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हर्ष फायरिंग में फोटोग्राफर की मौत
अमर उजाला ब्यूरो, फर्रुखाबाद
Updated Wed, 24 Feb 2016 12:00 AM IST
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तिलक समारोह के खुशी में हुई ताबड़तोड़ फायरिंग से एक फोटोग्राफर की गोली लगने से मौत हो गई। पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज की है, जिसमें दो नामजद हैं।
थाना कमालगंज के गांव गगनी में राजीव पुत्र रामकिशन का तिलक समारोह सोमवार को आयोजित था। इसमें प्रदीप वीडियोग्राफी कर रहा था। फोटोग्राफर प्रदीप उर्फ बिजनेश जाटव पुत्र रमेश जाटव कसबा खुदागंज का निवासी था और वहीं अपनी फोटोग्राफी की दुकान चलाता था। जैसे ही राजीव का तिलक चढ़ना शुरू हुआ तो खुशी में लोगों ने अंधाधुंध फायरिंग करनी शुरू कर दी। गोली प्रदीप के सीने में लग गई, जिससे वह मौके पर ही गिर गया। प्रदीप के साथ उसका चचेरा भाई आशाराम भी गया था। प्रदीप ने गोली लगने की बात चचेरे भाई से कही।
प्रदीप के खून बहता देख आशाराम बेहोश हो गया। होश आने पर उसने अपने भाई अरुण को फोन किया और प्रदीप को लेकर सिटी अस्पताल फर्रुखाबाद पहुंचा। सिटी अस्पताल में प्रदीप को भर्ती करने से मना कर दिया तो रात करीब 10:30 बजे अरुण अपने भाई प्रदीप को लेकर लोहिया अस्पताल पहुंचा। यहां डाक्टरों ने प्रदीप को मृत घोषित कर दिया। घटना की रिपोर्ट अरुण कुमार ने गांव के ही बलवीर और रंजीत के अलावा दो अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज कराई है। घटना की सूचना पाकर अपर पुलिस अधीक्षक आरबी चौरसिया और पुलिस कप्तान राजेशकृष्ण मौके पर पहुंचे और उन्होंने छानबीन की। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में प्रदीप के दाहिने सीने में 315 बोर का बुलेट फंसा मिला है।
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थाना कमालगंज के गांव गगनी में राजीव पुत्र रामकिशन का तिलक समारोह सोमवार को आयोजित था। इसमें प्रदीप वीडियोग्राफी कर रहा था। फोटोग्राफर प्रदीप उर्फ बिजनेश जाटव पुत्र रमेश जाटव कसबा खुदागंज का निवासी था और वहीं अपनी फोटोग्राफी की दुकान चलाता था। जैसे ही राजीव का तिलक चढ़ना शुरू हुआ तो खुशी में लोगों ने अंधाधुंध फायरिंग करनी शुरू कर दी। गोली प्रदीप के सीने में लग गई, जिससे वह मौके पर ही गिर गया। प्रदीप के साथ उसका चचेरा भाई आशाराम भी गया था। प्रदीप ने गोली लगने की बात चचेरे भाई से कही।
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प्रदीप के खून बहता देख आशाराम बेहोश हो गया। होश आने पर उसने अपने भाई अरुण को फोन किया और प्रदीप को लेकर सिटी अस्पताल फर्रुखाबाद पहुंचा। सिटी अस्पताल में प्रदीप को भर्ती करने से मना कर दिया तो रात करीब 10:30 बजे अरुण अपने भाई प्रदीप को लेकर लोहिया अस्पताल पहुंचा। यहां डाक्टरों ने प्रदीप को मृत घोषित कर दिया। घटना की रिपोर्ट अरुण कुमार ने गांव के ही बलवीर और रंजीत के अलावा दो अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज कराई है। घटना की सूचना पाकर अपर पुलिस अधीक्षक आरबी चौरसिया और पुलिस कप्तान राजेशकृष्ण मौके पर पहुंचे और उन्होंने छानबीन की। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में प्रदीप के दाहिने सीने में 315 बोर का बुलेट फंसा मिला है।
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