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Farrukhabad News: नीलामी के इंतजार में खड़ी कंडम बसों से ढाेए जा रहे यात्री

Wed, 11 Sep 2024 12:55 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 11 Sep 2024 12:55 AM IST
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Passengers being dropped from condom buses waiting for auction
फर्रुखाबाद। राज्य सड़क परिवहन निगम के स्थानीय डिपो में नीलामी के इंतजार में खड़ीं 45 बसों से यात्रियों को ढोया जा रहा है। पिछले महीने डिपो की 10 बसें नीलाम हो चुकी हैं। जबकि शेष 45 बसों का प्रस्ताव निदेशालय में भेजा है। फिलहाल डिपो के पास निगम की 92 और 28 अनुबंधित बसें हैं। यदि सभी बसों नीलाम हो जाती हैं, तो 37 बसें ही बचेंगी। इससे यात्रियों को मुसीबत होगी।
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निगम से स्थानीय डिपो को हर माह करीब 15 लाख रुपये का लक्ष्य मिला है। संसाधनों की बात करें, तो निगम की 92 और अनुबंधित 28 बसें बेड़े में शामिल हैं। पिछले महीने डिपो की 10 बसें नीलाम हो चुकी हैं। शेष 92 बसों में 45 बसें ऐसी हैं, जो 10 साल अथवा 10 लाख किमी से अधिक की दूरी तय कर चुकी हैं। निगम के नियमानुसार इनकी चलने की क्षमता खत्म हो चुकी है। यही नहीं डिपो ने इन बसों को भी नीलाम करने के लिए मुख्यालय को प्रस्ताव भेज दिया है। अब यदि यह बसें भी नीलाम हो जाती हैं, तो निगम के पास मात्र 37 बसें ही बचेंगी। इससे यात्रियों की दृष्टि से महत्वपूर्ण डिपो में खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।
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दिल्ली रूट पर जाती हैं 35 से अधिक बसें
डिपो के पास सबसे अधिक महत्वपूर्ण दिल्ली रूट है। यहां के लिए रोजाना 35 से अधिक बसें रवाना होती हैं। आगरा रूट पर 17 बसें भेजी जाती हैं। इसके अलावा कानपुर, बदायूं, एटा के अलावा लोकल मार्गों पर संचालित हैं। यदि कंडम श्रेणी की सभी बसें नीलाम हो जाती हैं, तो कई रूटों पर यात्रियों को दिक्कत होना तय है।
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100 परिचालकों की कमी, चालकों को नहीं मिल रही ड्यूटी
निगम के पास इस समय 151 परिचालक और 149 चालक हैं। बसों की संख्या के हिसाब से करीब 100 परिचालकों की है। परिचालकों की वजह से ही कई चालक कार्यशाला में आने के बाद बिना ड्यूटी किए ही लौटने को मजबूर हैं। इससे उनको परिवार चलाना मुश्किल है।

-10 बसें नीलाम हो चुकीं और 45 अन्य बसों अपनी उम्र पूरी कर चुकी हैं। उनकी सूची बनाकर मुख्यालय भेज दी गई है। जब अन्य बसें नीलाम होंगी, उससे पहले नई बसें मिलने की उम्मीद है। शीघ्र ही यहां से डिमांड भेजी जाएगी। यात्रियों को दिक्कत नहीं होगी।
-राजेश कुमार, एआरएम, फर्रुखाबाद डिपो
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