फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Farrukhabad News ›   Potato production reduced by 20 percent due to weather

मौसम की मार से आलू का 20 प्रतिशत उत्पादन घटा

Mon, 24 Jan 2022 11:12 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 24 Jan 2022 11:12 PM IST
विज्ञापन
Potato production reduced by 20 percent due to weather
गांव सिंधौली में झुलसा से बर्बाद आलू की फसल। संवाद - फोटो : FARRUKHABAD
फर्रुखाबाद। करीब 20 दिन से बिगड़े मौसम से सभी फसलों पर प्रभाव पड़ा है। झुलसा रोग लगने से आलू की फसल नष्ट हो गई है। इससे 20 फीसदी उत्पादन घटना तय माना जा रहा है। सोमवार को उप कृषि निदेशक ने क्षेत्र का भ्रमण कर फसलों में नुकसान की जानकारी ली।
विज्ञापन

जिले में पांच जनवरी से मौसम का मिजाज बिगड़ गया। इसके बाद 22 जनवरी तक एक-दो दिन छोड़कर धूप के दर्शन तक नहीं हुए। तीन-चार दिन बारिश भी हुई। इससे आलू की फसल में इस कदर झुलसा रोग लगा कि पौधे ही सूख गए। सरसों, गेहूं व हरी सब्जी की फसलें भी खासी प्रभावित हुईं। जिला कृषि अधिकारी राजकुमार ने नवाबगंज क्षेत्र के गांव नगला बारंग सहित कई गांवों में फसलों का निरीक्षण किया।
विज्ञापन

उन्होंने बताया कि किसानों से बातचीत में आलू की फसल में करीब 15 से 20 प्रतिशत उत्पादन प्रभावित होने की जानकारी मिली है। सरसों व गेहूं की फसलों में कोई खास नुकसान नहीं हैं। बताया जिन किसानों का फसल बीमा है, उन्हें बीमा कंपनी की ओर से मुआवजा मिलेगा। सरसों व गेहूं की फसलों में मार्च-अप्रैल में उत्पादन के आधार पर नुकसान का आंकलन किया जाएगा। जिले में ओलावृष्टि से फसलों में नुकसान होने की पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल आपदा राहत कोष से किसानों को मुआवजा मिलने की संभावना नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

कमालागंज। कई दिनों से खराब मौसम के कारण आलू की फसल को भारी नुकसान हुआ है। बारिश व कोहरा से झुलसा व परपरा रोग फैला है। इससे आलू की बेल में पत्तियां पीली हो गई हैं। अधिक प्रकोप वाले पौधों के डंठल भी झुलस गए हैं।
करीब 25 दिन से बादल, कोहरा व बूंदाबांदी से आलू की फसल पर परपरा रोग व झुलसा का कहर है। सफेद किस्म के पुखराज व ख्याती आदि की फसल कम दिनों में तैयार होती है। इसके कारण इस किस्म की फसल को अधिक नुकसान नहीं पहुंचा है। इनके पौधों में आलू लगभग पूरे आकार में आ चुका है। इसमें चेचक लगने की ही आशंका है। वहीं सबसे ज्यादा नुकसान चिपसोना में है।

इस किस्म की फसल में पौधों के नीचे कुड़ी में आलू बनकर अभी बढ़ना शुरू हुआ है। इसकी फसल तैयार होकर पकने में अभी करीब डेढ़ माह लगेगा। हालैंड व लाल गुलाल जैसी अधिक दिनों की प्रजाति वाली आलू की फसल को भी झुलसा से काफी नुकसान हुआ है। पट्टीकतरौली, सिंधौली, सदरियापुर, पूरनपुर, कैंटहा, पहला, गगनी, दरौरा आदि गांव में भी नुकसान से किसान सदमे में हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed