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Farrukhabad News: किसानों से धोखाधड़ी में जनसेवा केंद्र संचालक फंसा
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फर्रुखाबाद। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के खातों में आने वाली रकम निकालने के बदले आधे रुपये लेने वाला जनसेवा केंद्र संचालक धोखाधड़ी में फंस गया है। कृषि विभाग की जांच टीम ने मुकदमा लिखाने की संस्तुति की है। सीएससी के जिला समन्वयक ने गांव पहुंचकर किसानों के बयान लिए। जनसेवा केंद्र की पत्रावली भी कब्जे में ले ली। उसने अपना दोष कबूला है।
मऊदरवाजा थाने के गांव बड़ी गुलरिया समेत कई गांवों के किसानों संग किसान सम्मान निधि की धनराशि में हुई धोखाधड़़ी की जांच के लिए ई-गवर्मेंट सर्विस इंडिया लिमिटेड के जिला समन्वयक अभिषेक दुबे गांव पहुंचे। उन्होंने पीड़ित किसानों के बयान दर्ज करके लिखित में पत्र लिए। किसानों को आरोपी के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिया। जिला समन्वयक सलावत खां स्थित जनसेवा केंद्र पर पहुंचे। उन्होंने संचालक से किसानों से किए गए लेन-देन समेत अन्य पत्रावली भी कब्जे में ले ली। उसके बयान दर्ज किए। जिसमें उसने अपना दोष कबूल कर लिया है।
जिला समन्वयक अभिषेक दुबे ने बताया कि जो लेन-देन रजिस्टर की फोटो ली है, उसमें बड़ी संख्या में किसानों की रकम निकालने की बात सामने आ रही है। इसकी विस्तृत जांच होने पर कितने किसानों से धोखाधड़ी हुई है, सामने आएगी। प्रभारी उपनिदेशक कृषि- एसडीओ सतीश कुमार ने बताया कि जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट दे दी है। गांव में मिले साक्ष्यों से जन सेवा केंद्र संचालक का दोष सिद्ध हो रहा है। वह शीघ्र ही धोखाधड़ी करने वाले जनसेवा केंद्र संचालक पर मुकदमा दर्ज कराने की तहरीर देंगे।
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शिकायतों से किसान सम्मान निधि शब्द हटवाना चाहते थी जांच टीम
शनिवार को बड़ी गुलरिया में कृषि विभाग की जब जांच टीम पहुंची, तो उसने किसानों से शिकायती पत्र लिखवाए। जांच टीम और उनके सहयोगियों ने किसानों से कई बार प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि शब्द हटाने का आग्रह किया, मगर किसानों ने कहा कि उनके खाते में इसी योजना की रकम आई थी और उसी को निकाला है। यह शब्द नहीं हटा सकते। इसके बाद जांच टीम शांत हो गई।
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मऊदरवाजा थाने के गांव बड़ी गुलरिया समेत कई गांवों के किसानों संग किसान सम्मान निधि की धनराशि में हुई धोखाधड़़ी की जांच के लिए ई-गवर्मेंट सर्विस इंडिया लिमिटेड के जिला समन्वयक अभिषेक दुबे गांव पहुंचे। उन्होंने पीड़ित किसानों के बयान दर्ज करके लिखित में पत्र लिए। किसानों को आरोपी के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिया। जिला समन्वयक सलावत खां स्थित जनसेवा केंद्र पर पहुंचे। उन्होंने संचालक से किसानों से किए गए लेन-देन समेत अन्य पत्रावली भी कब्जे में ले ली। उसके बयान दर्ज किए। जिसमें उसने अपना दोष कबूल कर लिया है।
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जिला समन्वयक अभिषेक दुबे ने बताया कि जो लेन-देन रजिस्टर की फोटो ली है, उसमें बड़ी संख्या में किसानों की रकम निकालने की बात सामने आ रही है। इसकी विस्तृत जांच होने पर कितने किसानों से धोखाधड़ी हुई है, सामने आएगी। प्रभारी उपनिदेशक कृषि- एसडीओ सतीश कुमार ने बताया कि जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट दे दी है। गांव में मिले साक्ष्यों से जन सेवा केंद्र संचालक का दोष सिद्ध हो रहा है। वह शीघ्र ही धोखाधड़ी करने वाले जनसेवा केंद्र संचालक पर मुकदमा दर्ज कराने की तहरीर देंगे।
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शिकायतों से किसान सम्मान निधि शब्द हटवाना चाहते थी जांच टीम
शनिवार को बड़ी गुलरिया में कृषि विभाग की जब जांच टीम पहुंची, तो उसने किसानों से शिकायती पत्र लिखवाए। जांच टीम और उनके सहयोगियों ने किसानों से कई बार प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि शब्द हटाने का आग्रह किया, मगर किसानों ने कहा कि उनके खाते में इसी योजना की रकम आई थी और उसी को निकाला है। यह शब्द नहीं हटा सकते। इसके बाद जांच टीम शांत हो गई।