फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Farrukhabad News ›   Poor condition of public toilets in the countryside

देहात में सार्वजनिक शौचालयों का पुरसाहाल नहीं

Sun, 18 Jan 2015 10:56 PM IST
Updated Sun, 18 Jan 2015 10:56 PM IST
विज्ञापन
Poor condition of public toilets in the countryside
देहात में स्वच्छता अभियान परवान नहीं चढ़ा है। ग्रामीण इलाकों में बनवाए
विज्ञापन
गए शौचालयों की स्थिति ठीक नहीं है। अधिकतर इलाकों में शौचालय जर्जर पड़े हैं। इनमें ग्रामीणों ने कबाड़ा भर रखा है। स्वच्छ भारत की कल्पना देहात इलाक ाें में बेमानी है। बड़ी आबादी अभी भी सुबह शाम खेतों की ओर रुख करती है। रविवार को अमर उजाला की पड़ताल में यही सामने आया है। सार्वजनिक शौचालयाें का हाल भी ठीक नहीं हैै।

प्रयोग के बजाय भर दिया कबाड़
शमसाबाद। ग्राम सभा सुतहड़ी में रसूलन बेगम पत्नी बाबू बख्श, सुग्रीव पुत्र चंद्रप्रकाश, सादूर पुत्र सुनब्बर, बबरार पुत्र शहाबुद्दीन और बादिर पुत्र रजब के शौचालय बंद पड़े हैं। इनमें कंडा, लकड़ी आदि सामान भरा है। ग्रामीणों का कहना है कि शौचालय मानक के अनुसार नहीं बने हैं। सीटें टूटी और दीवारें भी क्षतिग्रस्त हैं। ऐसे में वह शौचालय का प्रयोग कैसे करें। प्रधान अनिल गंगवार ने बताया कि शासन से

जितना बजट मिला उसी आधार पर शौचालय बनवा दिए। अब ग्रामीण प्रयोग नहीं कर रहे हैं तो इसमें वह क्या कर सकते हैं। ग्राम सभा रोशनाबाद में ग्राम पंचायत निधि से 14 शौचालय बनवाए गए। 13 का प्रयोग किया जा रहा है। फकीरेलाल का शौचालय बंद है। फकीरेलाल ने बताया कि जमीन के बंटवारे को लेकर शौचालय में ताला डाल रखा है। जब इसे खुलवाकर देखा तो उसमें बोरा व सामान भरा हुआ था। प्रधान साधना गंगवार ने बताया कि 14 शौचालय बनवाए हैं।

घटिया बने, छह माह में खराब हुए
कमालगंज। ग्राम सभा कल्लू नगला में वर्ष 2010-11 में करीब सात शौचालय बनवाए गए थे। सभी जर्जर हो चुके हैं। शौचालयों का प्रयोग न होने पर ग्रामीणों ने कबाड़ा भर दिया है। धनधारी का कहना है कि शौचालय की सीट टूटी है। छत भी नहीं है।

रामनरेश, भूरेलाल और अंगनेलाल का कहना कि शौचालय घटिया बनाए गए थे। छह माह में ही खराब हो गए। किसी भी शौचालय में छत नहीं डाली गई। ग्राम सभा जंजालीनगला में भी वर्ष 2010-11 में तीन शौचालय बनवाए गए थे। इनमें से श्रीपाल का शौचालय ही चालू है। सोनपाल और रतिराम के शौचालय बंद पड़े हैं। ये जर्जर हो चुके हैं। इनमें कबाड़ा भरा है। सीट टूटी हैं। शौचालय की छत भी नहीं है।

हो गया अवैध कब्जा
राजेपुर। ब्लाक कार्यालय के पास वर्ष 2008 में 1.36 लाख की लागत से सार्वजनिक स्नानगृह व शौचालय बनवाया गया था। मौजूदा समय में इस पर लोहापीट व्यक्ति का कब्जा है। इसने मुख्य गेट पर ताला डाल रखा है। स्नानगृह व शौचालय परिसर में लोहापीट व्यक्ति का कब्जा है। इसके चलते इनका लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल पा रहा है। प्रधान उपदेश गुप्ता ने जिलाधिकारी से स्नानगृह व शौचालय से कब्जा हटवाए जाने की मांग की है।

बिना शौचालय के 194 परिवार
कायमगंज। लोहिया गांव जौंरा में 194 परिवाराें के पास शौचालय नहीं हैं। इनके प्रस्ताव तैयार हो रहे हैं। वर्ष 2013 में जौंरा गांव के 375 परिवारों को लाभ देने के लिए 181 शौचालयों का निर्माण कराया गया है। अभी गांव के 194 परिवार खुले में शौच को जाने के लिए मजबूर हैं।

ग्राम प्रधान प्रतिनिधि रजनेश दीक्षित ने बताया कि निर्मल भारत अभियान के तहत शेष बचे परिवारों के लिए शौचालय बनवाने का प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है।  उन्होंने बताया कि गांव के खस्ताहाल शौचालयों को भी सूची में शामिल किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed