{"_id":"67b23287872a9a987803d3c6","slug":"pay-the-amount-in-the-district-hospital-then-ointment-will-be-applied-on-the-wounds-farrukhabad-news-c-22-1-sknp1018-105406-2025-02-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Farrukhabad News: जिला अस्पताल में चुकाओ रकम, तब जख्मों पर मलहम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Farrukhabad News: जिला अस्पताल में चुकाओ रकम, तब जख्मों पर मलहम
विज्ञापन
फर्रुखाबाद। डॉ. राममनोहर लोहिया जिला अस्पताल में गरीब और अनपढ़ मरीजों का शोषण चरम पर है। बर्न वार्ड में भर्ती झुलसे मरीजों को सरकारी दवाई का डिब्बा 200 रुपये लेकर दिया जा रहा है। यही नहीं एक महिला कर्मी दबाव बनाकर प्रोटीन पाउडर का डिब्बा 250 रुपये में बेचती है। जले में जल्द लाभ की बात कहकर मरीज रुपये खर्च करने को मजबूर हैं। हैरत की बात यह है कि अस्पताल में चल रहे इस गोरखधंधे पर रोक लगाने में जिम्मेदारों ने अब तक कोई पहल नहीं की है।
लोहिया अस्पताल के बर्न वार्ड में रविवार को पांच मरीज भर्ती थे। चार मरीजों को प्रोटीन पाउडर और सरकारी दवाई का डिब्बा लेने को कहा गया। कमालगंज के खुदागंज निवासी विशाल की पुत्री गौरी (3) पानी से झुलसी थी। मां बेबी ने बताया कि वह गरीब हैं। लिहाजा कर्मचारी जले में लगाने के लिए ट्यूब दे देते हैं। रात में ड्यूटी कर्मी ने कहा कि यदि जल्द फायदा चाहती हो तो 200 रुपये में डिब्बा वाली दवाई मिल जाएगी। मगर नहीं ले सकीं।
हरदोई के थाना हरपालपुर के गांव मुर्चा निवासी प्रमोद कुमार (42) भर्ती हैं। 12 फरवरी को घर में बिजली करंट से झुलस गए थे। पिता रामपाल सिंह ने बताया कि 200 रुपये लेकर सिल्वर सल्फाडायाजिन क्रीम का डिब्बा दिया है। जबकि इस डिब्बे पर प्रदेश सरकार की मुहर भी लगी है। हम्मदाबाद थाने के गांव खादर नगला के नन्हे बेहद गरीब हैं। चूल्हे से तापते वक्त बेटी प्राची (6) झुलस गई थी। पिछले सोमवार को भर्ती कराया। नन्हे ने बताया कि क्रीम का डिब्बा और प्रोटीन पावडर के 450 रुपये मांगे, मगर वह व्यवस्था नहीं कर सके। लिहाजा 250 रुपये देकर प्रोटीन पावडर का डिब्बा ले लिया। अब उन्हें क्रीम लगाने को दिए गए हैं। कायमगंज के हजरतपुर निवासी अमरपाल (45) हलवाई हैं। वह नौ जनवरी को लड्डू बनाते समय तेल की कढ़ाई में गिरकर पीछे के हिस्सा में झुलस गए थे। पत्नी शीला देवी ने बताया कि उन्हें काले डिब्बे की क्रीम 200 और प्रोटीन पावडर 250 रुपये में वार्ड में ही दिया गया।
विज्ञापन
बता दें कि जिस डिब्बे के 200 रुपये वसूले जा रहे हैं, वह सिल्वर सल्फाडायाजिन क्रीम सरकारी आपूर्ति है। नॉट फॉर सेल की मोहर भी लगी है। फिर भी अनपढ़ व गरीब मरीजों, तीमारदारों का जमकर आर्थिक शोषण हो रहा है।
विज्ञापन
लोहिया अस्पताल के बर्न वार्ड में रविवार को पांच मरीज भर्ती थे। चार मरीजों को प्रोटीन पाउडर और सरकारी दवाई का डिब्बा लेने को कहा गया। कमालगंज के खुदागंज निवासी विशाल की पुत्री गौरी (3) पानी से झुलसी थी। मां बेबी ने बताया कि वह गरीब हैं। लिहाजा कर्मचारी जले में लगाने के लिए ट्यूब दे देते हैं। रात में ड्यूटी कर्मी ने कहा कि यदि जल्द फायदा चाहती हो तो 200 रुपये में डिब्बा वाली दवाई मिल जाएगी। मगर नहीं ले सकीं।
विज्ञापन
हरदोई के थाना हरपालपुर के गांव मुर्चा निवासी प्रमोद कुमार (42) भर्ती हैं। 12 फरवरी को घर में बिजली करंट से झुलस गए थे। पिता रामपाल सिंह ने बताया कि 200 रुपये लेकर सिल्वर सल्फाडायाजिन क्रीम का डिब्बा दिया है। जबकि इस डिब्बे पर प्रदेश सरकार की मुहर भी लगी है। हम्मदाबाद थाने के गांव खादर नगला के नन्हे बेहद गरीब हैं। चूल्हे से तापते वक्त बेटी प्राची (6) झुलस गई थी। पिछले सोमवार को भर्ती कराया। नन्हे ने बताया कि क्रीम का डिब्बा और प्रोटीन पावडर के 450 रुपये मांगे, मगर वह व्यवस्था नहीं कर सके। लिहाजा 250 रुपये देकर प्रोटीन पावडर का डिब्बा ले लिया। अब उन्हें क्रीम लगाने को दिए गए हैं। कायमगंज के हजरतपुर निवासी अमरपाल (45) हलवाई हैं। वह नौ जनवरी को लड्डू बनाते समय तेल की कढ़ाई में गिरकर पीछे के हिस्सा में झुलस गए थे। पत्नी शीला देवी ने बताया कि उन्हें काले डिब्बे की क्रीम 200 और प्रोटीन पावडर 250 रुपये में वार्ड में ही दिया गया।
विज्ञापन
बता दें कि जिस डिब्बे के 200 रुपये वसूले जा रहे हैं, वह सिल्वर सल्फाडायाजिन क्रीम सरकारी आपूर्ति है। नॉट फॉर सेल की मोहर भी लगी है। फिर भी अनपढ़ व गरीब मरीजों, तीमारदारों का जमकर आर्थिक शोषण हो रहा है।