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सचिवालय के कंप्यूटर से ही होगा विकास कार्यों का भुगतान
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फर्रुखाबाद। ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों का भुगतान अब सचिव घर बैठ नहीं कर सकेंगे। प्रधान की मौजूदगी में गांव के सचिवालय के कंप्यूटर के माध्यम से ही भुगतान किया जाएगा। ग्राम पंचायतों का रिकार्ड पंचायत सहायकों के पास रहेगा।
सरकार ग्राम पंचायतों को मॉडल बनाने के लिए पूरा प्रयास कर रही है। पंचायतघरों के निर्माण के साथ सचिवालय की तरह काम कराने के आदेश हैं। जिले में 594 ग्राम पंचायत हैं। इनमें 429 ग्राम पंचायतों के पंचायतघरों में कंप्यूटर लगाए जा चुके हैं। अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने जारी आदेश में कहा कि ग्राम पंचायतों में सचिवालय स्थापित होने के साथ पंचायत सहायक भी नियुक्त हो चुके हैं।
इससे अब ग्राम पंचायतों की कार्ययोजना, भुगतान के वाउचरों की फीडिंग पंचायत सहायकों से कराई जाएगी। वहीं, गांव में कराए जाने वाले विकास कार्यों का भुगतान सचिवालय के कंप्यूटर से प्रधान व सचिव की मौजूदगी में पंचायत सहायक द्वारा किया जाएगा। भुगतान के लिए जनसुविधा केंद्र या निजी कंप्यूटर का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक जून से यह व्यवस्था लागू न होने पर कार्रवाई की भी चेतावनी दी गई है।
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अभी तक प्रधानों का डोंगल लेकर सचिव घर बैठे अपने कंप्यूटर से फर्मों को पीएफएमएस के माध्यम से धनराशि स्थानांतरित करते चले आ रहे हैं। इसमें कई बार प्रधानों ने सचिवों पर डोंगल वापस न देने का आरोप भी लगाया।
कुछ सचिवों की तो लाखों का भुगतान अपने व करीबियों के खातों में ट्रांसफर करने की शिकायतें भी आ चुकी हैं। डीपीआरओ विनय कुमार सिंह ने बताया सभी सचिवों को सोमवार से ही सचिवालय के कंप्यूटर से भुगतान करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिस ग्राम पंचायत में कंप्यूटर नहीं लगा है, वह अपनी न्याय पंचायत की पड़ोस वाली ग्राम पंचायत के कंप्यूटर से भुगतान करा सकता है। अन्य किसी स्थान से भुगतान करने वाले सचिवों पर कार्रवाई की जाएगी।
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सरकार ग्राम पंचायतों को मॉडल बनाने के लिए पूरा प्रयास कर रही है। पंचायतघरों के निर्माण के साथ सचिवालय की तरह काम कराने के आदेश हैं। जिले में 594 ग्राम पंचायत हैं। इनमें 429 ग्राम पंचायतों के पंचायतघरों में कंप्यूटर लगाए जा चुके हैं। अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने जारी आदेश में कहा कि ग्राम पंचायतों में सचिवालय स्थापित होने के साथ पंचायत सहायक भी नियुक्त हो चुके हैं।
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इससे अब ग्राम पंचायतों की कार्ययोजना, भुगतान के वाउचरों की फीडिंग पंचायत सहायकों से कराई जाएगी। वहीं, गांव में कराए जाने वाले विकास कार्यों का भुगतान सचिवालय के कंप्यूटर से प्रधान व सचिव की मौजूदगी में पंचायत सहायक द्वारा किया जाएगा। भुगतान के लिए जनसुविधा केंद्र या निजी कंप्यूटर का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक जून से यह व्यवस्था लागू न होने पर कार्रवाई की भी चेतावनी दी गई है।
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अभी तक प्रधानों का डोंगल लेकर सचिव घर बैठे अपने कंप्यूटर से फर्मों को पीएफएमएस के माध्यम से धनराशि स्थानांतरित करते चले आ रहे हैं। इसमें कई बार प्रधानों ने सचिवों पर डोंगल वापस न देने का आरोप भी लगाया।
कुछ सचिवों की तो लाखों का भुगतान अपने व करीबियों के खातों में ट्रांसफर करने की शिकायतें भी आ चुकी हैं। डीपीआरओ विनय कुमार सिंह ने बताया सभी सचिवों को सोमवार से ही सचिवालय के कंप्यूटर से भुगतान करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिस ग्राम पंचायत में कंप्यूटर नहीं लगा है, वह अपनी न्याय पंचायत की पड़ोस वाली ग्राम पंचायत के कंप्यूटर से भुगतान करा सकता है। अन्य किसी स्थान से भुगतान करने वाले सचिवों पर कार्रवाई की जाएगी।