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Farrukhabad News: चार दिन बाद भी 300 गांवों में नहीं आई बिजली
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फर्रुखाबाद। दो दिन हुई रिकॉर्ड तोड़ बारिश में बिजली विभाग को 20 से 25 लाख का नुकसान हुआ है। इससे सोमवार को चार दिन बाद भी बिजली व्यवस्था पटरी पर नहीं आ सकी। उपकेंद्र चालू करने के बाद कर्मचारी फीडरों के फाल्ट ठीक करने में जुटे हैं। इसके बावजूद करीब 300 गांवों में बिजली चालू नहीं हो सकी।
तेज हवा के साथ 25 व 26 सितंबर को लगातार 48 घंटे हुई बारिश से बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। शहर से गांव तक तीनों डिवीजन क्षेत्र में करीब 150 सीमेंटेड पोल (पीसीसी पोल) और 50 लोहे के पोल (एसटीपी) गिरे हैं। कई जगह पेड़ गिरने से लाइनें क्षतिग्रस्त हुई हैं। इसके अलावा खंभों पर लगे क्रॉस आर्म, पिन इंसुलेटर, डिस्क इंसुलेटर भी टूट गए।
बारिश में न्यू भोलेपुर उपकेंद्र की पीटी फटी तो नवाबगंज उपकेंद्र की वीसीबी फुंक गई। रविवार से बारिश थमी तो कर्मचारी 33केवी लाइनें दुरुस्त करने में जुट गए। खेतों में पानी भरा होने से टूटे खंभे बदलना किसी चुनौती से कम साबित नहीं हुआ। रविवार रात तक ग्रामीण क्षेत्र में नवाबगंज, हुसैनपुर तराई, हजियांपुर, कंपिल, सिवारा, भटासा के अलावा अमृतपुर के दो उपकेंद्र चालू कर दिए गए।
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लेकिन 11केवी फीडर चालू न होने से गांवों में बिजली नहीं पहुंच सकी। सोमवार को भी फीडरों पर दिनभर मरम्मत कार्य चला। फीडर चालू होने के बावजूद खंभे टूटे होने से करीब 300 गांवाें को चौथे दिन भी बिजली नहीं मिल सकी। वहीं फतेहगढ़ के कुटरा उपकेंद्र के अलावा कमालगंज, हुसैनपुर तराई, कायमगंज व अमृतपुर उपकेंद्र के परिसर में बारिश से जलभराव हो गया। इससे मरम्मत कार्य में कर्मचारियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
अधीक्षण अभियंता यादवेंद्र सिंह ने बताया कि बारिश में विभाग का 20 से 25 लाख रुपये का नुकसान होने का अनुमान है। शहर व ग्रामीण क्षेत्र की करीब 70 प्रतिशत क्षेत्रों में बिजली चालू कर दी गई है। मरम्मत कार्य चल रहा है। शेष 30 फीसद क्षेत्र में भी जल्द ही बिजली बहाल करने का प्रयास है।
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इन्वर्टर ठप, मोबाइल भी नहीं हो पाए चार्ज
संवाद न्यूज एजेंसी
अमृतपुर। तहसील क्षेत्र के उपकेंद्र अमृतपुर व तहसील को आने वाली 33 केवी लाइन के कई पोल टूट गए थे। कर्मचारियों ने रविवार शाम तक 33 केवी लाइन ठीक कर रात में उपकेंद्र भी चालू कर लिए। फीडरों की लाइनें क्षतिग्रस्त होने से गांवों में बिजली नहीं पहुंच सकी। चौथे दिन भी बिजली न मिलने से घरों के इन्वर्टर ठप हैं। मोबाइल स्विच ऑफ होने से लोगों का अपनों से संपर्क भी टूट गया। पेयजल की समस्या से भी ग्रामीणों को जूझना पड़ रहा है।
सोमवार को लाइनमैनों ने फीडरों की पेट्रोलिंग की तो लाइनों पर जगह-जगह पेड़ गिरने से पोल टूटे मिले। कई स्थानों पर तार भी टूटकर जमीन पर गिरे थे। फिलहाल मरम्मत कार्य चलता रहा लेकिन करीब 150 गांवों की बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। एसडीओ उमेश कुमार ने बताया कि ज्यादातर गांवों की बिजली बहाल कर दी गई है। कुछ गांवों की लाइनें क्षतिग्रस्त हैं, उन पर काम चल रहा है।
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30 गांवों की तीन दिन से बिजली गुल
शमसाबाद। उपकेंद्र हजियांपुर के हरसिंहपुर फीडर से जुड़े 30 गांवों के उपभोक्ताओं को तीन दिन से बिजली नहीं मिल सकी है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार समस्या के समाधान की मांग की गई लेकिन आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। अवर अभियंता दीपक राम ने बताया कि हरसिंहपुर फीडर की लाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी। मरम्मत कराई जा रही है।
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तेज हवा के साथ 25 व 26 सितंबर को लगातार 48 घंटे हुई बारिश से बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। शहर से गांव तक तीनों डिवीजन क्षेत्र में करीब 150 सीमेंटेड पोल (पीसीसी पोल) और 50 लोहे के पोल (एसटीपी) गिरे हैं। कई जगह पेड़ गिरने से लाइनें क्षतिग्रस्त हुई हैं। इसके अलावा खंभों पर लगे क्रॉस आर्म, पिन इंसुलेटर, डिस्क इंसुलेटर भी टूट गए।
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बारिश में न्यू भोलेपुर उपकेंद्र की पीटी फटी तो नवाबगंज उपकेंद्र की वीसीबी फुंक गई। रविवार से बारिश थमी तो कर्मचारी 33केवी लाइनें दुरुस्त करने में जुट गए। खेतों में पानी भरा होने से टूटे खंभे बदलना किसी चुनौती से कम साबित नहीं हुआ। रविवार रात तक ग्रामीण क्षेत्र में नवाबगंज, हुसैनपुर तराई, हजियांपुर, कंपिल, सिवारा, भटासा के अलावा अमृतपुर के दो उपकेंद्र चालू कर दिए गए।
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लेकिन 11केवी फीडर चालू न होने से गांवों में बिजली नहीं पहुंच सकी। सोमवार को भी फीडरों पर दिनभर मरम्मत कार्य चला। फीडर चालू होने के बावजूद खंभे टूटे होने से करीब 300 गांवाें को चौथे दिन भी बिजली नहीं मिल सकी। वहीं फतेहगढ़ के कुटरा उपकेंद्र के अलावा कमालगंज, हुसैनपुर तराई, कायमगंज व अमृतपुर उपकेंद्र के परिसर में बारिश से जलभराव हो गया। इससे मरम्मत कार्य में कर्मचारियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
अधीक्षण अभियंता यादवेंद्र सिंह ने बताया कि बारिश में विभाग का 20 से 25 लाख रुपये का नुकसान होने का अनुमान है। शहर व ग्रामीण क्षेत्र की करीब 70 प्रतिशत क्षेत्रों में बिजली चालू कर दी गई है। मरम्मत कार्य चल रहा है। शेष 30 फीसद क्षेत्र में भी जल्द ही बिजली बहाल करने का प्रयास है।
इन्वर्टर ठप, मोबाइल भी नहीं हो पाए चार्ज
संवाद न्यूज एजेंसी
अमृतपुर। तहसील क्षेत्र के उपकेंद्र अमृतपुर व तहसील को आने वाली 33 केवी लाइन के कई पोल टूट गए थे। कर्मचारियों ने रविवार शाम तक 33 केवी लाइन ठीक कर रात में उपकेंद्र भी चालू कर लिए। फीडरों की लाइनें क्षतिग्रस्त होने से गांवों में बिजली नहीं पहुंच सकी। चौथे दिन भी बिजली न मिलने से घरों के इन्वर्टर ठप हैं। मोबाइल स्विच ऑफ होने से लोगों का अपनों से संपर्क भी टूट गया। पेयजल की समस्या से भी ग्रामीणों को जूझना पड़ रहा है।
सोमवार को लाइनमैनों ने फीडरों की पेट्रोलिंग की तो लाइनों पर जगह-जगह पेड़ गिरने से पोल टूटे मिले। कई स्थानों पर तार भी टूटकर जमीन पर गिरे थे। फिलहाल मरम्मत कार्य चलता रहा लेकिन करीब 150 गांवों की बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। एसडीओ उमेश कुमार ने बताया कि ज्यादातर गांवों की बिजली बहाल कर दी गई है। कुछ गांवों की लाइनें क्षतिग्रस्त हैं, उन पर काम चल रहा है।
30 गांवों की तीन दिन से बिजली गुल
शमसाबाद। उपकेंद्र हजियांपुर के हरसिंहपुर फीडर से जुड़े 30 गांवों के उपभोक्ताओं को तीन दिन से बिजली नहीं मिल सकी है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार समस्या के समाधान की मांग की गई लेकिन आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। अवर अभियंता दीपक राम ने बताया कि हरसिंहपुर फीडर की लाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी। मरम्मत कराई जा रही है।