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डीएम व सीडीओ को केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने किया सम्मानित
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फर्रुखाबाद। शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर काम करने में केंद्रीय शिक्षा मंत्री की ओर से जिलाधिकारी व मुख्य विकास अधिकारी को देशव्यापी समारोह में प्रशस्तिपत्र देकर सम्मानित किया गया।
ग्राम पंचायत स्तर से हुए कायाकल्प से जनपद के परिषदीय स्कूूलों की सूरत ही बदल गई। स्कूलों की मरम्मत, वाल पेंटिंग, शौचालय, हैंडवाश प्वाइंट आदि व्यवस्थाएं होने से वह निजी स्कूलों को मात दे रहे हैं।
जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह व मुख्य विकास अधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया के कुशल निर्देशन में 1085 परिषदीय स्कूलों को फाइव स्टार बनाया जा रहा है। इनमें अधिकांश का काम पूरा हो चुका है। ये स्कूल अब बच्चों को अपनी ओर आकर्षित कर यहां पढ़ने की रुचि जगा रहे हैं। कोरोना महामारी के चलते स्कूलों में कक्षाओं का संचालन भले ही न हो पाया हो, लेकिन गांव के बच्चे अपना स्कूल देखने जरूर जा रहे हैं।
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शिक्षा में शून्य निवेश नवाचार में अधिकारियों का प्रयास सफल रहा। शिक्षा व शिक्षण में गुणवत्ता, आदर्श विद्यालय के मापदंड, प्रेरक विद्यालय, लर्निंग आउटकम, स्टूडेंट रिपोर्ट कार्ड, स्वर-लय-ताल-वंदना आदि प्रयास भी सार्थक रहे।
स्कूलों में स्वच्छता पेटी के साथ शिकायत, सुझाव व पॉक्सो पेटिका भी रखवाई गईं हैं। इसके अलावा जल संचयन के प्रति बच्चों में जागरूकता, शिक्षा के प्रति रुझान बढ़ाने वाले कार्यक्रम भी चले। जिले में करीब 1000 स्कूलों को थ्री, फोर व फाइव स्टार बनाया जा चुका है।
शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने देशव्यापी कार्यक्रम में जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह और मुख्य विकास अधिकारी डॉ.राजेंद्र पैंसिया को बधाई देते हुए प्रशस्तिपत्र दिया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने कुशल नेतृत्व और कर्मनिष्ठा से शिक्षा में सकारात्मक परिवर्तन के लिए किए गए प्रयासों की सराहना की।
इसके अलावा फाइव स्टार स्कूल बनाने के मामले में मेरिट के आधार पर मुख्य विकास अधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया को इनोवेटिव फाइव स्टार स्कूल विभाग की ओर से 22 दिसंबर को प्रशस्तिपत्र दिया गया है।
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ग्राम पंचायत स्तर से हुए कायाकल्प से जनपद के परिषदीय स्कूूलों की सूरत ही बदल गई। स्कूलों की मरम्मत, वाल पेंटिंग, शौचालय, हैंडवाश प्वाइंट आदि व्यवस्थाएं होने से वह निजी स्कूलों को मात दे रहे हैं।
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जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह व मुख्य विकास अधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया के कुशल निर्देशन में 1085 परिषदीय स्कूलों को फाइव स्टार बनाया जा रहा है। इनमें अधिकांश का काम पूरा हो चुका है। ये स्कूल अब बच्चों को अपनी ओर आकर्षित कर यहां पढ़ने की रुचि जगा रहे हैं। कोरोना महामारी के चलते स्कूलों में कक्षाओं का संचालन भले ही न हो पाया हो, लेकिन गांव के बच्चे अपना स्कूल देखने जरूर जा रहे हैं।
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शिक्षा में शून्य निवेश नवाचार में अधिकारियों का प्रयास सफल रहा। शिक्षा व शिक्षण में गुणवत्ता, आदर्श विद्यालय के मापदंड, प्रेरक विद्यालय, लर्निंग आउटकम, स्टूडेंट रिपोर्ट कार्ड, स्वर-लय-ताल-वंदना आदि प्रयास भी सार्थक रहे।
स्कूलों में स्वच्छता पेटी के साथ शिकायत, सुझाव व पॉक्सो पेटिका भी रखवाई गईं हैं। इसके अलावा जल संचयन के प्रति बच्चों में जागरूकता, शिक्षा के प्रति रुझान बढ़ाने वाले कार्यक्रम भी चले। जिले में करीब 1000 स्कूलों को थ्री, फोर व फाइव स्टार बनाया जा चुका है।
शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने देशव्यापी कार्यक्रम में जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह और मुख्य विकास अधिकारी डॉ.राजेंद्र पैंसिया को बधाई देते हुए प्रशस्तिपत्र दिया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने कुशल नेतृत्व और कर्मनिष्ठा से शिक्षा में सकारात्मक परिवर्तन के लिए किए गए प्रयासों की सराहना की।
इसके अलावा फाइव स्टार स्कूल बनाने के मामले में मेरिट के आधार पर मुख्य विकास अधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया को इनोवेटिव फाइव स्टार स्कूल विभाग की ओर से 22 दिसंबर को प्रशस्तिपत्र दिया गया है।