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Farrukhabad News: प्रधान की पत्नी, बेटा-बेटी मनरेगा मजदूर, 86 हजार का भुगतान
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अमृतपुर। ग्राम पंचायत उधरनपुर लीलापुर के प्रधान की पत्नी, बेटा, बेटी, भाई की पत्नी व अन्य परिजन भी मनरेगा मजदूर हैं। कागजों के हिसाब से उन्होंने मनरेगा के विभिन्न कामों मजदूरी भी की है। इसके चलते इन सभी जॉब कार्ड धारकों को 86,366 रुपये का भुगतान भी किया गया। इस बात की पुष्टि आईजीआरएस पर हुई शिकायत की जांच में हुई है।
विकास खंड राजेपुर की ग्राम पंचायत उधरनपुर लीलापुर के यतेंद्र सिंह ने पांच फरवरी को आईजीआरएस पोर्टल में शिकायत की थी। इसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि प्रधान उदयभान ने मनरेगा में धांधली की है। उन्होंने अपनी पत्नी बिटोली देवी, पुत्र सागर सिंह, बेटी काजल, भाई की पत्नी प्रभिका सिंह के अलावा अन्य परिजनों के जॉब कार्ड बनवा लिए। उन्हें अलग-अलग तिथि में 86 हजार तीन सौ 66 रुपये भुगतान भी कर दिए।
इस मामले में खंड विकास अधिकारी ने ग्राम पंचायत सचिव नौशाद अहमद को नोटिस देकर जवाब तलब किया। इस पर ग्राम पंचायत सचिव ने 20 फरवरी को नोटिस के दिए जवाब में कहा कि एक अप्रैल 2023 को प्रधान की पत्नी बिटोली देवी जॉब कार्ड संख्या 2200136, पुत्री काजल 2200138 और पुत्र सागर 220125 के नाम जॉब कार्ड जारी किए गए। वर्ष 2023-24 और 2024-25 में पत्नी व पुत्री के जॉब कार्ड पर 101-101 दिवस का कार्य दर्शाकर 23,454-23,454 रुपये का भुगतान लिया गया।
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पुत्र के जॉब कार्ड पर 169 दिवस कार्य दिखाकर 39,458 रुपये का भुगतान हुआ है। इसके अलावा प्रधान ने अपने भाई की पत्नी समेत अन्य परिजन के नाम से भी जॉब कार्ड बनवाए हैं। खंड विकास अधिकारी सुनील कुमार जायसवाल ने बताया प्रधान के परिवार के खाते में जो भुगतान हुआ है उसकी रिकवरी की जाएगी। जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
प्रधान उदयभान ने बताया कि मनरेगा से किसी को काम दिया जा सकता है। ऐसा कोई नियम नहीं है कि प्रधान के परिवार के लोग मनरेगा में काम नहीं कर सकते हैं। जिन लोगों ने काम किया है उन्हें भुगतान किया गया है। जिन्होंने काम नहीं किया और धन उनके खाते चला गया था, उसे वापस कर दिया गया है।
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विकास खंड राजेपुर की ग्राम पंचायत उधरनपुर लीलापुर के यतेंद्र सिंह ने पांच फरवरी को आईजीआरएस पोर्टल में शिकायत की थी। इसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि प्रधान उदयभान ने मनरेगा में धांधली की है। उन्होंने अपनी पत्नी बिटोली देवी, पुत्र सागर सिंह, बेटी काजल, भाई की पत्नी प्रभिका सिंह के अलावा अन्य परिजनों के जॉब कार्ड बनवा लिए। उन्हें अलग-अलग तिथि में 86 हजार तीन सौ 66 रुपये भुगतान भी कर दिए।
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इस मामले में खंड विकास अधिकारी ने ग्राम पंचायत सचिव नौशाद अहमद को नोटिस देकर जवाब तलब किया। इस पर ग्राम पंचायत सचिव ने 20 फरवरी को नोटिस के दिए जवाब में कहा कि एक अप्रैल 2023 को प्रधान की पत्नी बिटोली देवी जॉब कार्ड संख्या 2200136, पुत्री काजल 2200138 और पुत्र सागर 220125 के नाम जॉब कार्ड जारी किए गए। वर्ष 2023-24 और 2024-25 में पत्नी व पुत्री के जॉब कार्ड पर 101-101 दिवस का कार्य दर्शाकर 23,454-23,454 रुपये का भुगतान लिया गया।
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पुत्र के जॉब कार्ड पर 169 दिवस कार्य दिखाकर 39,458 रुपये का भुगतान हुआ है। इसके अलावा प्रधान ने अपने भाई की पत्नी समेत अन्य परिजन के नाम से भी जॉब कार्ड बनवाए हैं। खंड विकास अधिकारी सुनील कुमार जायसवाल ने बताया प्रधान के परिवार के खाते में जो भुगतान हुआ है उसकी रिकवरी की जाएगी। जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
प्रधान उदयभान ने बताया कि मनरेगा से किसी को काम दिया जा सकता है। ऐसा कोई नियम नहीं है कि प्रधान के परिवार के लोग मनरेगा में काम नहीं कर सकते हैं। जिन लोगों ने काम किया है उन्हें भुगतान किया गया है। जिन्होंने काम नहीं किया और धन उनके खाते चला गया था, उसे वापस कर दिया गया है।