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Farrukhabad News: पुलिस ने आरोपी व उसके रिश्तेदार के घर दी दबिश
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फर्रुखाबाद। शहर की सभासद के अधिवक्ता पति की आत्महत्या के बाद दी गई तहरीर के बावजूद पुलिस ने 20 दिन बाद भी मुकदमा दर्ज नहीं किया। हालांकि एक आरोपी और उसके रिश्तेदार के घर दबिश दी, मगर दोनों ही नहीं मिले।
शहर के मोहल्ला सर्वोदयनगर (हाता मिंटू खां बजरिया) निवासी सभासद नेहा यादव के अधिवक्ता पति पूर्व सभासद सुबोध यादव ने 15 अप्रैल की रात अपने मकान के कमरे में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। भाई सुशील यादव ने थाना क्षेत्र के गांव सरैया और कन्नौज के तालग्राम क्षेत्र के कूकापुर निवासी दो लोगों पर डिजिटल मार्केटिंग कंपनी खोलकर मोटी रकम की बेईमानी करने का आरोप लगाया था।
रुपये मांगने पर आरोपियों ने अपनी प्रापर्टी बेचकर रुपये देने की बात कह दी। इससे सुबोध यादव काफी परेशान रहने लगा। आरोपियों ने एक दिन सुबोध से आत्महत्या कर मर जाने की बात कह दी। इसी से परेशान होकर सुबोध ने घटना को अंजाम दिया। पुलिस ने इस तहरीर पर 20 दिन बाद भी मुकदमा दर्ज करने की जरूरत नहीं समझी।
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हालांकि पुलिस ने शनिवार रात सरैया के आरोपी के घर दबिश दी, मगर वह नहीं मिला। पुलिस ने आरोपी की सीडीआर निकलवाई, तो सबसे अधिक बात बाबरपुर निवासी एक रिश्तेदार से होती थी। पुलिस ने रात में ही उसके घर भी दबिश दी, मगर भनक लगने पर वह घर से भाग गया। पुलिस बिना मुकदमा लिखे ही दबिश दे रही है।
इंस्पेक्टर अमित गंगवार ने बताया कि मामले की जांच अंतिम दौर में है। शीघ्र ही मुकदमा दर्ज कर दूध का दूध और पानी का पानी कर दिया जाएगा।
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शहर के मोहल्ला सर्वोदयनगर (हाता मिंटू खां बजरिया) निवासी सभासद नेहा यादव के अधिवक्ता पति पूर्व सभासद सुबोध यादव ने 15 अप्रैल की रात अपने मकान के कमरे में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। भाई सुशील यादव ने थाना क्षेत्र के गांव सरैया और कन्नौज के तालग्राम क्षेत्र के कूकापुर निवासी दो लोगों पर डिजिटल मार्केटिंग कंपनी खोलकर मोटी रकम की बेईमानी करने का आरोप लगाया था।
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रुपये मांगने पर आरोपियों ने अपनी प्रापर्टी बेचकर रुपये देने की बात कह दी। इससे सुबोध यादव काफी परेशान रहने लगा। आरोपियों ने एक दिन सुबोध से आत्महत्या कर मर जाने की बात कह दी। इसी से परेशान होकर सुबोध ने घटना को अंजाम दिया। पुलिस ने इस तहरीर पर 20 दिन बाद भी मुकदमा दर्ज करने की जरूरत नहीं समझी।
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हालांकि पुलिस ने शनिवार रात सरैया के आरोपी के घर दबिश दी, मगर वह नहीं मिला। पुलिस ने आरोपी की सीडीआर निकलवाई, तो सबसे अधिक बात बाबरपुर निवासी एक रिश्तेदार से होती थी। पुलिस ने रात में ही उसके घर भी दबिश दी, मगर भनक लगने पर वह घर से भाग गया। पुलिस बिना मुकदमा लिखे ही दबिश दे रही है।
इंस्पेक्टर अमित गंगवार ने बताया कि मामले की जांच अंतिम दौर में है। शीघ्र ही मुकदमा दर्ज कर दूध का दूध और पानी का पानी कर दिया जाएगा।