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Farrukhabad News: बाढ़ग्रस्त गांव में एंबुलेंस न पहुंचने से प्रसूता की मौत
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अमृतपुर (फर्रुखाबाद)। बाढ़ से घिरे गांव में एंबुलेंस न पहुंचने से परिजन गर्भवती को दूसरे गांव तक ट्रैक्टर से ले गए। वहां खड़ी एंबुलेंस से उसे सीएचसी लेकर पहुंचे। हालत बिगड़ने से उसे सीएचसी से रेफर कर दिया गया।
वहां से पहले लोहिया अस्पताल फिर निजी अस्पताल ले जाकर वहां प्रसव कराया गया। प्रसव के बाद प्रसूता की मौत हो गई।
रामगंगा नदी के किनारे बसे बाढ़ग्रस्त गांव गुड़ेरा निवासी रवि कुशवाह की पत्नी उपासना (24) के गुरुवार को प्रसव पीड़ा हुई। 108 एंबुलेंस पड़ोसी गांव रतनपुर पमरान तक ही पहुंच सकी। गांव अमैयापुर पुलिया पर बाढ़ का पानी अधिक होने से एंबुलेंस गांव तक नहीं जा सकी।
इससे परिजन उपासना को ट्रैक्टर से एंबुलेंस तक लेकर आए। वहां एंबुलेंस में बैठाकर उसे सीएचसी राजेपुर लेकर पहुंचे।
हालत गंभीर होने से लोहिया अस्पताल रेफर कर दिया गया। परिजनों ने बताया कि लोहिया अस्पताल में लेकर गए। बाद में शहर के निजी अस्पताल ले जाकर भर्ती कराया। वहां प्रसव कराया गया। बच्चे को जन्म देने के बाद प्रसूता की मौत हो गई।
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उसने एक पुत्र को जन्म दिया। परिजनों ने बताया कि गांव तक एंबुलेंस न पहुंच पाने से उसे समय से इलाज नहीं मिल सका। यदि समय से इलाज मिल जाता तो शायद जान बच जाती। उपासना की डेढ़ वर्ष पहले ही शादी हुई थी।
लोहिया महिला अस्पताल के सीएमएस डाॅ. कैलाश दुल्हानी ने बताया कि उपासना को सुबह 11:10 बजे भर्ती किया गया। परिजन निजी अस्पताल में उपचार कराने की बात कहकर 11:35 बजे लेकर चले गए। महिला की हालत गंभीर थी।
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वहां से पहले लोहिया अस्पताल फिर निजी अस्पताल ले जाकर वहां प्रसव कराया गया। प्रसव के बाद प्रसूता की मौत हो गई।
रामगंगा नदी के किनारे बसे बाढ़ग्रस्त गांव गुड़ेरा निवासी रवि कुशवाह की पत्नी उपासना (24) के गुरुवार को प्रसव पीड़ा हुई। 108 एंबुलेंस पड़ोसी गांव रतनपुर पमरान तक ही पहुंच सकी। गांव अमैयापुर पुलिया पर बाढ़ का पानी अधिक होने से एंबुलेंस गांव तक नहीं जा सकी।
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इससे परिजन उपासना को ट्रैक्टर से एंबुलेंस तक लेकर आए। वहां एंबुलेंस में बैठाकर उसे सीएचसी राजेपुर लेकर पहुंचे।
हालत गंभीर होने से लोहिया अस्पताल रेफर कर दिया गया। परिजनों ने बताया कि लोहिया अस्पताल में लेकर गए। बाद में शहर के निजी अस्पताल ले जाकर भर्ती कराया। वहां प्रसव कराया गया। बच्चे को जन्म देने के बाद प्रसूता की मौत हो गई।
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उसने एक पुत्र को जन्म दिया। परिजनों ने बताया कि गांव तक एंबुलेंस न पहुंच पाने से उसे समय से इलाज नहीं मिल सका। यदि समय से इलाज मिल जाता तो शायद जान बच जाती। उपासना की डेढ़ वर्ष पहले ही शादी हुई थी।
लोहिया महिला अस्पताल के सीएमएस डाॅ. कैलाश दुल्हानी ने बताया कि उपासना को सुबह 11:10 बजे भर्ती किया गया। परिजन निजी अस्पताल में उपचार कराने की बात कहकर 11:35 बजे लेकर चले गए। महिला की हालत गंभीर थी।