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एक और खुलासा, बिना ड्यूटी किए ही सिपाही को दिया तीन साल तक वेतन
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फर्रुखाबाद। अभी साढ़े तीन साल तक एक सिपाही को बिना वेतन देने के मामले की जांच खत्म भी नहीं हो पाई है कि एक और मामला सामने आ गया है। इस दूसरे मामले में भी सिपाही को बिना ड्यूटी के तीन साल तक वेतन दिया गया। सूचना के अधिकार के तहत जानकारी मांगने पर पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस अधीक्षक ने इस मामले की जांच कराने की बात कही है।
कानपुर के थाना शिवराजपुर के कपूरपुर गांव निवासी सिपाही नरेश का वेतन साढ़े तीन वर्ष तक बिना ड्यूटी के निकलता रहा था। 14 दिसंबर 2019 को उसकी मौत के बाद विभाग को इसकी जानकारी हुई थी। इस मामले में एएसपी की जांच के बाद गणना के तत्कालीन प्रभारी कोमल यादव, कैश पटल के प्रभारी अशोक शुक्ला, मुंशी शाहिद को निलंबित कर दिया गया था।
तत्कालीन वरिष्ठ लिपिक प्रेमचंद्र के खिलाफ सिपाहियों की चरित्र पंजिका में हेराफेरी करने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। उसकी जांच चल रही है। इसके बाद जनवरी 2020 में जब पुलिस अफसरों ने प्रतिसार निरीक्षक किश्वर अली की फटकार लगाई, तो सिपाहियों के बारे में छानबीन की गई। उसमें पता चला कि पुलिस लाइन में तैनात सिपाही जुबैर अहमद की संकिसा तीर्थ स्थल पर तैनाती है और वह भी बिना ड्यूटी के तीन वर्ष से वेतन निकाल रहा है। इस बीच सिपाही जुबैर का दीवान के पद पर प्रमोशन भी हो गया।
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उसके प्रपत्र व चरित्र पंजिका भी भर दी गई। इस बीच उसका तबादला उन्नाव हो गया। मामला खुलने पर सिपाही जुबैर अहमद को तलाश किया गया, तो पता चला कि बिना अफसरों की जानकारी के 22 फरवरी को उसे उन्नाव के लिए रिलीव कर दिया गया।
इस मामले जानकारी होने पर तत्कालीन वरिष्ठ लिपिक प्रेमचंद्र ने जनसूचना अधिकार के माध्यम से सिपाही जुबैर अहमद की तैनाती से लेकर लोकसभा व विधानसभा चुनाव के किस बूथ पर उसने ड्यूटी की है। उसको कब-कब पुलिस लाइन से कहां के लिए रवाना किया है। किसके आदेश से उसको जिला उन्नाव के लिए रिलीव किया है। इसके बारे में जानकारी मांगी है।
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क्या कहते हैं जिम्मेदार
सिपाही जुबैर अहमद जिला उन्नाव के लिए तबादला होने पर रवाना कर दिया गया है। वह तीन वर्ष तक संकिसा के अलावा अन्य स्थानों पर तैनात रहा है। उसका पूरा डाटा गणना कार्यालय में है। जनसूचना से जो भी मांगा गया है वह अभी संज्ञान में नहीं है। सिपाही जुबैर के बिना ड्यूटी के वेतन निकलने के मामले में जांच कराई जाएगी। किश्वर अली, प्रतिसार निरीक्षक
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सिपाही जुबैर अहमद के बिना ड्यूटी के वेतन निकलने के मामले की अभी उन्हें जानकारी नहीं है। प्रतिसार निरीक्षक से वह मामले की जानकारी कर जांच कराएंगे। इसमें जो दोषी होगा। उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। डॉ. अनिल मिश्रा, एसपी
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कानपुर के थाना शिवराजपुर के कपूरपुर गांव निवासी सिपाही नरेश का वेतन साढ़े तीन वर्ष तक बिना ड्यूटी के निकलता रहा था। 14 दिसंबर 2019 को उसकी मौत के बाद विभाग को इसकी जानकारी हुई थी। इस मामले में एएसपी की जांच के बाद गणना के तत्कालीन प्रभारी कोमल यादव, कैश पटल के प्रभारी अशोक शुक्ला, मुंशी शाहिद को निलंबित कर दिया गया था।
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तत्कालीन वरिष्ठ लिपिक प्रेमचंद्र के खिलाफ सिपाहियों की चरित्र पंजिका में हेराफेरी करने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। उसकी जांच चल रही है। इसके बाद जनवरी 2020 में जब पुलिस अफसरों ने प्रतिसार निरीक्षक किश्वर अली की फटकार लगाई, तो सिपाहियों के बारे में छानबीन की गई। उसमें पता चला कि पुलिस लाइन में तैनात सिपाही जुबैर अहमद की संकिसा तीर्थ स्थल पर तैनाती है और वह भी बिना ड्यूटी के तीन वर्ष से वेतन निकाल रहा है। इस बीच सिपाही जुबैर का दीवान के पद पर प्रमोशन भी हो गया।
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उसके प्रपत्र व चरित्र पंजिका भी भर दी गई। इस बीच उसका तबादला उन्नाव हो गया। मामला खुलने पर सिपाही जुबैर अहमद को तलाश किया गया, तो पता चला कि बिना अफसरों की जानकारी के 22 फरवरी को उसे उन्नाव के लिए रिलीव कर दिया गया।
इस मामले जानकारी होने पर तत्कालीन वरिष्ठ लिपिक प्रेमचंद्र ने जनसूचना अधिकार के माध्यम से सिपाही जुबैर अहमद की तैनाती से लेकर लोकसभा व विधानसभा चुनाव के किस बूथ पर उसने ड्यूटी की है। उसको कब-कब पुलिस लाइन से कहां के लिए रवाना किया है। किसके आदेश से उसको जिला उन्नाव के लिए रिलीव किया है। इसके बारे में जानकारी मांगी है।
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क्या कहते हैं जिम्मेदार
सिपाही जुबैर अहमद जिला उन्नाव के लिए तबादला होने पर रवाना कर दिया गया है। वह तीन वर्ष तक संकिसा के अलावा अन्य स्थानों पर तैनात रहा है। उसका पूरा डाटा गणना कार्यालय में है। जनसूचना से जो भी मांगा गया है वह अभी संज्ञान में नहीं है। सिपाही जुबैर के बिना ड्यूटी के वेतन निकलने के मामले में जांच कराई जाएगी। किश्वर अली, प्रतिसार निरीक्षक
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सिपाही जुबैर अहमद के बिना ड्यूटी के वेतन निकलने के मामले की अभी उन्हें जानकारी नहीं है। प्रतिसार निरीक्षक से वह मामले की जानकारी कर जांच कराएंगे। इसमें जो दोषी होगा। उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। डॉ. अनिल मिश्रा, एसपी