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Farrukhabad News: मारपीट के मामले में तीन को परिवीक्षा पर छोड़ने का आदेश
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= प्रत्येक दोषी पर 20 हजार रुपये का व्यक्तिगत बंधपत्र और एक जमानती देने की शर्त
संवाद न्यूज एजेंसी
फर्रुखाबाद। दीवार बनाने के विवाद में मारपीट और चोट पहुंचाने के 22 साल पुराने मामले में अदालत ने तीन आरोपियों को दोषी ठहराया। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट युगल शंभू ने थाना नवाबगंज के गांव नवादा पहाड़पुर निवासी तीन सगे भाइयों राजेश, मुकेश और राजीव को छह माह की परिवीक्षा पर छोड़ने का आदेश दिया। अदालत ने प्रत्येक दोषी को 20 हजार रुपये का व्यक्तिगत बंधपत्र और समान राशि का एक जमानती प्रस्तुत करने का आदेश दिया।
नवाबगंज थाना क्षेत्र के नवादा पहाड़पुर गांव के रहने वाले आशाराम ने पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि 27 अगस्त 2004 को वह अपने मकान की दीवार बना रहे थे। इसी दौरान उनके चचेरे भाइयों ने दीवार बनाने का विरोध किया। विवाद बढ़ने पर उसके साथ आरोपियों ने मारपीट की। एक आरोपी ने कुल्हाड़ी से भी हमला करने का प्रयास किया। घटना के बाद पुलिस ने चार आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना की।
मुकदमे की सुनवाई के दौरान एक आरोपी ब्रजेश की मृत्यु हो गई, जबकि राजेश, मुकेश और राजीव के खिलाफ सुनवाई जारी रही। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर तीनों को मारपीट के मामले में दोषी पाया। सजा के प्रश्न पर बचाव पक्ष ने आरोपियों की आर्थिक स्थिति कमजोर होने, मजदूरी करके परिवार चलाने और लंबे समय से मुकदमे का सामना करने का हवाला दिया। अदालत ने मामले के वर्ष 2004 से लंबित होने और आरोपियों के पूर्व दोषसिद्ध न होने सहित परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए परिवीक्षा अधिनियम के तहत राहत दी।
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दुष्कर्म के आरोपी की जमानत अर्जी खारिज
फर्रुखाबाद। युवती से दुष्कर्म के मामले में जेल में बंद आरोपी की जमानत अर्जी अदालत ने खारिज कर दी। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, त्वरित न्यायालय संख्या-एक संजय कुमार ने मामले की सुनवाई के दौरान केस डायरी और पीड़िता के बयान के आधार पर यह आदेश दिया। थाना शमसाबाद क्षेत्र की रहने वाली युवती ने आरोप लगाया था कि छह मार्च 2025 को शाम करीब पांच बजे वह अलेपुर रोड स्थित ऑटो स्टैंड पर घर जाने के लिए खड़ी थी। तभी थाना क्षेत्र के मोहल्ला मीरा दरवाजा निवासी अभिषेक और उसकी बहन रानी उसे धमकाकर अपने घर ले गए। वहां आरोपी ने उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए। पीड़िता ने बाद में धमकी देने और वीडियो इंटरनेट पर प्रसारित करने की धमकी देकर रुपये मांगने का भी आरोप लगाया। अदालत ने प्राथमिकी, केस डायरी और पीड़िता के बयान सहित उपलब्ध पुलिस अभिलेखों का अवलोकन करने के बाद मामले के गुण-दोष पर कोई राय व्यक्त किए बिना जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया। संवाद
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आठ साल की बालिका से दुष्कर्म के दोषी को सजा 22 को
फर्रुखाबाद। आठ वर्षीय बालिका के साथ दरिंदगी के मामले में विशेष पॉक्सो अदालत ने आरोपी राकेश गंगवार को दोषी करार दिय। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट रितिका त्यागी ने सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए 22 अक्तूबर की तारीख तय की है।
कोतवाली कायमगंज क्षेत्र की रहने वाली पीड़िता की मां ने पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि उनकी आठ वर्षीय बेटी मौसी के घर गई थी। 21 फरवरी की शाम वह घर के पास स्थित परचून की दुकान पर सामान लेने गई थी। इसी दौरान छपट्टी मोहल्ला निवासी इलेक्ट्रॉनिक दुकानदार राकेश गंगवार ने उसे रुपये देकर सामान मंगाया। बाद में अधिक रुपये देकर आरोपी ने बालिका को ऊपर बुलाया। बालिका के ऊपर पहुंचने पर आरोपी ने उसके साथ यौन अपराध किया। बालिका ने मौसी को घटना की जानकारी दी थी। परिजन आरोपी के घर पहुंचे लेकिन वह वहां से भाग चुका था। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना के बाद आरोपी के खिलाफ अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया। सुनवाई के दौरान पेश किए गए साक्ष्यों, गवाहों के बयानों और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आरोपी राकेश गंगवार को दोषी ठहराया। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
फर्रुखाबाद। दीवार बनाने के विवाद में मारपीट और चोट पहुंचाने के 22 साल पुराने मामले में अदालत ने तीन आरोपियों को दोषी ठहराया। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट युगल शंभू ने थाना नवाबगंज के गांव नवादा पहाड़पुर निवासी तीन सगे भाइयों राजेश, मुकेश और राजीव को छह माह की परिवीक्षा पर छोड़ने का आदेश दिया। अदालत ने प्रत्येक दोषी को 20 हजार रुपये का व्यक्तिगत बंधपत्र और समान राशि का एक जमानती प्रस्तुत करने का आदेश दिया।
नवाबगंज थाना क्षेत्र के नवादा पहाड़पुर गांव के रहने वाले आशाराम ने पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि 27 अगस्त 2004 को वह अपने मकान की दीवार बना रहे थे। इसी दौरान उनके चचेरे भाइयों ने दीवार बनाने का विरोध किया। विवाद बढ़ने पर उसके साथ आरोपियों ने मारपीट की। एक आरोपी ने कुल्हाड़ी से भी हमला करने का प्रयास किया। घटना के बाद पुलिस ने चार आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना की।
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मुकदमे की सुनवाई के दौरान एक आरोपी ब्रजेश की मृत्यु हो गई, जबकि राजेश, मुकेश और राजीव के खिलाफ सुनवाई जारी रही। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर तीनों को मारपीट के मामले में दोषी पाया। सजा के प्रश्न पर बचाव पक्ष ने आरोपियों की आर्थिक स्थिति कमजोर होने, मजदूरी करके परिवार चलाने और लंबे समय से मुकदमे का सामना करने का हवाला दिया। अदालत ने मामले के वर्ष 2004 से लंबित होने और आरोपियों के पूर्व दोषसिद्ध न होने सहित परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए परिवीक्षा अधिनियम के तहत राहत दी।
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दुष्कर्म के आरोपी की जमानत अर्जी खारिज
फर्रुखाबाद। युवती से दुष्कर्म के मामले में जेल में बंद आरोपी की जमानत अर्जी अदालत ने खारिज कर दी। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, त्वरित न्यायालय संख्या-एक संजय कुमार ने मामले की सुनवाई के दौरान केस डायरी और पीड़िता के बयान के आधार पर यह आदेश दिया। थाना शमसाबाद क्षेत्र की रहने वाली युवती ने आरोप लगाया था कि छह मार्च 2025 को शाम करीब पांच बजे वह अलेपुर रोड स्थित ऑटो स्टैंड पर घर जाने के लिए खड़ी थी। तभी थाना क्षेत्र के मोहल्ला मीरा दरवाजा निवासी अभिषेक और उसकी बहन रानी उसे धमकाकर अपने घर ले गए। वहां आरोपी ने उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए। पीड़िता ने बाद में धमकी देने और वीडियो इंटरनेट पर प्रसारित करने की धमकी देकर रुपये मांगने का भी आरोप लगाया। अदालत ने प्राथमिकी, केस डायरी और पीड़िता के बयान सहित उपलब्ध पुलिस अभिलेखों का अवलोकन करने के बाद मामले के गुण-दोष पर कोई राय व्यक्त किए बिना जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया। संवाद
आठ साल की बालिका से दुष्कर्म के दोषी को सजा 22 को
फर्रुखाबाद। आठ वर्षीय बालिका के साथ दरिंदगी के मामले में विशेष पॉक्सो अदालत ने आरोपी राकेश गंगवार को दोषी करार दिय। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट रितिका त्यागी ने सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए 22 अक्तूबर की तारीख तय की है।
कोतवाली कायमगंज क्षेत्र की रहने वाली पीड़िता की मां ने पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि उनकी आठ वर्षीय बेटी मौसी के घर गई थी। 21 फरवरी की शाम वह घर के पास स्थित परचून की दुकान पर सामान लेने गई थी। इसी दौरान छपट्टी मोहल्ला निवासी इलेक्ट्रॉनिक दुकानदार राकेश गंगवार ने उसे रुपये देकर सामान मंगाया। बाद में अधिक रुपये देकर आरोपी ने बालिका को ऊपर बुलाया। बालिका के ऊपर पहुंचने पर आरोपी ने उसके साथ यौन अपराध किया। बालिका ने मौसी को घटना की जानकारी दी थी। परिजन आरोपी के घर पहुंचे लेकिन वह वहां से भाग चुका था। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना के बाद आरोपी के खिलाफ अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया। सुनवाई के दौरान पेश किए गए साक्ष्यों, गवाहों के बयानों और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आरोपी राकेश गंगवार को दोषी ठहराया। संवाद