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अनदेखी से बढ़ रही पायरिया व कैविटी की शिकायत, 70 फीसदी रोगी

Fri, 07 Aug 2015 10:34 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद Updated Fri, 07 Aug 2015 10:34 PM IST
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Piria and cavity ignoring growing complaints, 70 per cent of the patient
जरा संभलकर, कहीं बीमार न हो जाएं आपके दांत। अनदेखी से पायरिया और  कैविटी
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के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। कैविटी की समस्या सबसे ज्यादा बच्चों में देखने को मिल रही है। दंत चिकित्सकों के पास आ रहे मरीजों में पायरिया और  कैविटी की शिकायत वालों की संख्या 60 से 70 फीसदी है। बच्चों में कैविटी की मुख्य वजह है चॉकलेट और टाफी का

अत्यधिक सेवन। दांतों की ठीक तरह से देखभाल न करने से पायरिया के मरीज भी बढ़ रहे हैं। ठीक तरह से ख्याल न रखने से दांतों में कई तरह की बीमारियां फैल रही हैं। बड़ों में सबसे ज्यादा पायरिया और बच्चों में सबसे ज्यादा कैविटी की समया पनप रही है। चॉकलेट और टाफी कआ अत्यधिक सेवन इसका कारण है। वहीं बड़े जंक फूड, कोल्ड ड्रिंक और

पान-मसाला का प्रयोग सबसे ज्यादा करते हैं। इससे उनमें पायरिया की बीमारी ज्यादा पनप रही है। दांतों का ठीक तरह से ख्याल न रखने के चलते दांतों में कैविटी, पायरिया के अलावा सड़न भी हो जाती है। इसके अलावा दांत दर्द, मसूड़ों में

सूजन के मरीज भी दंत चिकित्सकों के यहां पहुंच रहे हैं। दंत चिकित्सकों की मानें तो पायरिया और कैविटीज के मरीजों की संख्या 60 से 70 प्रतिशत बढ़ी है।
 
दांतों की देखभाल आवश्यक-डा. मानस
दांतों पर ठीक तरह से ध्यान न देने पर कैविटी और पायरिया के मरीज बढ़ रहे हैं। ओपीडी में प्रतिदिन 50-60 मरीज आते हैं। इनमें से 30-40 मरीज पायरिया और कैविटी के होते हैं। बच्चों में कैविटी की शिकायत ज्यादा देखने को मिल रही है। इसकी वजह है चॉकलेट और टाफी का अधिक खाना। चॉकलेट और टॉफी बच्चों के दांतों की सतह पर चिपकती है और

उसकी ठीक तरह से सफाई न करने से कैविटी हो जाती है। बड़ों में पायरिया की शिकायत जंक फूड, पानमसाला और कोल्डड्रिंक के अधिक सेवन से बढ़ रही है। दांतों की देखभाल बहुत आवश्यक है। छह माह में एक बार लोग दंत चिकित्सक को दांत अवश्य दिखाएं।

ऐसे होती है कैविटी
हम जो भी खाद्य सामग्री खाते हैं। वह दांतों के गड्ढे या फिर बीच में फंस जाती है। रात को सोते समय दांतों की सफाई न करने से यह खाद्य सामग्री दांतों में ही सड़ जाती है। इससे ही कैविटी होती है। धीरे-धीरे यही कैविटी दांतों में तेजाब का काम करते हुए दांत को सड़ा देती है। इसलिए दिन में दो बार ब्रश बहुत ही आवश्यक है।
 
ऐसे करें दांतों की सुरक्षा
- जंकफूड, पान-मसाला, चॉकलेट, कोल्डड्रिंक और टॉफी आदि का सेवन न करें।
- सुबह-शाम ब्रश व फ्लश (दांतों के बीच की सफाई) अवश्य करें।

-माउथवॉश और छह माह बाद दांतों की स्केलिंग आवश्यक है।
- छह माह में एक बार दंत चिकित्सक को दांत अवश्य दिखाएं।
- एंटी कैविटी टूथपेस्ट का इस्तेमाल करें।

पायरिया से दांत असमय गिर जाते
दंत चिकित्सक डा. मानस शुक्ल बताते हैं कि अमूमन व्यक्ति के दांत 60 से 70 साल तक ठीक काम करते हैं। पायरिया की शिकायत होने पर दांत असमय निकल जाते हैं। इसलिए पायरिया की रोकथाम के लिए लोग दांतों का विशेष ख्याल रखें। गर्भावस्था के दौरान महिलाएं दांतों व मसूड़ों का बहुत ध्यान रखें।
 
बच्चों की जिद के आगे न झुकें अभिभावक
बच्चों की जिद के आगे अभिभावक झुक जाते हैं और उन्हें चॉकलेट और टॉफी जमकर खिलाते हैं। इसी के चलते बच्चों में कैविटी की शिकायत अधिकतर सामने आ रही है। इससे बच्चों के दांत जल्द ही खराब हो रहे हैं। इसलिए बच्चों की जिद को अभिभावक न मानें। उन्हें समझाते हुए चॉकलेट व टॉफी न दिलवाएं।
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