फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Farrukhabad News ›   Potatoes being sold at half the price, 1.5 lakh quintals less withdrawal from cold storages

Farrukhabad News: आधी कीमत पर बिक रहा आलू, शीतगृहों से 1.5 लाख क्विंटल निकासी कम

Tue, 30 Sep 2025 12:33 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद Updated Tue, 30 Sep 2025 12:33 AM IST
विज्ञापन
Potatoes being sold at half the price, 1.5 lakh quintals less withdrawal from cold storages
फोटो -25, शीतगृह में हो रही आलू छटाई। संवाद
फर्रुखाबाद। आलू में मंदी से किसान व व्यापारी परेशान हैं। आधी कीमत में आलू बिकने से इस बार शीतगृहों से 1.5 लाख क्विंटल कम निकासी हुई है। व्यापारियों को आलू खरीद के भी दाम नहीं मिल पा रहे।
विज्ञापन

शीतगृहों का भंडारण खर्च का बोझ अलग से पड़ रहा है। कम निकासी से शीतगृह संचालक भी चिंतित हैं। जनपद के किसान प्रमुख रूप से आलू की खेती करते हैं। आलू की खेती किसानों की प्रतिष्ठा से जुड़ी फसल है। फरवरी, मार्च में मंडी में आलू का भाव 1000 रुपये 1200 रुपये प्रति क्विंटल था। भाव अच्छा मिलने की उम्मीद में बड़े किसानों ने आलू का खूब भंडारण किया।
विज्ञापन

व्यापारियों ने मुनाफा की उम्मीद आलू खरीदकर शीतगृहों में भरा। जून के बाद शीतगृहों से आलू की निकास शुरू हाे जाती है। इस पर भाव बढ़ने की उम्मीद में निकासी शुरूआत से ही धीमी रही, लेकिन दूसरे प्रांतों से आलू की मांग न आने से अभी तक निकासी धीमी गति से चलती रही।
विज्ञापन
विज्ञापन

अब किसान आलू की कच्ची फसल बोने के लिए निकासी कर रहा है। वहीं आलू का भाव 500 से 700 रुपये प्रति क्विंटल चल रहा है। जिले में 109 शीतगृह संचालित हैं। इनमें 10 लाख 39 हजार 580 मीट्रिक टन आलू भंडारण की क्षमता है। जबकि सात लाख 79 हजार 685 मीट्रिक टन आलू भंडारित किया गया था।
शीतगृह संचालकों का कहना है भाव की मंदी से आलू की निकासी काफी धीमी है। आलू की खरीद, भंडारण, बारदाना व भाड़ा सहित व्यापारी को करीब 1400 रुपये प्रति क्विंटल खर्च आया। अब बाजार में 500 से लेकर 700 रुपये प्रति क्विंटल आलू बिकने से किसान व व्यापारी को आधी कीमत ही मिल पा रही है।

एक माह में 61.50 फीसदी आलू की निकासी मुश्किल
उद्यान विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार अब तक 38.50 प्रतिशत आलू की निकासी हुई है। 31 अक्तूबर तक शीतगृह खाली करने के आदेश हैं। इससे एक माह में 61.50 फीसदी आलू की निकासी काफी मुश्किल है। गत वर्ष के सापेक्ष इस माह सितंबर तक करीब एक लाख 50 हजार क्विंटल आलू की निकासी कम हुई है।
---

आलू का निर्यात एक सप्ताह से बंद, मांग भी नहीं
आलू निर्यातक सुधीर शुक्ल ने बताया कि नवरात्र में दुर्गा पूजा के चलते नेपाल से आलू की मांग नहीं आ रही है। इससे एक सप्ताह से आलू का निर्यात बंद है। दूसरे प्रांतों से भी मांग न आने से भाव में मंदी है। मांग बढ़ने पर आलू भाव में उछाल आने की उम्मीद है।वहीं, भाव की मंदी से एक ओर किसान व व्यापारी बर्बादी की कगार पर पहुंच रहा है। दूसरी ओर से बाजार में उसी भाव फुटकर आलू बिक रहा है। चाहे 3797 प्रजाति का आलू हो या फिर चिप्सोना, आलू लोगों को 20 रुपये प्रति किलो ही मिल रहा है।

जिला आलू एवं शाकभाजी विकास अधिकारी राघवेंद्र सिंह ने बताया कि अब आलू की बोआई शुरू हो गई है। इससे शीतगृहों से निकासी बढ़ने लगी है। भाव किसानों की उम्मीद के अनुसार नहीं है। निर्धारित समय 31 अक्तूबर तक शीतगृहों से आलू की निकासी कराने का प्रयास किया जाएगा। हालांकि निकासी की अवधि भी बढ़ने की संभावना है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed