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परिषदीय विद्यालयों में पीने के पानी के पर्याप्त इंतजाम नहीं
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
Updated Wed, 22 Apr 2015 11:23 PM IST
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जिले के कई परिषदीय विद्यालयों में भीषण गर्मी में बच्चों का गला प्यास से
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चटकेगा। क्योंकि कई विद्यालयों में लगे हैंडपंप सालों से खराब पड़े हैं।
वहीं कुछ स्कूलों में हैंडपंपों से बदबूदार पानी आ रहा है। इसके चलते बच्चे
पानी पीने के लिए या तो
पड़ोस के स्कूल में जाते हैं या फिर गांव में। रसोइयों को भी मिडडे मील बनाने के लिए गांव से पानी भरकर लाना पड़ता है। कई बार शिकायत के बावजूद हैंडपंपों को ठीक नहीं कराया जा रहा है। अगर यही हाल रहा तो भीषण गर्मी में प्यास बुझाने को बच्चे फिर भटकेंगे।
गांव जाकर पानी पीते बच्चे
राजेपुर में प्राइमरी पाठशाला चित्रकूट में हैंडपंप करीब छह माह से खराब पड़ा है। बच्चे गांव में जाकर पानी पीते हैं। प्राइमरी पाठशाला, उजरामऊ का हैंडपंप भी दो माह से खराब पड़ा है। ब्लाक संसाधन केंद्र राजेपुर में लगा हैंडपंप भी खराब है। जूनियर हाईस्कूल खंडौली का हैंडंपप ठीक है। एबीआरसी प्रदीप चतुर्वेदी ने बताया कि खराब हैंडपंपों को ठीक कराने के लिए जलनिगम और प्रधानों को पत्र लिखा है।
साल भर से हैंडपंप खराब
अमृतपुर के पूर्व माध्यमिक विद्यालय, मुजहा का हैंडपंप एक साल से खराब है। प्रधान ने अस्थायी रूप से एक छोटा नल लगवा रखा है। प्रधानाध्यापक प्रेमपाल पाठक ने बताया कि जल निगम के अफसरों और तहसील दिवस में कई प्रार्थना पत्र दे चुके हैं लेकिन हैंडपंप ठीक नहीं करवाया गया है। पूर्व माध्यमिक विद्यालय, नगला हूसा का हैंडपंप भी महीनों से खराब है।
बच्चे पड़ोस के प्राइमरी स्कूल में पानी पीने जाते हैं। रसोइया भी मिडडे मील बनाने के लिए वहीं से पानी लाती हैं। प्रधानाध्यापक गौरीशंकर ने बताया कि कई बार प्रधान और जल निगम के अफसरों को शिकायत भेज चुके हैं कोई सुनने वाला नहीं है। प्राथमिक विद्यालय अमृतपुर में लगा हैंडपंप दो साल से खराब है। बच्चे पास के जूनियर हाईस्कूल या प्राइवेट स्कूल में जाकर पानी पीते हैं। प्रधानाध्यापिका राधाप्यारी ने बताया कि कई बार हैंडपंप ठीक करवाने की मांग कर चुके हैं।
स्कूल के बाहर लगा हैंडपंप
नवाबगंज क्षेत्र में प्राथमिक विद्यालय हुसैनपुर बांगर में हैंडपंप नहीं लगा है। स्कूल के बाहर हैंडपंप लगवाया गया है। बच्चे स्कूल के बाहर पानी पीने जाते हैं। भीषण गर्मी में बच्चों को दिक्कत उठानी पड़ेगी। प्रधानाध्यापक आसिफ अली ने बताया कि स्कूल परिसर के बाहर पहले से ही हैंडपंप लगा था। परिसर के अंदर अभी तक हैंडपंप नहीं लगवाया गया है। शौचालय भी नहीं बना है।
हैंडपंपों से आ रहा बदबूदार पानी
शमसाबाद क्षेत्र में प्राथमिक विद्यालय नगला धनी में करीब एक साल से हैंडपंप से बदबूदार पानी आ रहा है। इसे बच्चे पीते नहीं हैं। पानी पीने के लिए बच्चे गांव में जाते हैं। रसोइया भी गांव से ही पानी लेकर आती हैं। प्रधानाध्यापिका बिंदु शुक्ला ने बताया कि कई बार अपने पैसों से हैंडपंप ठीक करवा चुकी हैं लेकिन कुछ दिन ठीक रहने के बाद हैंडपंप से बदबूदार
पानी आता है। प्राथमिक विद्यालय ऊगरपुर में भी बदबूदार ही पानी आता है। इसके अलावा हैंडपंप से पानी उतर जाता है। छात्रा राधिका और सौम्या ने बताया कि पानी पीने के लिए गांव जाना पड़ता है। शिक्षामित्र गोपाल दीक्षित ने बताया कि कई बार प्रधान से हैंडपंप ठीक करवाए जाने की मांग की जा चुकी है लेकिन अभी तक ठीक नहीं हुआ है।
100 हैंडपंप रिबोर को आया था बजट
100 हैंडपंपों को ठीक कराए जाने का बजट शासन से आया था। 100 हैंडपंप रिबोर करा दिए गए हैं। बीएसए स्कूलों की सूची भेजें कि कहां-कहां हैंडपंप रिबोर होने हैं। इसके बाद जिलाधिकारी से अनुमति लेकर शासन को पत्र भेजकर बजट मांगा जाएगा। -आरके कटियार, एई, जल निगम
पड़ोस के स्कूल में जाते हैं या फिर गांव में। रसोइयों को भी मिडडे मील बनाने के लिए गांव से पानी भरकर लाना पड़ता है। कई बार शिकायत के बावजूद हैंडपंपों को ठीक नहीं कराया जा रहा है। अगर यही हाल रहा तो भीषण गर्मी में प्यास बुझाने को बच्चे फिर भटकेंगे।
गांव जाकर पानी पीते बच्चे
राजेपुर में प्राइमरी पाठशाला चित्रकूट में हैंडपंप करीब छह माह से खराब पड़ा है। बच्चे गांव में जाकर पानी पीते हैं। प्राइमरी पाठशाला, उजरामऊ का हैंडपंप भी दो माह से खराब पड़ा है। ब्लाक संसाधन केंद्र राजेपुर में लगा हैंडपंप भी खराब है। जूनियर हाईस्कूल खंडौली का हैंडंपप ठीक है। एबीआरसी प्रदीप चतुर्वेदी ने बताया कि खराब हैंडपंपों को ठीक कराने के लिए जलनिगम और प्रधानों को पत्र लिखा है।
साल भर से हैंडपंप खराब
अमृतपुर के पूर्व माध्यमिक विद्यालय, मुजहा का हैंडपंप एक साल से खराब है। प्रधान ने अस्थायी रूप से एक छोटा नल लगवा रखा है। प्रधानाध्यापक प्रेमपाल पाठक ने बताया कि जल निगम के अफसरों और तहसील दिवस में कई प्रार्थना पत्र दे चुके हैं लेकिन हैंडपंप ठीक नहीं करवाया गया है। पूर्व माध्यमिक विद्यालय, नगला हूसा का हैंडपंप भी महीनों से खराब है।
बच्चे पड़ोस के प्राइमरी स्कूल में पानी पीने जाते हैं। रसोइया भी मिडडे मील बनाने के लिए वहीं से पानी लाती हैं। प्रधानाध्यापक गौरीशंकर ने बताया कि कई बार प्रधान और जल निगम के अफसरों को शिकायत भेज चुके हैं कोई सुनने वाला नहीं है। प्राथमिक विद्यालय अमृतपुर में लगा हैंडपंप दो साल से खराब है। बच्चे पास के जूनियर हाईस्कूल या प्राइवेट स्कूल में जाकर पानी पीते हैं। प्रधानाध्यापिका राधाप्यारी ने बताया कि कई बार हैंडपंप ठीक करवाने की मांग कर चुके हैं।
स्कूल के बाहर लगा हैंडपंप
नवाबगंज क्षेत्र में प्राथमिक विद्यालय हुसैनपुर बांगर में हैंडपंप नहीं लगा है। स्कूल के बाहर हैंडपंप लगवाया गया है। बच्चे स्कूल के बाहर पानी पीने जाते हैं। भीषण गर्मी में बच्चों को दिक्कत उठानी पड़ेगी। प्रधानाध्यापक आसिफ अली ने बताया कि स्कूल परिसर के बाहर पहले से ही हैंडपंप लगा था। परिसर के अंदर अभी तक हैंडपंप नहीं लगवाया गया है। शौचालय भी नहीं बना है।
हैंडपंपों से आ रहा बदबूदार पानी
शमसाबाद क्षेत्र में प्राथमिक विद्यालय नगला धनी में करीब एक साल से हैंडपंप से बदबूदार पानी आ रहा है। इसे बच्चे पीते नहीं हैं। पानी पीने के लिए बच्चे गांव में जाते हैं। रसोइया भी गांव से ही पानी लेकर आती हैं। प्रधानाध्यापिका बिंदु शुक्ला ने बताया कि कई बार अपने पैसों से हैंडपंप ठीक करवा चुकी हैं लेकिन कुछ दिन ठीक रहने के बाद हैंडपंप से बदबूदार
पानी आता है। प्राथमिक विद्यालय ऊगरपुर में भी बदबूदार ही पानी आता है। इसके अलावा हैंडपंप से पानी उतर जाता है। छात्रा राधिका और सौम्या ने बताया कि पानी पीने के लिए गांव जाना पड़ता है। शिक्षामित्र गोपाल दीक्षित ने बताया कि कई बार प्रधान से हैंडपंप ठीक करवाए जाने की मांग की जा चुकी है लेकिन अभी तक ठीक नहीं हुआ है।
100 हैंडपंप रिबोर को आया था बजट
100 हैंडपंपों को ठीक कराए जाने का बजट शासन से आया था। 100 हैंडपंप रिबोर करा दिए गए हैं। बीएसए स्कूलों की सूची भेजें कि कहां-कहां हैंडपंप रिबोर होने हैं। इसके बाद जिलाधिकारी से अनुमति लेकर शासन को पत्र भेजकर बजट मांगा जाएगा। -आरके कटियार, एई, जल निगम