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रेलवे रोड पर नाला खोदाई शुरू, नोकझोंक
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फर्रुखाबाद। रेलवे रोड पर नाला खोदाई का काम शुरू हो गया है। कुछ लोगों ने निर्धारित दूरी तक तोड़फोड़ नहीं की, तो सिटी मजिस्ट्रेट ने दोबारा फीता से नाप करवा दी। इसी बात पर कुछ लोगों से नोकझोंक हुई।
रेलवे रोड से तीन माह बाद भी कुछ लोगों ने अतिक्रमण नहीं हटाया। बुधवार को सिटी मजिस्ट्रेट दीपाली भार्गव बुधवार सुबह 10 बजे चौक पर पहुंचीं। उन्होंने नाप शुरू कराई, तो संस्कृत पाठशाला तक सब कुछ सही मिला। एक दुकान का कुछ हिस्सा अतिक्रमण में आने पर उन्होंने जेसीबी से गिराने के आदेश दे दिए। हालांकि नाला खोदाई का काम वहां तक नहीं पहुंच सका। इसके बाद नाप हुई तो फीता रवि अरोड़ा की दुकान में करीब एक फीट अंदर तक चला गया। उन्होंने कहा कि पहले जितना चिह्न लगाया गया था, उतना तोड़ लिया था। सिटी मजिस्ट्रेट ने कहा कि वह पक्षपात नहीं कर सकतीं।
सड़क के पश्चिम की ओर सुरेश चंद्र शुक्ला के मकान में महादेव मंदिर है। मकान और मंदिर के चार फीट अंदर तक फीता पहुंच गया। इस पर कुछ महिलाओं ने सिटी मजिस्ट्रेट से बात कहनी चाही। सिटी मजिस्ट्रेट ने गुरुवार तक अतिक्रमण न तोड़ने पर जेसीबी से गिराने की हिदायत दी। उन्होंने पल्ला मठिया तक सभी दुकानों पर फीता डलवाकर जो भी अतिक्रमण नहीं हटा, उसे हटाने के आदेश दिए। कहा कि जेसीबी सरकारी जमीन की सीमा तक नाला खोदेगी।
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सिटी मजिस्ट्रेट हुईं नाराज
स्टेट बैंक से सटा सुमित अरोड़ा का दो मंजिला मकान हैै। बुधवार को नाप हुई, तो मकान के अंदर दो फीट तक फीता पहुंच गया। सुमित और घर की महिलाओं ने सिटी मजिस्ट्रेट से दोबारा तोड़ने में दिक्कत और आर्थिक नुकसान की बात कही। इस पर सिटी मजिस्ट्रेट गुस्सा गईं। उन्होंने पालिका कर्मियों को आदेश दिए कि बीच रोड से आठ मीटर नापकर चिह्न लगाओ। इस पर सुमित के मकान में करीब छह फीट अंदर तक चिह्न लगा दिया गया। सुमित ने तीन माह पहले लगे चिह्न को दिखाना चाहा, मगर किसी ने एक न सुनी।
नाला खोदाई शुरू हो गई। तीन माह में भी कुछ लोगों ने अतिक्रमण का कुछ हिस्सा नहीं तोड़ा है। कुछ लोगों ने चार-छह इंच बचाने का प्रयास किया है। उसे भी तोड़ा जाएगा। नाला निर्माण कार्य काफी तेजी से कराया जाना है, ताकि दुकानदारों को दिक्कत न हो।
- दीपाली भार्गव, सिटी मजिस्ट्रेट, फर्रुखाबाद।
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रेलवे रोड से तीन माह बाद भी कुछ लोगों ने अतिक्रमण नहीं हटाया। बुधवार को सिटी मजिस्ट्रेट दीपाली भार्गव बुधवार सुबह 10 बजे चौक पर पहुंचीं। उन्होंने नाप शुरू कराई, तो संस्कृत पाठशाला तक सब कुछ सही मिला। एक दुकान का कुछ हिस्सा अतिक्रमण में आने पर उन्होंने जेसीबी से गिराने के आदेश दे दिए। हालांकि नाला खोदाई का काम वहां तक नहीं पहुंच सका। इसके बाद नाप हुई तो फीता रवि अरोड़ा की दुकान में करीब एक फीट अंदर तक चला गया। उन्होंने कहा कि पहले जितना चिह्न लगाया गया था, उतना तोड़ लिया था। सिटी मजिस्ट्रेट ने कहा कि वह पक्षपात नहीं कर सकतीं।
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सड़क के पश्चिम की ओर सुरेश चंद्र शुक्ला के मकान में महादेव मंदिर है। मकान और मंदिर के चार फीट अंदर तक फीता पहुंच गया। इस पर कुछ महिलाओं ने सिटी मजिस्ट्रेट से बात कहनी चाही। सिटी मजिस्ट्रेट ने गुरुवार तक अतिक्रमण न तोड़ने पर जेसीबी से गिराने की हिदायत दी। उन्होंने पल्ला मठिया तक सभी दुकानों पर फीता डलवाकर जो भी अतिक्रमण नहीं हटा, उसे हटाने के आदेश दिए। कहा कि जेसीबी सरकारी जमीन की सीमा तक नाला खोदेगी।
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सिटी मजिस्ट्रेट हुईं नाराज
स्टेट बैंक से सटा सुमित अरोड़ा का दो मंजिला मकान हैै। बुधवार को नाप हुई, तो मकान के अंदर दो फीट तक फीता पहुंच गया। सुमित और घर की महिलाओं ने सिटी मजिस्ट्रेट से दोबारा तोड़ने में दिक्कत और आर्थिक नुकसान की बात कही। इस पर सिटी मजिस्ट्रेट गुस्सा गईं। उन्होंने पालिका कर्मियों को आदेश दिए कि बीच रोड से आठ मीटर नापकर चिह्न लगाओ। इस पर सुमित के मकान में करीब छह फीट अंदर तक चिह्न लगा दिया गया। सुमित ने तीन माह पहले लगे चिह्न को दिखाना चाहा, मगर किसी ने एक न सुनी।
नाला खोदाई शुरू हो गई। तीन माह में भी कुछ लोगों ने अतिक्रमण का कुछ हिस्सा नहीं तोड़ा है। कुछ लोगों ने चार-छह इंच बचाने का प्रयास किया है। उसे भी तोड़ा जाएगा। नाला निर्माण कार्य काफी तेजी से कराया जाना है, ताकि दुकानदारों को दिक्कत न हो।
- दीपाली भार्गव, सिटी मजिस्ट्रेट, फर्रुखाबाद।