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Farrukhabad News: इमरजेंसी में सात व ओपीडी में तीन घंटे बंद रहा ऑनलाइन काम
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फर्रुखाबाद। डॉ.राममनोहर लोहिया पुरुष अस्पताल में नेटवर्क सिस्टम खराब होने से ओपीडी व इमरजेंसी में ऑनलाइन पर्चा बनने का काम बंद हो गया। इससे मरीजों की लंबी लाइनें लगी रहीं। कई बार विवाद भी हुआ, मगर लोगों ने शांत कर दिया। इमरजेंसी सात और ओपीडी का नेटवर्क तीन घंटे बाद सामान्य हो सका। सोमवार को 750 मरीजों के पर्चे बनाए गए।
लोहिया पुरुष अस्पताल में अधिकांश काम ऑनलाइन कर दिया गया है। सोमवार को सुबह करीब साढ़े आठ बजे ओपीडी के पर्चा काउंटर पर नेटवर्क धोखा दे गया। इसी दौरान इमरजेंसी का भी काउंटर बंद कर दिया गया। लिहाजा यहां हाथ से पर्चा बनाने का काम शुरू हो गया। सूचना पर पहुंची नेटवर्क प्रदाता कंपनी के इंजीनियर ने काम शुरू किया, तो ओपीडी में कनेक्टिविटी आती और जाती रही। पर्चा बनाने में दिक्कत आने से मरीजों की लंबी कतारें लग गईं।
कई बार धक्का-मुक्की होने से विवाद खड़ा हो गया। लोगों ने समझा बुझाकर शांत किया। दोपहर करीब 12 बजे नेटवर्क चालू होने पर तीन काउंटर चलाकर करीब एक बजे तक 750 मरीजों के पर्चे बनाए गए। एक साथ ज्यादा पर्चा बनने से डॉक्टरों के यहां सवा दो बजे तक लाइनें लगी रहीं।
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इमरजेंसी में नेटवर्क चालू करने में इंजीनियर के पसीने छूट गए। केबल और राउटर मंगाकर शाम करीब साढ़े तीन बजे नेटवर्क सही किया जा सका। इसके बाद ही ऑनलाइन पर्चा बनाने का काम शुरू किया गया। खराबी के दौरान सभी बीएचटी हाथ से बनाई गईं। सीएमएस डॉ. राजकुमार गुप्त ने बताया कि तकनीकी दिक्कत आ गई थी। इंजीनियर को सख्त निर्देश दे दिए हैं। अब नेटवर्क पूरी तरह सही हो गया है।
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लोहिया पुरुष अस्पताल में अधिकांश काम ऑनलाइन कर दिया गया है। सोमवार को सुबह करीब साढ़े आठ बजे ओपीडी के पर्चा काउंटर पर नेटवर्क धोखा दे गया। इसी दौरान इमरजेंसी का भी काउंटर बंद कर दिया गया। लिहाजा यहां हाथ से पर्चा बनाने का काम शुरू हो गया। सूचना पर पहुंची नेटवर्क प्रदाता कंपनी के इंजीनियर ने काम शुरू किया, तो ओपीडी में कनेक्टिविटी आती और जाती रही। पर्चा बनाने में दिक्कत आने से मरीजों की लंबी कतारें लग गईं।
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कई बार धक्का-मुक्की होने से विवाद खड़ा हो गया। लोगों ने समझा बुझाकर शांत किया। दोपहर करीब 12 बजे नेटवर्क चालू होने पर तीन काउंटर चलाकर करीब एक बजे तक 750 मरीजों के पर्चे बनाए गए। एक साथ ज्यादा पर्चा बनने से डॉक्टरों के यहां सवा दो बजे तक लाइनें लगी रहीं।
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इमरजेंसी में नेटवर्क चालू करने में इंजीनियर के पसीने छूट गए। केबल और राउटर मंगाकर शाम करीब साढ़े तीन बजे नेटवर्क सही किया जा सका। इसके बाद ही ऑनलाइन पर्चा बनाने का काम शुरू किया गया। खराबी के दौरान सभी बीएचटी हाथ से बनाई गईं। सीएमएस डॉ. राजकुमार गुप्त ने बताया कि तकनीकी दिक्कत आ गई थी। इंजीनियर को सख्त निर्देश दे दिए हैं। अब नेटवर्क पूरी तरह सही हो गया है।