{"_id":"5f42b25a8ebc3e6d003d504e","slug":"other-farrukhabad-news-knp578433454","type":"story","status":"publish","title_hn":"सत्रह महीने चली जांच के बाद पुलिस कर्मियों के खिलाफ हुई कार्रवाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सत्रह महीने चली जांच के बाद पुलिस कर्मियों के खिलाफ हुई कार्रवाई
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फर्रुखाबाद। पचास हजार के इनामी बदन सिंह उर्फ बद्दो के फरारी मामले में सत्रह माह जांच चलने के बाद पुलिसकर्मियों के खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई हो सकी। अफसरों ने दरोगा को सेवानिवृत्त के दिन बर्खास्त कर किसी तरह विभाग को शर्मसार होने से बचाया था। पुलिस अभिरक्षा से फरार हुए 50 हजार के इनामी बदन सिंह बद्दों का आज तक कोई सुराग नहीं लगा है।
पुलिस लाइन के दरोगा देशराज त्यागी की अगुवाई में दीवान संतोष कुमार, सिपाही सुनील सिंह, राजकुमार, ओमवीर सिंह, चालक भूपेंद्र सिंह सरकारी वाहन से 27 मार्च 2019 को सेंट्रल जेल के शातिर बंदी बदन सिंह बद्दो को जनपद गाजियाबाद पेशी पर ले गए थे। पेशी के बाद पुलिसकर्मी बदन सिंह को जनपद मेरठ के होटल मुकुट महल में ले गए। होटल मालिक से बदन सिंह की गहरी दोस्ती थी। साजिश के तहत बदन सिंह पुलिसकर्मियों
को चकमा देकर फरार हो गया। बदन सिंह समेत सभी पुलिसकर्मियों के खिलाफ मेरठ के थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिसकर्मियों की लापरवाही पर एसपी डॉ अनिल मिश्रा ने दरोगा समेत सभी छह लोगों को निलंबित कर दिया था। तत्कालीन सीओ लाइन ने जांच कर तत्कालीन एएसपी त्रिभुवन सिंह को दी थी।
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मार्च में एएसपी ने सभी पुलिसकर्मियों के खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई की संस्तुति कर रिपोर्ट एसपी को भेज दी थी। उसके बाद फाइल ठंडे बस्ते में रखी रही। दरोगा देशराज त्यागी 30 जुलाई को रिटायर हो रहे थे। रिटायरमेंट से कुछ घंटे पहले आईजी जोन मोहित अग्रवाल की फटकार के बाद एसपी ने दरोगा की बर्खास्तगी की संस्तुति कर रिपोर्ट आईजी के पास भेज दी थी। आईजी ने रिपोर्ट मिलते ही दरोगा को बर्खास्त कर दिया था। 22 दिन बाद एसपी ने शनिवार की रात चालक समेत सभी सिपाहियों को बर्खास्त कर दिया। विभाग में जांच के नाम पर कई महीनों तक फाइल को दबाए रखने की परंपरा का निर्वहन हो रहा है। पुलिस पचास हजार के इनामी बदन सिंह का कोई सुराग तक नहीं लगा सकी है।
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पुलिस लाइन के दरोगा देशराज त्यागी की अगुवाई में दीवान संतोष कुमार, सिपाही सुनील सिंह, राजकुमार, ओमवीर सिंह, चालक भूपेंद्र सिंह सरकारी वाहन से 27 मार्च 2019 को सेंट्रल जेल के शातिर बंदी बदन सिंह बद्दो को जनपद गाजियाबाद पेशी पर ले गए थे। पेशी के बाद पुलिसकर्मी बदन सिंह को जनपद मेरठ के होटल मुकुट महल में ले गए। होटल मालिक से बदन सिंह की गहरी दोस्ती थी। साजिश के तहत बदन सिंह पुलिसकर्मियों
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को चकमा देकर फरार हो गया। बदन सिंह समेत सभी पुलिसकर्मियों के खिलाफ मेरठ के थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिसकर्मियों की लापरवाही पर एसपी डॉ अनिल मिश्रा ने दरोगा समेत सभी छह लोगों को निलंबित कर दिया था। तत्कालीन सीओ लाइन ने जांच कर तत्कालीन एएसपी त्रिभुवन सिंह को दी थी।
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मार्च में एएसपी ने सभी पुलिसकर्मियों के खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई की संस्तुति कर रिपोर्ट एसपी को भेज दी थी। उसके बाद फाइल ठंडे बस्ते में रखी रही। दरोगा देशराज त्यागी 30 जुलाई को रिटायर हो रहे थे। रिटायरमेंट से कुछ घंटे पहले आईजी जोन मोहित अग्रवाल की फटकार के बाद एसपी ने दरोगा की बर्खास्तगी की संस्तुति कर रिपोर्ट आईजी के पास भेज दी थी। आईजी ने रिपोर्ट मिलते ही दरोगा को बर्खास्त कर दिया था। 22 दिन बाद एसपी ने शनिवार की रात चालक समेत सभी सिपाहियों को बर्खास्त कर दिया। विभाग में जांच के नाम पर कई महीनों तक फाइल को दबाए रखने की परंपरा का निर्वहन हो रहा है। पुलिस पचास हजार के इनामी बदन सिंह का कोई सुराग तक नहीं लगा सकी है।