे पीड़िता गर्भवती हो गई। परिजनों को करीब 14 सप्ताह बाद भनक लग सकी। इसके बाद पीड़िता की मां ने हाईकोर्ट की शरण ली।
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अधिवक्ता दीपक द्विवेदी और धर्मेंद्र कुमार सिंह की दलीलों पर न्यायमूर्ति सिद्धार्थ और संतोष राय ने आदेश जारी किए। पीड़िता के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि गर्भ 14 सप्ताह का है, लिहाजा गर्भपात कराया जा सकता है।
न्यायालय ने सीएमओ को निर्देश दिए कि मेडिकल बोर्ड का गठन करें। स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए संभव हो, तो गर्भपात कराएं। 22 सितंबर को पीठ के समक्ष रिपोर्ट प्रस्तुत करें। हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में सीएमओ डॉ. अवनींद्र कुमार ने डॉ. कृष्णा बोस, डॉ. प्रज्ञा मिश्रा, एसीएमओ डॉ. सर्वेश यादव का मेडिकल बोर्ड बना दिया।
टीम पीड़िता का डीएनए टेस्ट भी कराएगी। एसीएमओ डॉ. सर्वेश यादव ने बताया कि पीड़िता और बच्चे की जांचें की जाएंगी। थानाध्यक्ष लक्ष्मण सिंह ने बताया कि चार्जशीट तैयार है। (संवाद)