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बारिश में एक करोड़ से ज्यादा की खाद भीगी
farrukhabad
Updated Fri, 31 Aug 2018 11:50 PM IST
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भीगी हुई खाद की बोरियां।
- फोटो : amarujala
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बारिश में फर्रुखाबाद रेलवे स्टेशन पर एनपीके खाद की करीब 9 हजार बोरियां बुरी तरह भीग गईं। इनसे बड़ी मात्रा में खाद बह गई। बची खाद भी बेमतलब की है। एक बोरी खाद की कीमत 1175 रुपये है। इस लिहाज से करीब एक करोड़ 57 लाख पांच हजार रुपये की चपत लगी है।
इफ्को कंपनी गुजरात से पांच दिन पहले करीब 75 हजार एनपीके (12-32-16) खाद की बोरियां मालगाड़ी से फर्रुखाबाद स्टेशन पर आई थीं। इन्हें खुले में रखवा दिया गया। इन बोरियों को ढकने का कोई इंतजाम नहीं किया गया। बारिश में लगभग नौ हजार बोरियां बुरी तरह भीग गईं। इनसे काफी तादाद में खाद बह गई। जानकारी मिलने पर एरिया मैनेजर राजवीर सिंह और ठेकेदार देवेंद्र यादव दो-तीन दिन बाद मौके पर पहुंचे। ठेकेदार ने भीगी बोरियों को बघार और सातनपुर मंडी स्थित खाद की गोदाम पर पहुंचा दिया।
ठेकेदार पुत्र यशपाल ने बताया कि रेलवे की लापरवाही से बोरियां भीगी हैं। वहीं रेलवे के एक कर्मचारी ने बताया कि बोरियों की देखरेख की जिम्मेदारी मालबाबू की होती है। स्टेशन अधीक्षक उमाशंकर प्रसाद कौशिक ने यह कहते हुए पल्ला झाड़ लिया कि रेलवे के उच्चाधिकारियों ने मीडिया में बयान देने से मना कि या है। इसके लिए जनसंपर्क अधिकारी गोरखपुर से बात करें। एरिया मैनेजर राजवीर सिंह ने बताया कि 75 हजार खाद की बोरियां आई थीं। बोरियों की देखरेख की जिम्मेदारी पीसीएफ के जिला प्रबंधक की है। बरसात में भीगी बोरियों को बघार और सातनपुर मंडी स्थित गोदाम में रखवा दिया गया है। भीगी और सूखी बोरियों की छटनी कराई जा रही है। भीगी बोरियों को कंपनी को भिजवा दिया जाएगा। यह खाद कन्नौज जिले में भी भेजी जानी है।
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इफ्को कंपनी गुजरात से पांच दिन पहले करीब 75 हजार एनपीके (12-32-16) खाद की बोरियां मालगाड़ी से फर्रुखाबाद स्टेशन पर आई थीं। इन्हें खुले में रखवा दिया गया। इन बोरियों को ढकने का कोई इंतजाम नहीं किया गया। बारिश में लगभग नौ हजार बोरियां बुरी तरह भीग गईं। इनसे काफी तादाद में खाद बह गई। जानकारी मिलने पर एरिया मैनेजर राजवीर सिंह और ठेकेदार देवेंद्र यादव दो-तीन दिन बाद मौके पर पहुंचे। ठेकेदार ने भीगी बोरियों को बघार और सातनपुर मंडी स्थित खाद की गोदाम पर पहुंचा दिया।
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ठेकेदार पुत्र यशपाल ने बताया कि रेलवे की लापरवाही से बोरियां भीगी हैं। वहीं रेलवे के एक कर्मचारी ने बताया कि बोरियों की देखरेख की जिम्मेदारी मालबाबू की होती है। स्टेशन अधीक्षक उमाशंकर प्रसाद कौशिक ने यह कहते हुए पल्ला झाड़ लिया कि रेलवे के उच्चाधिकारियों ने मीडिया में बयान देने से मना कि या है। इसके लिए जनसंपर्क अधिकारी गोरखपुर से बात करें। एरिया मैनेजर राजवीर सिंह ने बताया कि 75 हजार खाद की बोरियां आई थीं। बोरियों की देखरेख की जिम्मेदारी पीसीएफ के जिला प्रबंधक की है। बरसात में भीगी बोरियों को बघार और सातनपुर मंडी स्थित गोदाम में रखवा दिया गया है। भीगी और सूखी बोरियों की छटनी कराई जा रही है। भीगी बोरियों को कंपनी को भिजवा दिया जाएगा। यह खाद कन्नौज जिले में भी भेजी जानी है।
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