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Farrukhabad News: मरीजों की नहीं होती जांच, लाखों की सामग्री बर्बाद

Wed, 18 Sep 2024 02:37 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 18 Sep 2024 02:37 AM IST
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Patients are not examined, materials worth lakhs wasted
फर्रुखाबाद। नगरीय हेल्थ वेलनेस सेंटरों पर विभागीय उपेक्षा के चलते मरीजों की जांच नहीं हो पा रही है। लाखों रुपये की जांच सामग्री एक्सपायर होकर बर्बाद हो रही है। इन सेंटरों पर बड़ी मात्रा में एक्सपायरी ग्लूकोस्टि्रप का स्टॉक रखा है। जो विभागीय लापरवाही की गवाही दे रहा है।
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स्वास्थ्य विभाग के रिकार्ड के अनुसार शहर में 12 हेल्थ वेलनेस हैं। इनमें तीन सेंटर कागजों पर ही चल रहे हैं। नौ हेल्थ वेलनेस सेंटर चार डॉक्टरों के भरोसे हैं। अक्सर पांच सेंटरों की स्वास्थ्य सेवाएं ठप रहती हैं। किसी भी सेंटर पर एलटी की तैनाती न होने से मरीजों की जांच नहीं हो पा रही है।
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इसके बावजूद इन सेंटरों पर लाखों रुपये कीमत की जांच सामग्री दी जा रही है। इसका नतीजा यह है कि बिना इस्तेमाल के ही यह जांच सामग्री एक्सपायर होकर बर्बाद हो रही है। इन सेंटरों पर भरपूर संसाधन देने के बावजूद मरीजों को लाभ नहीं मिल पा रहा है।
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हालात पर नजर डालें तो फतेहगढ़ के हेल्थ वेलनेस सेंटर बंधौआ में बड़ी मात्रा में ग्लूकोस्टि्रप एक्सपायर रखी हैं। स्टोर में सामने रखे ग्लूकोस्टि्रप के 22 डिब्बों पर एक्सपायरी डेट जुलाई 2024 पड़ी है। जो दो माह पहले ही एक्सपायर हो चुकी है। एक डिब्बे का मूल्य 3350 रुपये अंकित होने से इसकी कीमत 73,700 रुपये हुई। इसके अलावा प्रेग्नेंसी टेस्ट किट, डेंगू, मलेरिया व टाइफाइड जांच किट के एक्सपायरी डेट पर भी सवाल उठ रहा है।
सेंटर पर रखीं कई दवाओं के एक्सपायर होने में दो माह ही शेष हैं। इसमें आयरन की गोलियां भी शामिल हैं। इस हिसाब से 12 हेल्थ वेलनेस सेंटरों में कितनी जांच सामग्री डंप है, यह तो विभाग भी नहीं बता पा रहा है।
संसाधनों पर नजर डालें तो हेल्थ वेलनेस सेंटर बंधौआ में दो एसी लगे हैं। वाटर कूलर, फ्रिज, आरओ आदि उपकरण स्टोर में कबाड़ की तरह भरे हैं। इससे साफ है कि इन सेंटरों की जांच की जाए तो कई लाख रुपये की जांच सामग्री व दवाएं एक्सपायर होकर बर्बाद होती मिलेंगी।स्वास्थ विभाग की नियमावली की माने तो जिन सेंटरों पर दवा या जांच किट उपयोग में नहीं आती हैं उन्हें एक्सपायर होने से पहले किसी ऐसे स्वास्थ्य केंद्र पर भेजा जाना चाहिए। जहां एक्सपायर होने से पहले इनका उपयोग किया जा सके लेकिन किसी भी हेल्थ वेलनेस सेंटर पर ऐसा देखने को नहीं मिला।


सभी नगरीय हेल्थ वेलनेस सेंटरों की जांच कराई जाएगी। सही दवाओं के साथ एक्सपायरी दवा व जांच सामग्री रखना गलत है। जांच सामग्री बर्बाद होने के मामले में भी स्पष्टीकरण भी मांगेंगे। एक-दो दिन में संविदा डॉक्टरों की चयन प्रक्रिया पूर्ण होते ही उनकी ड्यूटी लगा दी जाएगी।
- डॉ.अवनींद्र कुमार, सीएमओ
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