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इरकॉन कंपनी का प्रोजेक्ट मैनेजर गिरफ्तार
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फर्रुखाबाद। रेलवे ट्रैक पर इंजन के सीढ़ी से टकराने के मामले में फरार चल रहे प्रोजेक्ट मैनेजर को आरपीएफ ने गिरफ्तार कर लिया है। उन्हें रेलवे मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया।
कासगंज से कानपुर तक ट्रैक का विद्युतीकरण इरकॉन कंपनी ने किया है। 26 नवंबर 2019 को कंपनी की एक टीम नेकपुर के पास रेलवे लाइन पर बिजली का काम कर रही थी। बिना सूचना और ब्लाक लिए ट्रैक पर काम करते वक्त अचानक ट्रेन का इंजन आ गया। ये देख कर्मचारी सीढ़ी लाइन पर टंगी छोड़कर भाग गए थे। तेज रफ्तार इंजन के सीढ़ी से टकराने से बड़ी दुर्घटना होने से बच गई थी।
सूचना मिलते ही आरपीएफ मौके पर पहुंची और काम कर रहे कंपनी के पांच कर्मियों को गिरफ्तार कर लिया था। इस मामले में नामजद कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर संतोष कुमार तिवारी (40) पुत्र रामप्रकाश तिवारी निवासी सिर्सीखुर्द, थाना रवन्ना, जिला महोबा फरार हो गए थे। आरपीएफ इंस्पेक्टर वीरेंद्र कुमार ने बताया कि उन्हें कई बार पकड़ने का प्रयास किया, मगर सफलता नहीं मिली। नोटिस देकर बुलाया गया था। वह बुधवार सुबह थाने पहुंचे। उनके बयान दर्ज किए गए। इसी के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया। देर शाम रेलवे मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया है।
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कासगंज से कानपुर तक ट्रैक का विद्युतीकरण इरकॉन कंपनी ने किया है। 26 नवंबर 2019 को कंपनी की एक टीम नेकपुर के पास रेलवे लाइन पर बिजली का काम कर रही थी। बिना सूचना और ब्लाक लिए ट्रैक पर काम करते वक्त अचानक ट्रेन का इंजन आ गया। ये देख कर्मचारी सीढ़ी लाइन पर टंगी छोड़कर भाग गए थे। तेज रफ्तार इंजन के सीढ़ी से टकराने से बड़ी दुर्घटना होने से बच गई थी।
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सूचना मिलते ही आरपीएफ मौके पर पहुंची और काम कर रहे कंपनी के पांच कर्मियों को गिरफ्तार कर लिया था। इस मामले में नामजद कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर संतोष कुमार तिवारी (40) पुत्र रामप्रकाश तिवारी निवासी सिर्सीखुर्द, थाना रवन्ना, जिला महोबा फरार हो गए थे। आरपीएफ इंस्पेक्टर वीरेंद्र कुमार ने बताया कि उन्हें कई बार पकड़ने का प्रयास किया, मगर सफलता नहीं मिली। नोटिस देकर बुलाया गया था। वह बुधवार सुबह थाने पहुंचे। उनके बयान दर्ज किए गए। इसी के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया। देर शाम रेलवे मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया है।
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