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... तो किसान कोल्ड में छोड़ जाएंगे आलू
ब्यूरो/ अमर उजाला, इटावा
Updated Tue, 08 Sep 2015 10:44 PM IST
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आलू की मंदी से किसान कोल्ड स्टोरेजों से निकासी नहीं कर रहे हैं। माना जा
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रहा है कि ये आलू को कोल्ड स्टोरेज में ही छोड़ देंगे। किसानों का शीतगृह
स्वामियों से 31 अक्तूबर तक भंडारण का करार है। इसके बाद किसानों का दावा
खत्म हो जाएगा। अगैती आलू की बुवाई इसी माह से शुरू हो गई है। शीतगृहों से
निकासी अभी 27 से 29 फीसदी ही है। बीज की
खरीद के लिए बाहर से व्यापारी आने लगे हैं। इससे एक सप्ताह में 50 रुपये क्विंटल भाव उछले हैं। अगैती आलू की बुवाई शुरू हो गई है। इसी के साथ ग्वालियर व पूर्वांचल के व्यापारी बीज की खरीद के लिए जिले में पहुंचने लगे हैं। आलू का भाव 500 से 700 रुपये क्विंटल है। इस रेट में किसानों को घाटा है। इससे वह निकासी ही नहीं कर रहे हैं। कोल्ड भाड़ा चुकाने
के बाद इनका घाटा बढ़ और जाएगा। किसान केवल बुवाई के लिए ही आलू की निकासी कर रहे हैं। शीतगृहों में अभी 87 फीसदी के करीब आलू भंडारित है। कोल्ड स्टोरेज यूनियन के सचिव उमेश अग्रवाल का कहना है कि इन दिनों आलू की निकासी की दर 40 फीसदी के करीब होनी चाहिए थी। तभी 31 अक्तूबर तक कोल्ड स्टोरेज खाली हो पाएंगे। वे कहते हैं कि
मंदी से आलू निकासी में तेजी नहीं आ रही है। किसान आलू छोड़ गया तो शीतगृह मालिकों को तगड़ा झटका लगेगा।
आलू आढ़ती एसोसिएशन के अध्यक्ष सतीश वर्मा का कहना है कि बाहरी जिलों से व्यापारी आ रहे हैं। किसान आलू निकासी के लिए तैयार नहीं है। असम में यहां के आलू की मांग है। असम के लिए ट्रक का भाड़ा ट्रेन की तुलना में पांच गुना ज्यादा
है। ट्रेन से आलू ले जाने की सुविधा दी जाए तो रेट सुधर सकते हैं। इनका कहना है कि आलू की बुवाई शुरू हो गई है। नवंबर में जिले की नए आलू की पैदावार आने लगेगी। इससे पुराने आलू के भाव ज्यादा बढ़ने की उम्मीद नहीं होगी।
बुवाई समय
अगैती फसल- सितंबर से 10 अक्तूबर तक
पिछैती फसल - 15 से 25 अक्तूबर तक
अल्पकालिक प्रजातियां
(उत्पादन अवधि 75 से 90 दिन)
कुफरी कुबेर, कुफरी चंद्रमुखी, कुफरी अलंकार, कुफरी लवकर, कुफरी अशोक, कुफरी जवाहर, कुफरी पुखराज।
अनुमानित उपज 200 से 300 क्विंटल प्रति हेक्टेयर
मध्यकालिक प्रजातियां
(उत्पादन अवधि 90 से 110 दिन)
कुफरी कुंदन, कुफरी ज्योति, कुफरी शक्तिमान, कुफरी शीतमान, कुफरी बहार, कुफरी सतलज, कुफ री आनंद।
अनुमानित उपज 200 से 400 क्विंटल प्रति हेक्टेयर
दीर्घकालिक प्रजातियां
(उत्पादन अवधि 110 से 125 दिन)
कुफरी सिंदूरी, कुफरी देवा, कुफरी बादशाह, कुफरी लालिमा।
अनुमानित उपज 250 से 400 क्विंटल प्रति हेक्टेयर
चिपसोना प्रजातियां
(उत्पादन अवधि 110 से 125 दिन)
कुफरी चिपसोना-1, कुफरी चिपसोना -2 व कुफरी चिपसोना-3 ।
अनुमानित उपज 300 से 400 क्विंटल प्रति हेक्टेयर
खरीद के लिए बाहर से व्यापारी आने लगे हैं। इससे एक सप्ताह में 50 रुपये क्विंटल भाव उछले हैं। अगैती आलू की बुवाई शुरू हो गई है। इसी के साथ ग्वालियर व पूर्वांचल के व्यापारी बीज की खरीद के लिए जिले में पहुंचने लगे हैं। आलू का भाव 500 से 700 रुपये क्विंटल है। इस रेट में किसानों को घाटा है। इससे वह निकासी ही नहीं कर रहे हैं। कोल्ड भाड़ा चुकाने
के बाद इनका घाटा बढ़ और जाएगा। किसान केवल बुवाई के लिए ही आलू की निकासी कर रहे हैं। शीतगृहों में अभी 87 फीसदी के करीब आलू भंडारित है। कोल्ड स्टोरेज यूनियन के सचिव उमेश अग्रवाल का कहना है कि इन दिनों आलू की निकासी की दर 40 फीसदी के करीब होनी चाहिए थी। तभी 31 अक्तूबर तक कोल्ड स्टोरेज खाली हो पाएंगे। वे कहते हैं कि
मंदी से आलू निकासी में तेजी नहीं आ रही है। किसान आलू छोड़ गया तो शीतगृह मालिकों को तगड़ा झटका लगेगा।
आलू आढ़ती एसोसिएशन के अध्यक्ष सतीश वर्मा का कहना है कि बाहरी जिलों से व्यापारी आ रहे हैं। किसान आलू निकासी के लिए तैयार नहीं है। असम में यहां के आलू की मांग है। असम के लिए ट्रक का भाड़ा ट्रेन की तुलना में पांच गुना ज्यादा
है। ट्रेन से आलू ले जाने की सुविधा दी जाए तो रेट सुधर सकते हैं। इनका कहना है कि आलू की बुवाई शुरू हो गई है। नवंबर में जिले की नए आलू की पैदावार आने लगेगी। इससे पुराने आलू के भाव ज्यादा बढ़ने की उम्मीद नहीं होगी।
बुवाई समय
अगैती फसल- सितंबर से 10 अक्तूबर तक
पिछैती फसल - 15 से 25 अक्तूबर तक
अल्पकालिक प्रजातियां
(उत्पादन अवधि 75 से 90 दिन)
कुफरी कुबेर, कुफरी चंद्रमुखी, कुफरी अलंकार, कुफरी लवकर, कुफरी अशोक, कुफरी जवाहर, कुफरी पुखराज।
अनुमानित उपज 200 से 300 क्विंटल प्रति हेक्टेयर
मध्यकालिक प्रजातियां
(उत्पादन अवधि 90 से 110 दिन)
कुफरी कुंदन, कुफरी ज्योति, कुफरी शक्तिमान, कुफरी शीतमान, कुफरी बहार, कुफरी सतलज, कुफ री आनंद।
अनुमानित उपज 200 से 400 क्विंटल प्रति हेक्टेयर
दीर्घकालिक प्रजातियां
(उत्पादन अवधि 110 से 125 दिन)
कुफरी सिंदूरी, कुफरी देवा, कुफरी बादशाह, कुफरी लालिमा।
अनुमानित उपज 250 से 400 क्विंटल प्रति हेक्टेयर
चिपसोना प्रजातियां
(उत्पादन अवधि 110 से 125 दिन)
कुफरी चिपसोना-1, कुफरी चिपसोना -2 व कुफरी चिपसोना-3 ।
अनुमानित उपज 300 से 400 क्विंटल प्रति हेक्टेयर