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Farrukhabad News: लोहिया अस्पताल में चार घंटे गुल रही बिजली, जेनरेटर भी नहीं चला
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फर्रुखाबाद। डॉ. राममनोहर मनोहर लोहिया अस्पताल की बिजली सोमवार सुबह चार बजे गुल हो गई। इसके बाद जेनरेटर भी नहीं चलाया गया। वार्डों में अंधेरा होने से मरीज और तीमारदार परेशान रहे। स्वास्थ्य कर्मियों को बायोमेट्रिक हाजिरी लगाने में भी दिक्कत आई।
बारिश के बाद से बिजली व्यवस्था सामान्य नहीं हो पा रही है। सोमवार सुबह चार बजे के करीब आवास विकास क्षेत्र की बिजली गुल हो गई। इससे लोहिया अस्पताल में अंधेरा छा गया। हर महीने 43 हजार रुपये डीजल के मिलने के बावजूद अस्पताल का जेनरेटर नहीं चलाया गया। इमरजेंसी और वार्डों में इन्वर्टर भी काम नहीं कर रहे हैं। सुबह होने तक मरीज और तीमारदार अंधेरे में रहे। वार्डों में मच्छरों की वजह से लोगों को खासी दिक्कतें हुईं। इमरजेंसी में भर्ती महिला के पुत्र रितिक ने बताया कि सुबह चार बजे बिजली चली गई थी। इसके बाद से ही अंधेरा छाया रहा। जेनरेटर नहीं चला।
आठ बजे के करीब सुबह की शिफ्ट के कर्मियों का आना शुरू हुआ, तो इमरजेंसी में लगी बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट स्कैनर मशीन भी बंद हो गई। इन्वर्टर भी सही न होने से कर्मियों ने मशीन को पर्चा काउंटर के इन्वर्टर प्वाइंट में लगाया। इसके बाद ही अंगूठा लगाकर हाजिरी लगाई गई।
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बिना यूनिफार्म हाजिरी लगाते दिखे कर्मचारी
कई कर्मचारी सुबह आठ बजे हाजिरी लगाने के लिए इंतजार करते दिखे, इनमें कई बिना यूनिफार्म थे। एक कर्मचारी का कहना था कि हाजिरी लगाने के बाद कर्मचारी घर चले जाएंगे। दैनिक क्रियाएं पूरी करने के बाद ही दोबारा काम करने आएंगे।
नोट- सीएमएस का फोन नहीं रिसीव हुआ, बात करके वर्जन देंगे......
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बारिश के बाद से बिजली व्यवस्था सामान्य नहीं हो पा रही है। सोमवार सुबह चार बजे के करीब आवास विकास क्षेत्र की बिजली गुल हो गई। इससे लोहिया अस्पताल में अंधेरा छा गया। हर महीने 43 हजार रुपये डीजल के मिलने के बावजूद अस्पताल का जेनरेटर नहीं चलाया गया। इमरजेंसी और वार्डों में इन्वर्टर भी काम नहीं कर रहे हैं। सुबह होने तक मरीज और तीमारदार अंधेरे में रहे। वार्डों में मच्छरों की वजह से लोगों को खासी दिक्कतें हुईं। इमरजेंसी में भर्ती महिला के पुत्र रितिक ने बताया कि सुबह चार बजे बिजली चली गई थी। इसके बाद से ही अंधेरा छाया रहा। जेनरेटर नहीं चला।
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आठ बजे के करीब सुबह की शिफ्ट के कर्मियों का आना शुरू हुआ, तो इमरजेंसी में लगी बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट स्कैनर मशीन भी बंद हो गई। इन्वर्टर भी सही न होने से कर्मियों ने मशीन को पर्चा काउंटर के इन्वर्टर प्वाइंट में लगाया। इसके बाद ही अंगूठा लगाकर हाजिरी लगाई गई।
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बिना यूनिफार्म हाजिरी लगाते दिखे कर्मचारी
कई कर्मचारी सुबह आठ बजे हाजिरी लगाने के लिए इंतजार करते दिखे, इनमें कई बिना यूनिफार्म थे। एक कर्मचारी का कहना था कि हाजिरी लगाने के बाद कर्मचारी घर चले जाएंगे। दैनिक क्रियाएं पूरी करने के बाद ही दोबारा काम करने आएंगे।
नोट- सीएमएस का फोन नहीं रिसीव हुआ, बात करके वर्जन देंगे......