ताबड़तोड़ फायरिंग कर बूथ डंप, मतपत्र लूटे
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फर्रुखाबाद। पंचायत चुनाव के द्वितीय चरण में शांतिपूर्ण मतदान कराने में प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस सिस्टम फेल हो गया। राजेपुर विकास खंड के गूजरपुर पमारान में मतदान के दौरान दबंगों ने बूथ पर धावा बोल कर कब्जा कर लिया। यह मतपत्रों को लूट कर वोट डालने लगे। पुलिस के विरोध करने पर दबंग फायरिंग करने लगे। उपद्रवियों ने करीब 30 से 40 राउंड फायर किए। करीब 30 मिनट बाद अफसरों का काफिला पुलिस बल के साथ गांव पहुंचा। पुलिस ने दबंगों पर काबू पाने के लिए जवाबी फायरिंग की। फायरिंग करने वालों को पकड़ने के लिए ग्रामीणों के घरों की तलाशी ली गई। कोई भी पुलिस के हाथ नहीं लगा। यहां मतदान निरस्त कर दिया गया। डीएम ने बताया कि यहां रीपोल कराया जाएगा।
प्राइमरी स्कूल गूजरपुर पमारन के बूथों की छताें पर पत्थर जमा थे। उपद्रवियों ने बूथ लूटने का पहला प्रयास सुबह करीब 8.45 बजे किया। आठ-दस दबंग बूथ पर घुस कर फर्जी मतदान करने लगे। इसका बीडीसी सदस्य दुर्विजय कुमार ने विरोध किया। इस पर दबंगों ने मारपीट कर दी। पुलिस ने दोनों पक्षों को धमका कर बूथ से खदेड़ दिया। इसके विरोध में उपद्रवियों ने पुलिस पर पथराव कर दिया।
इस जानकारी पर डीएम सत्येंद्र कुमार सिंह और एसपी दिनेश कुमार पी का काफिला फोर्स के साथ बूथ पर पहुंचा। ग्रामीणों ने गैर जिले से आए दबंगों के घरों में छुपे होने की जानकारी पुलिस को दी। पुलिस सर्च करने के लिए गई तो जयसिंह व नेकराम सिंह ने पुलिस कर्मियों को घर में नहीं घुसने दिया। इस पर एसपी ने इनके खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए।
सेक्टर मजिस्ट्रेट को बूथ के अंदर देख एसपी नाराज हो गए। उन्होंने इन्हें बाहर कर दिया। अफसरों के वापस लौटने के बाद दबंगों ने करीब 11.45 बजे ताबड़तोड़ फायरिंग कर बूथ डंप कर लिया। दबंगों ने मतपत्रों को लूट लिया और असलहों के दम पर फर्जी मतदान करने लगे।
मतदानकर्मी व सेक्टर मजिस्ट्रेट असहाय बने रहे। उपद्रव के समय अमृतपुर थाने में एसपी व डीएम के साथ पुलिस बल मौजूद था। बूथ पर मौजूद पुलिस ने फर्जी मतदान का विरोध किया तो दबंग फायरिंग करने लगे। इन्होंने करीब 30 से 40 राउंड फायर किए। जानकारी पर एएसपी और सीडीओ पुलिस बल के साथ गांव पहुंचे। दबंगों के हौसलों को परास्त करने के लिए पुलिस ने जवाबी फायरिंग की। इससे गांव में भगदड़ मच गई।
देखते ही देखते गांव छावनी में बदल दिया गया। पुलिस सुरक्षा में बूथ संख्या 165 व 166 के मतदान कर्मियों को थाना लाया गया। बूथ संख्या 165 पर 830 व बूथ संख्या 166 पर 900 वोट हैं। उपद्रव से पहले करीब 45 फीसदी ही मतदान हो पाया था। पुलिस ने गांव के कौलेंद्र व वेदराज को हिरासत में लिया है। डीएम सत्येंद्र कुमार सिंह ने बताया कि यहां रीपोल कराया जाएगा ।