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पीडब्ल्यूडी के अफसरों को नहीं मंत्री का खौफ
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लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता के कार्यालय में लगा ताला। संवाद
- फोटो : FARRUKHABAD
फर्रुखाबाद। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को विभागीय मंत्री का भी खौफ नहीं है। तभी तो गुरुवार को भी फतेहगढ़ स्थित कार्यालय में सुबह साढ़े दस बजे तक अधिकारी व कर्मचारी नजर नहीं आए।
अधिशासी अभियंता सहित कुछ के कार्यालयों में ताले पड़े थे और जो कक्ष खुले थे, उनमें भी कर्मचारी नहीं थे। जबकि शासन के आदेश हैं कि सभी अधिकारी सुबह दस से 12 बजे तक कार्यालय में बैठकर लोगों की समस्या सुनें।
लोक निर्माण विभाग मंत्री जितिन प्रसाद शुक्रवार को जनपद में आ रहे हैं। इसके बाद भी गुरुवार सुबह 10:30 बजे लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड में अधिशासी अभियंता के कार्यालय में ताला पड़ा था।
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सहायक अभियंता आरके तिवारी का कक्ष भी बंद था। सहायक अभियंता महेंद्र गंगवार का कक्ष खुला था, लेकिन अंदर कोई नहीं बैठा था। कक्ष के अंदर पंखे चल रहे थे। जेईटी के कक्ष में भी ताला लटक रहा था।
यहां तैनात सात अवर अभियंताओं में से कोई भी कार्यालय में उपस्थित नहीं था। कैशियर संतोष श्रीवास्तव भी नहीं थे। बताया गया कि वह बैंक में काम से गए हैं। एक लिपिक ने कक्ष की फोटो खींचने पर बताया कि वह कोषागार से फाइल लेने गए हैं।
वह समय से कार्यालय में हस्ताक्षर करने के बाद काम से गए। कार्यालय के गेट पर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी गप्पे लगा रहे थे। पूछने पर उन्होंने बताया कि विभागीय मंत्री जितिन प्रसाद का दो दिन का दौरा है, अधिकारी उसकी तैयारी में जुटे हैं।
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अधिशासी अभियंता सहित कुछ के कार्यालयों में ताले पड़े थे और जो कक्ष खुले थे, उनमें भी कर्मचारी नहीं थे। जबकि शासन के आदेश हैं कि सभी अधिकारी सुबह दस से 12 बजे तक कार्यालय में बैठकर लोगों की समस्या सुनें।
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लोक निर्माण विभाग मंत्री जितिन प्रसाद शुक्रवार को जनपद में आ रहे हैं। इसके बाद भी गुरुवार सुबह 10:30 बजे लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड में अधिशासी अभियंता के कार्यालय में ताला पड़ा था।
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सहायक अभियंता आरके तिवारी का कक्ष भी बंद था। सहायक अभियंता महेंद्र गंगवार का कक्ष खुला था, लेकिन अंदर कोई नहीं बैठा था। कक्ष के अंदर पंखे चल रहे थे। जेईटी के कक्ष में भी ताला लटक रहा था।
यहां तैनात सात अवर अभियंताओं में से कोई भी कार्यालय में उपस्थित नहीं था। कैशियर संतोष श्रीवास्तव भी नहीं थे। बताया गया कि वह बैंक में काम से गए हैं। एक लिपिक ने कक्ष की फोटो खींचने पर बताया कि वह कोषागार से फाइल लेने गए हैं।
वह समय से कार्यालय में हस्ताक्षर करने के बाद काम से गए। कार्यालय के गेट पर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी गप्पे लगा रहे थे। पूछने पर उन्होंने बताया कि विभागीय मंत्री जितिन प्रसाद का दो दिन का दौरा है, अधिकारी उसकी तैयारी में जुटे हैं।