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एआरटीओ कार्यालय में कैशियर को छोड़ सभी लिपिक वापस आए
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फर्रुखाबाद। एआरटीओ कार्यालय में कैशियर को छोड़कर सभी लिपिक काम पर वापस आ गए हैं। कोड जनरेट न होने से गुरुवार को भी कामकाज बंद रहा। कानपुर से आए आरआई वापस चले गए। वहीं जिले में तैनात आरआई अवकाश से वापस आ गए हैं। सुरक्षा को लेकर कार्यालय के बाहर सिपाही और होमगार्ड तैनात रहे। अतिरिक्त एसडीएम ने कार्यालय जाकर कामकाज की समीक्षा की। आवेदकों को गुरुवार को भी वापस होना पड़ा।
वकीलों से हुए विवाद के बाद एआरटीओ सुधेश तिवारी को परिवहन आयुक्त कार्यालय लखनऊ शनिवार को संबद्ध कर दिया गया। एआरटीओ ने रविवार रात को राज्यपाल को अपना इस्तीफा भेज दिया था। इसके बाद सोमवार को कार्यालय के सभी लिपिक व अधिकारी अवकाश पर चले गए थे। इससे सोमवार को एआरटीओ कार्यालय में ताला नहीं खुला था। इससे लाखों के राजस्व का नुकसान हुआ। शासन ने इस प्रकरण को गंभीरता से लिया और कमिश्नर कानपुर ने आरटीओ संजय सिंह को पूरे मामले में कार्रवाई करने को कहा था। इस पर आरटीओ पीटीओ, आरआई समेत सभी कर्मचारियों को अपना अवकाश रद्द कर वापस आने के आदेश दिया। कार्यालय की चाबी एआरटीओ सुधेश तिवारी ने आरटीओ कानपुर के पास भिजवा दी थी। आरटीओ संजय सिंह ने मंगलवार के अवकाश के बाद बुधवार को कानपुर के आरआई अजीत सिंह गंगवार को चाबी देकर कार्यालय खोलने के लिए भेजा। आरआई ने ताला खुलवाकर कंप्यूटर आपरेटरों को बुलवाकर काम शुरू करवाया। पीटीओ वीके आनंद भी बुधवार को अवकाश से वापस आ गए थे। गुरुवार को कानपुर के आरआई कार्यालय पहुंचे। इसके कुछ देर बाद ही यहां तैनात आरआई जीवनलाल भी अवकाश से वापस आ गए। इस पर कानपुर के आरआई अजीत सिंह गंगवार वापस चले गए। कार्यालय में तैनात लिपिक भीम, राजेंद्र, हंसराज काम पर वापस आ गए। कैशियर अभिषेक गुरुवार को अवकाश से वापस नहीं आए। कार्यालय के बाहर सिपाही व होमगार्ड मुस्तैद रहे। अतिरिक्त एसडीएम बंसत कुमार ने कार्यालय जाकर कामकाज की समीक्षा की और अधिकारियों व कर्मचारियों से बातचीत कर काम शुरू करने के निर्देश दिए। लाइसेंस के पटल पर फोटो खींचने का काम किया गया। दोपहर तक कोड जनरेट न होने से कामकाज बंद रहा। आवेदकों को काम न हो पाने से वापस जाना पड़ा। आरआई जीवन लाल ने बताया कि कोड जनरेट करवाया जा रहा है। शीघ्र ही काम पूरी तरह चलने लगेगा।
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वकीलों से हुए विवाद के बाद एआरटीओ सुधेश तिवारी को परिवहन आयुक्त कार्यालय लखनऊ शनिवार को संबद्ध कर दिया गया। एआरटीओ ने रविवार रात को राज्यपाल को अपना इस्तीफा भेज दिया था। इसके बाद सोमवार को कार्यालय के सभी लिपिक व अधिकारी अवकाश पर चले गए थे। इससे सोमवार को एआरटीओ कार्यालय में ताला नहीं खुला था। इससे लाखों के राजस्व का नुकसान हुआ। शासन ने इस प्रकरण को गंभीरता से लिया और कमिश्नर कानपुर ने आरटीओ संजय सिंह को पूरे मामले में कार्रवाई करने को कहा था। इस पर आरटीओ पीटीओ, आरआई समेत सभी कर्मचारियों को अपना अवकाश रद्द कर वापस आने के आदेश दिया। कार्यालय की चाबी एआरटीओ सुधेश तिवारी ने आरटीओ कानपुर के पास भिजवा दी थी। आरटीओ संजय सिंह ने मंगलवार के अवकाश के बाद बुधवार को कानपुर के आरआई अजीत सिंह गंगवार को चाबी देकर कार्यालय खोलने के लिए भेजा। आरआई ने ताला खुलवाकर कंप्यूटर आपरेटरों को बुलवाकर काम शुरू करवाया। पीटीओ वीके आनंद भी बुधवार को अवकाश से वापस आ गए थे। गुरुवार को कानपुर के आरआई कार्यालय पहुंचे। इसके कुछ देर बाद ही यहां तैनात आरआई जीवनलाल भी अवकाश से वापस आ गए। इस पर कानपुर के आरआई अजीत सिंह गंगवार वापस चले गए। कार्यालय में तैनात लिपिक भीम, राजेंद्र, हंसराज काम पर वापस आ गए। कैशियर अभिषेक गुरुवार को अवकाश से वापस नहीं आए। कार्यालय के बाहर सिपाही व होमगार्ड मुस्तैद रहे। अतिरिक्त एसडीएम बंसत कुमार ने कार्यालय जाकर कामकाज की समीक्षा की और अधिकारियों व कर्मचारियों से बातचीत कर काम शुरू करने के निर्देश दिए। लाइसेंस के पटल पर फोटो खींचने का काम किया गया। दोपहर तक कोड जनरेट न होने से कामकाज बंद रहा। आवेदकों को काम न हो पाने से वापस जाना पड़ा। आरआई जीवन लाल ने बताया कि कोड जनरेट करवाया जा रहा है। शीघ्र ही काम पूरी तरह चलने लगेगा।
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