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पानी का संकट न सुधरा तो फिर लगाया जाम
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शहर के मोहल्ला नरकसा में जाम लगाए महिलाएं व पुलिस से होती नोकझोंक।
- फोटो : FARRUKHABAD
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पानी के लिए तरस रहे लोग, फिर लगाया जाम
फर्रुखाबाद। शहर के आंबेडकर नगर नरकसा में प्रस्ताव पर मुहर लगने के वर्षों बाद में भी जलापूर्ति के लिए पाइप लाइन नहीं बिछाई जा सकी। पानी को लेकर रोजाना मारामारी की स्थिति बनी रहती है। जाम, धरना-प्रदर्शन और अधिकारियों को कई बार शिकायती पत्र देने के बाद भी नगर पालिका हाथ पर हाथ धरे बैठी है।
समस्या से बेहाल मोहल्ले की महिलाओं ने शनिवार दोपहर कादरीगेट-लिंजीगंज मार्ग पर फिर जाम लगा दिया। करीब डेढ़ घंटे तक आवागमन बंद रहा। समझाने पहुंची पुलिस को भी महिलाओं की खरीखोटी सुननी पड़ी। बाद में सोमवार तक की मोहलत पर जाम खोला गया।
कादरीगेट-लिंजीगंज मार्ग पर बसे आंबेडकर नगर नरकसा में करीब दो सौ घर हैं। लगभग एक हजार की आबादी है। लोगों को बेहतर बुनियादी संसाधन मुहैया कराने की मंशा से सरकार ने अमृत योजना के तहत मोहल्ले में पाइप लाइन बिछाने व पानी टंकी निर्माण की मंजूरी दी थी। कुछ दिनों बाद टंकी का निर्माण कराकर आगे के काम से नगर पालिका ने इतिश्री कर ली। मोहल्ले में कई वर्षों से पेय जलापूर्ति का संकट है।
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पाइप लाइन के लिए नगर पालिका के जिम्मेदारों को कई बार सभासद और मोहल्ले के लोगों ने लिखकर दिया, लेकिन किसी ने नहीं सुनी। मांग को लेकर गुरुवार को भी लोगों ने जाम लगा दिया था। लोगों का गुस्सा भांपकर उस दिन पालिका कर्मियों ने नापजोख शुरू की। काम शुरू होने की आशा में महिलाएं सड़क से उठ गईं। लेकिन, मामला शांत होते ही दोबारा कोई भी पालिका कर्मी मोहल्ले में काम के लिए नहीं पहुंचा। इससे लोगों में उबाल बढ़ गया।
शनिवार दोपहर 12 बजे के करीब तमाम महिलाएं घरों से निकलीं और मुख्यमार्ग पर बल्ली बांधकर जमीन पर बैठ गईं। हाथ में खाली बाल्टियां भी थीं। महिलाओं ने कहा कि जब तक नगर पालिका पाइपलाइन का काम शुरू नहीं करवाती, जाम नहीं खोलेंगे।
जाम लगते ही वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। हालांकि कुछ वाहन गंगानगर होकर निकलने लगे। बाशिंदों ने बताया कि रोजाना पानी के लिए घंटों समय जाया करना पड़ता है। जरूरी कामकाज छोड़कर पहले पानी का इंतजाम करना पड़ता है।
जाम की सूचना पर कादरीगेट चौकी प्रभारी राजेश राय मौके पर पहुंचे। महिलाओं को समझाने का प्रयास किया, तो प्रदर्शनकारियों ने खरीखोटी सुना दीं। महिलाओं ने बताया कि परेशानी हम लोगों को होती है। हम लोग किसी को दिक्कत देना नहीं चाहते, लेकिन हमारी समस्या कौन सुन रहा है।
नगर पालिका के अधिकारी जब तक काम शुरू नहीं कराते जाम नहीं खुलेगा। इसके बाद चौकी प्रभारी ने पालिका ईओ से वार्ता करके सोमवार तक का महिलाओं से समय मांगा। महिलाओं ने चेतावनी दी कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो फिर जाम लगेगा। इस मौके पर सुमन, नसीमा बेगम, पूनम, आशा देवी, बबली, गुड्डी देवी, सुशीला, रेशमा देवी, सुनीता, मुन्नी देवी आदि मौजूद रहीं।
लीकेज चेक करते कर्मचारी से कहासुनी
आंबेडकर नगर गली में लीकेज बंद करने के लिए गड्ढा खोदा गया था। काम कर रहे कर्मचारी ने महिलाओं से कुछ अप्रिय शब्द कह दिया, इससे वह खफा हो गईं। कुछ ही देर में पीआरवी महिला सिपाही पहुंचीं। उन्होंने मामला शांत किया।
अमृत योजना का भी नहीं मिला लाभ
शहर में अमृत योजना के तहत चार वर्ष पूर्व कई मोहल्लों में पानी की पाइपलाइन डलवाई गई, मंगर इस मोहल्ले में काम नहीं हुआ। बीते दिन नगर पालिका ने नापजोख करवाई। दो गलियों में 1350 मीटर पाइप डाला जाना है। अब देखना यह है कि लाइन कितने दिन में पड़ सके।
‘पाइप लाइन डालने का प्रस्ताव पास है। नापजोख करवा ली है। एस्टीमेट बनने और अन्य कागजी कार्रवाई में समय लगता है। प्रयास है कि 15 दिन में पाइप डालने का काम शुरू करवा दिया जाए।’
-रविंद्र कुमार, ईओ, नगर पालिका परिषद।
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फर्रुखाबाद। शहर के आंबेडकर नगर नरकसा में प्रस्ताव पर मुहर लगने के वर्षों बाद में भी जलापूर्ति के लिए पाइप लाइन नहीं बिछाई जा सकी। पानी को लेकर रोजाना मारामारी की स्थिति बनी रहती है। जाम, धरना-प्रदर्शन और अधिकारियों को कई बार शिकायती पत्र देने के बाद भी नगर पालिका हाथ पर हाथ धरे बैठी है।
समस्या से बेहाल मोहल्ले की महिलाओं ने शनिवार दोपहर कादरीगेट-लिंजीगंज मार्ग पर फिर जाम लगा दिया। करीब डेढ़ घंटे तक आवागमन बंद रहा। समझाने पहुंची पुलिस को भी महिलाओं की खरीखोटी सुननी पड़ी। बाद में सोमवार तक की मोहलत पर जाम खोला गया।
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कादरीगेट-लिंजीगंज मार्ग पर बसे आंबेडकर नगर नरकसा में करीब दो सौ घर हैं। लगभग एक हजार की आबादी है। लोगों को बेहतर बुनियादी संसाधन मुहैया कराने की मंशा से सरकार ने अमृत योजना के तहत मोहल्ले में पाइप लाइन बिछाने व पानी टंकी निर्माण की मंजूरी दी थी। कुछ दिनों बाद टंकी का निर्माण कराकर आगे के काम से नगर पालिका ने इतिश्री कर ली। मोहल्ले में कई वर्षों से पेय जलापूर्ति का संकट है।
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पाइप लाइन के लिए नगर पालिका के जिम्मेदारों को कई बार सभासद और मोहल्ले के लोगों ने लिखकर दिया, लेकिन किसी ने नहीं सुनी। मांग को लेकर गुरुवार को भी लोगों ने जाम लगा दिया था। लोगों का गुस्सा भांपकर उस दिन पालिका कर्मियों ने नापजोख शुरू की। काम शुरू होने की आशा में महिलाएं सड़क से उठ गईं। लेकिन, मामला शांत होते ही दोबारा कोई भी पालिका कर्मी मोहल्ले में काम के लिए नहीं पहुंचा। इससे लोगों में उबाल बढ़ गया।
शनिवार दोपहर 12 बजे के करीब तमाम महिलाएं घरों से निकलीं और मुख्यमार्ग पर बल्ली बांधकर जमीन पर बैठ गईं। हाथ में खाली बाल्टियां भी थीं। महिलाओं ने कहा कि जब तक नगर पालिका पाइपलाइन का काम शुरू नहीं करवाती, जाम नहीं खोलेंगे।
जाम लगते ही वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। हालांकि कुछ वाहन गंगानगर होकर निकलने लगे। बाशिंदों ने बताया कि रोजाना पानी के लिए घंटों समय जाया करना पड़ता है। जरूरी कामकाज छोड़कर पहले पानी का इंतजाम करना पड़ता है।
जाम की सूचना पर कादरीगेट चौकी प्रभारी राजेश राय मौके पर पहुंचे। महिलाओं को समझाने का प्रयास किया, तो प्रदर्शनकारियों ने खरीखोटी सुना दीं। महिलाओं ने बताया कि परेशानी हम लोगों को होती है। हम लोग किसी को दिक्कत देना नहीं चाहते, लेकिन हमारी समस्या कौन सुन रहा है।
नगर पालिका के अधिकारी जब तक काम शुरू नहीं कराते जाम नहीं खुलेगा। इसके बाद चौकी प्रभारी ने पालिका ईओ से वार्ता करके सोमवार तक का महिलाओं से समय मांगा। महिलाओं ने चेतावनी दी कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो फिर जाम लगेगा। इस मौके पर सुमन, नसीमा बेगम, पूनम, आशा देवी, बबली, गुड्डी देवी, सुशीला, रेशमा देवी, सुनीता, मुन्नी देवी आदि मौजूद रहीं।
लीकेज चेक करते कर्मचारी से कहासुनी
आंबेडकर नगर गली में लीकेज बंद करने के लिए गड्ढा खोदा गया था। काम कर रहे कर्मचारी ने महिलाओं से कुछ अप्रिय शब्द कह दिया, इससे वह खफा हो गईं। कुछ ही देर में पीआरवी महिला सिपाही पहुंचीं। उन्होंने मामला शांत किया।
अमृत योजना का भी नहीं मिला लाभ
शहर में अमृत योजना के तहत चार वर्ष पूर्व कई मोहल्लों में पानी की पाइपलाइन डलवाई गई, मंगर इस मोहल्ले में काम नहीं हुआ। बीते दिन नगर पालिका ने नापजोख करवाई। दो गलियों में 1350 मीटर पाइप डाला जाना है। अब देखना यह है कि लाइन कितने दिन में पड़ सके।
‘पाइप लाइन डालने का प्रस्ताव पास है। नापजोख करवा ली है। एस्टीमेट बनने और अन्य कागजी कार्रवाई में समय लगता है। प्रयास है कि 15 दिन में पाइप डालने का काम शुरू करवा दिया जाए।’
-रविंद्र कुमार, ईओ, नगर पालिका परिषद।