फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Farrukhabad News ›   Once the strike was over politics enthusiast

हड़ताल को लेकर सरगर्म हुई बार की सियासत

Mon, 23 Feb 2015 11:43 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद Updated Mon, 23 Feb 2015 11:43 PM IST
विज्ञापन
Once the strike was over politics enthusiast
हड़ताल को लेकर बार एसोसिएशन की सियासत सरगर्म हो गई है। इस मुद्दे पर
विज्ञापन
अधिवक्ताओं के दो घड़े आमने-सामने हैं। एक धड़े का नेतृत्व बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष एवं सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष राजकुमार सिंह राठौर कर रहे हैं तो दूसरे का वर्तमान सचिव संजीव पारिया। पूर्व अध्यक्ष का कहना है कि हड़ताल नहीं होनी चाहिए, जबकि सचिव हड़ताल का समर्थन कर रहे हैं।

सोमवार को दोनों खेमे ने जुलूस निकाला। एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी की। इससे कचहरी में गहमा-गहमी रही। देर शाम दोनों पक्षों की संयुक्त बैठक हुई, जिसमें तय किया गया कि 24 को होने वाली साधारण सभा की बैठक में इस मुद्दे पर फैसला लिया जाएगा।

बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विपनेश सक्सेना एवं सचिव संजीव पारिया के समर्थक चाहते हैं कि सपा नेता एवं अधिवक्ता चून्नू यादव के  खिलाफ दर्ज रिपोर्ट स्पंज कर दी जाए। इसे लेकर अध्यक्ष एवं सचिव ने सोमवार को हड़ताल का प्रस्ताव रखा। जबकि समाजवादी पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष एवं बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष राजकुमार सिंह राठौर समर्थकों का कहना है कि आए दिन हड़ताल करना गलत है। पुलिस को अपना काम करने देना चाहिए। हड़ताल के जरिए पुलिस पर

दबाव नहीं बनाया जाए। इसी बात को लेकर अधिवक्ता दो खेमे में बंटे हैं। बार एसोसिएशन ने शुक्रवार को ऐलान किया था कि सोमवार को हड़ताल रहेगी तो पूर्व अध्यक्ष ने उसी दिन हड़ताल के विरोध का ऐलान कर दिया था। सोमवार सुबह अधिवक्ता कचहरी पहुंचे। बार एसोसिएशन सचिव समर्थकों के साथ कचहरी का काम बंद कराने लगे। इस पर पूर्व अध्यक्ष राजकुमार सिंह राठौर समर्थकों के साथ अदालतों में घूम घूम कर कार्य शुरू करने के लिए अधिकारियों से कहा। इन्होंने तर्क

दिया कि वादकारी लंबी दूरी और किराया खर्च करके कचहरी पहुंच गए हैं। वादकारियों की स्थिति को देखते हुए अदालत में काम होना चाहिए। दोपहर में दोनों खेमे  सीजेएम न्यायालय के पास आमने- सामने हो गए। दोनों तरफ से एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी होने लगी। इससे कचहरी का माहौल गरम हो गया। मामला गंभीर होने पर अधिवक्ता शिव प्रताप सिंह चीनू और डब्बन दुबे ने हस्तक्षेप कर हड़ताल के पक्षधर और मुखालफत करने वाले वकीलों से वार्ता की। दोपहर एक बजे अध्यक्ष

विपनेश सक्सेना, उपाध्यक्ष शशिभूषण दीक्षित, सचिव संजीव पारिया समेत सात वकील और हड़ताल के विरोध में उतरे पूर्व अध्यक्ष राजकुमार सिंह राठौर, जवाहर सिंह गंगवार, नरेश चंद्र यादव, कुंवर सिंह यादव समेत सात वकीलों की जिला बार एसोसिएशन में बैठक हुई। करीब एक घंटे बंद कमरे में चली बैठक में हड़ताल के मुद्दे पर बीच का रास्ता निकाला गया। बार एसोसिएशन के सचिव संजीव पारिया ने बताया 24 फरवरी को वकीलों का एक प्रतिनिधि मंडल अधिवक्ता के खिलाफ लिखाई
गई रिपोर्ट को लेकर एसपी से मिलेगा। इसके  बाद आम सभा की बैठक होगी। फिर हड़ताल के मुद्दे पर रणनीति बनाई जाएगी।

एसपी से मिलने को यह बनाई गई कमेटी
एसपी से मिलने के लिए 15 सदस्यों की कमेटी बनाई गई है। इस कमेटी में अध्यक्ष विपनेश सक्सेना, सचिव संजीव पारिया, पूर्व अध्यक्ष राजकुमार सिंह राठौर, नरेश यादव, उपाध्यक्ष शशि भूषण दीक्षित, कुंवर सिंह यादव, पूर्व अध्यक्ष जवाहर सिंह गंगवार, उमेश मिश्रा, अजीत मिश्रा, अनूप सिंह, पंकज मिश्रा, सुनील दिवाकर, पवन दुबे, योगेन्द्र यादव चन्नू, गौतम सिंह वर्मा को शामिल किया गया है।

हड़ताल के खिलाफ बंदियों ने की नारेबाजी
वकीलों की हड़ताल से जमानतों में सुनवाई और रिहाई रुकी हुई है। इसके विरोध में सोमवार को सेशन हवालात के बंदियों ने वकीलों के खिलाफ नारेबाजी की। बंदियों ने कहा कि हड़ताल से लोगाें की परेशानी  का अंदाज वकील नहीं लगाते हैं।
सेशन हवालात में सोमवार को 93 बंदी जिला कारागार से अदलातों में पेशी को लाए गए थे। हड़ताल व उसके विरोध से  अदालतों का कार्य प्रभावित हुआ।

इस कारण कई जमानतों में सुनवाई नहीं हो सकी। इससे नाराज बंदियों ने हवालात में हंगामा कर वकीलों के खिलाफ नारे लगाए। बंदियों ने कहा कि आए दिन हड़ताल होने से जमानतों की सुनवाई नहीं होती। इस कारण छोटे छोटे अपराधाें के आरोपी जमानत न होने कारण जेल में बंद रहते हैं। वकील बंदियों व अन्य लोगों की समस्या को नजर अंदाज कर हड़ताल कर देते हैं। बंदियों ने हंगामा और नारेबाजी कर भड़ास निकाली।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed