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Farrukhabad News: पीकू वार्ड में ताला, बीमार बच्चे इमरजेंसी वार्ड में शिफ्ट

Thu, 01 Aug 2024 01:11 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 01 Aug 2024 01:11 AM IST
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Piku ward locked, sick children shifted to emergency ward
फर्रुखाबाद। डॉ. राममनोहर लोहिया जिला अस्पताल के पीकू वार्ड में बुधवार सुबह ताला डाल दिया गया। 31 जुलाई को अनुबंध समाप्त होने के चलते कर्मचारी लखनऊ रवाना हो गए। वार्ड में भर्ती कुछ बच्चों को इमरजेंसी के बच्चा वार्ड में शिफ्ट किया गया। कुछ की छुट्टी कर दी गई। बच्चों के इलाज की समस्या खड़़ी हो गई है।
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कोविड के दौरान शासन ने निजी संस्था से ठेका कर्मियों की तैनाती की थी। लोहिया अस्पताल में बने पीकू वार्ड में इन्हीं कर्मियों की तैनाती थी। कई बार एक-दो महीना का अनुबंध बढ़ाने के बाद राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने 31 जुलाई के बाद अनुबंध न बढ़ाने के आदेश जारी कर दिए थे। इसी के चलते पिछले दो दिन से ही लोहिया अस्पताल के बालरोग विशेषज्ञों ने बच्चों को भर्ती करना कम कर दिया था।
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सोमवार को हालत खराब होने के बाद भी कुछ बच्चों की छुट्टी करने से विवाद भी हुआ था। अनुबंध के अंतिम दिन पीकू कर्मचारियों ने काम बंद कर दिया। सुबह आठ बजे की शिफ्ट में कोई कर्मचारी न पहुंचने से पीकू वार्ड में ताला बंद कर दिया गया। कर्मचारी लखनऊ धरना-प्रदर्शन के लिए रवाना हो गए।
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पीकू वार्ड बंद होने के बाद कुछ बच्चों को इमरजेंसी बच्चा वार्ड में भर्ती किया गया। बता दें कि इमरजेंसी वार्ड में तैनात स्टाफ अधिक काम होने की वजह से बच्चा वार्ड में अलग स्टाफ की तैनाती की बात करता है। हालांकि फिलहाल इमरजेंसी वार्ड के स्टाफ को ही देखरेख का जिम्मा सौंपा गया है।
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बच्चा वार्ड में आधी अधूरी व्यवस्थाएं
बच्चा वार्ड में मात्र छह बेड हैं। जबकि पीकू वार्ड में कई बार 15-15 बच्चों को भर्ती करना पड़ा था। इस वार्ड में मॉनीटर की भी व्यवस्था नहीं है। लिहाजा गंभीर बच्चों की पल्स, ऑक्सीजन लेबल आदि की जांच करने में दिक्कत रहेगी।

-बच्चों के इलाज में कोई दिक्कत नहीं आने देंगे। वह अपने संसाधनों के हिसाब से काम करेंगे। यदि कोई बच्चा गंभीर होगा तो उसे रेफर किया जाएगा। इमरजेंसी बच्चा वार्ड में बच्चों को भर्ती कर इलाज होगा।
-डॉ. अशोक प्रियदर्शी, सीएमएस, लोहिया पुरुष अस्पताल
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