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Farrukhabad News: मरीजों में धक्का-मुक्की देख कुर्सी छोड़कर भागे आर्थो सर्जन
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फर्रुखाबाद। डॉ. राममनोहर लोहिया जिला अस्पताल में मरीजों की दिक्कतें कम नहीं हो रहीं हैं। सोमवार को करीब 850 मरीजों की भीड़ पहुंची। पर्चा काउंटर से लेकर डॉक्टरों के कमरों तक लंबी कतारें लगी रहीं। कमरे में धक्का-मुक्की शुरू होने पर आर्थो सर्जन को कुर्सी छोड़कर भागना पड़ा। टीबी व चेस्ट फिजीशियन, लैब व एक्सरे रूम के बाहर मरीजों को घंटों इंतजार के बाद ही नंबर आ सका।
सोमवार को आर्थो सर्जन डॉ. रिषिकांत वर्मा व जनरल सर्जन डॉ. अमर नाथ के अवकाश पर होने और चेस्ट फिजीशियन डॉ. अंकित मिश्रा की इमरजेंसी ड्यूटी होने के कारण ओपीडी में मरीज भटकते रहे। तीन डॉक्टरों की गैर मौजूदगी मरीजों के लिए मुसीबत बन गई। आर्थो सर्जन डॉ. नीरज वर्मा के कमरे के बाहर लगी मरीजों की भीड़ एक साथ अंदर घुस गई। धक्का-मुक्की से अनहोनी की आशंका को देख वह कुर्सी छोड़कर सीएमएस के कमरे में चले गए। कुछ देर बाद फिर पहुंचे, तो मरीज आक्रोशित हो गए।
डॉक्टर ने दोबारा भी वापस होना ही मुनासिब समझा। कई गार्डों के समझाने पर करीब पौन घंटे बाद डॉक्टर ने दोबारा मरीज देखे। टीबी एवं चेस्ट फिजीशियन डॉ. ध्रुवराज सिंह के कमरे के बाहर मरीज धक्का-मुक्की और शोरगुल करते रहे।
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मरीज फर्श पर लेटकर इंतजार करते दिखे। यही हाल डॉ. प्रवीन कुमार के कमरे के बाहर भी रहा। लैब में नमूना देने और एक्सरे कराने के लिए मरीजों को भीषण गर्मी में खासा परेशान होना पड़ा। इस समय सबसे अधिक खांसी, जुकाम, बुखार, उल्टी व दस्त और हड़्डी-जोड़ दर्द के मरीज पहुंच रहे हैं।
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सोमवार को आर्थो सर्जन डॉ. रिषिकांत वर्मा व जनरल सर्जन डॉ. अमर नाथ के अवकाश पर होने और चेस्ट फिजीशियन डॉ. अंकित मिश्रा की इमरजेंसी ड्यूटी होने के कारण ओपीडी में मरीज भटकते रहे। तीन डॉक्टरों की गैर मौजूदगी मरीजों के लिए मुसीबत बन गई। आर्थो सर्जन डॉ. नीरज वर्मा के कमरे के बाहर लगी मरीजों की भीड़ एक साथ अंदर घुस गई। धक्का-मुक्की से अनहोनी की आशंका को देख वह कुर्सी छोड़कर सीएमएस के कमरे में चले गए। कुछ देर बाद फिर पहुंचे, तो मरीज आक्रोशित हो गए।
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डॉक्टर ने दोबारा भी वापस होना ही मुनासिब समझा। कई गार्डों के समझाने पर करीब पौन घंटे बाद डॉक्टर ने दोबारा मरीज देखे। टीबी एवं चेस्ट फिजीशियन डॉ. ध्रुवराज सिंह के कमरे के बाहर मरीज धक्का-मुक्की और शोरगुल करते रहे।
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मरीज फर्श पर लेटकर इंतजार करते दिखे। यही हाल डॉ. प्रवीन कुमार के कमरे के बाहर भी रहा। लैब में नमूना देने और एक्सरे कराने के लिए मरीजों को भीषण गर्मी में खासा परेशान होना पड़ा। इस समय सबसे अधिक खांसी, जुकाम, बुखार, उल्टी व दस्त और हड़्डी-जोड़ दर्द के मरीज पहुंच रहे हैं।