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मेडिकल कालेज में मरीज की मौत पर बवाल
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
Updated Wed, 25 Mar 2015 11:12 PM IST
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मेजर एसडी सिंह मेडिकल कालेज में भर्ती मरीज की मौत के बाद जमकर बवाल हुआ।
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गुस्साए परिजनों ने बरेली-इटावा हाइवे जाम कर दिया। करीब दो घंटे तक रास्ता
जाम होने से दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। इस दौरान कई घंटे तक शव
कालेज परिसर में पड़ा रहा। परिजनों ने कालेज के कर्मचारियों पर मारपीट और
गाली गलौच करने का आरोप लगाया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को समझा
कर जाम खुलवा दिया।
थाना जहानगंज के गांव वर्राखुर्द निवासी अमर सिंह यादव (60) करीब एक महीने से मेजर एसडी सिंह मेडिकल कालेज में भर्ती थे। बुधवार दोपहर संदिग्ध हालात में उनकी मौत हो गई। इस पर कालेज प्रशासन ने शव वार्ड से निकाल कालेज परिसर में रखवा दिया। कई घंटों तक अमर सिंह का शव वहां पड़ा रहा। इसकी जानकारी होने पर मृतक का बेटा सुरेंद्र सिंह
और उसकी पत्नी रामबेटी के अलावा परिवार के अन्य लोग मेडिकल कालेज पहुंचे। शव पड़ा देख परिजन हंगामा करने लगे। मृतक के बेटे सुरेंद्र सिंह का आरोप है कि उसके पिता की मौत किस तरह से हुई, कालेज प्रशासन इसकी जानकारी नहीं दे रहा है। इस वजह से उन्होंने कालेज चेयरमैन को मौके पर बुलाने की मांग की। इसके बाद भी न तो चेयरमैन मौके पर
आए और न ही कालेज प्रशासन ने मरने के कारणों को बताया। इतना ही नहीं शव घंटों कालेज परिसर में रखे जाने के बारे में भी कालेज प्रशासन ठीक से जवाब नहीं दिया। उल्टे कालेज के कर्मचारी मारपीट एवं अभद्रता करने लगे। इस दौरान मृतक के अन्य रिश्तेदार भी कालेज पहुंच गए। कालेज प्रशासन की ओर से सही तरीके पर जवाब न दिए जाने से गुस्साए
लोगों ने मेडिकल कालेज गेट के बाहर इटावा- बरेली हाइवे जाम कर दिया। वे कालेज प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। इस दौरान मृतक के परिजनों ने कालेज प्रशासन पर तमाम आरोप लगाए। रात करीब 8 बजे एसओ मऊदरवाजा सुनील यादव फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराया और रास्ता खुलवाया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर लोहिया अस्पताल के मोर्चरी भेजवाया।
मारपीट से भड़का गुस्सा
रामबेटी ने आरोप लगाया कि कालेज के कर्मचारी ने उसके साथ गाली गलौच एवं मारपीट की। कालेज कर्मचारियों की ओर से की गई अभद्रता की वजह से ही परिवार के अन्य लोग नाराज हो गए और रास्ता जाम किया।
रास्ता खुलने के बाद भी घंटो रही जाम की स्थिति
बरेली- इटावा हाइवे जाम होने की जानकारी पर पहुंची पुलिस ने करीब दो घंटे बाद रास्ता खुलवाया दिया, लेकिन दोनोें तरफ वाहनों की लंबी कतार होने की वजह से रास्ता खुलने के बाद भी जाम की स्थिति बनी रही। इससे देर रात तक वाहन रेंगते हुए चले।
थाना जहानगंज के गांव वर्राखुर्द निवासी अमर सिंह यादव (60) करीब एक महीने से मेजर एसडी सिंह मेडिकल कालेज में भर्ती थे। बुधवार दोपहर संदिग्ध हालात में उनकी मौत हो गई। इस पर कालेज प्रशासन ने शव वार्ड से निकाल कालेज परिसर में रखवा दिया। कई घंटों तक अमर सिंह का शव वहां पड़ा रहा। इसकी जानकारी होने पर मृतक का बेटा सुरेंद्र सिंह
और उसकी पत्नी रामबेटी के अलावा परिवार के अन्य लोग मेडिकल कालेज पहुंचे। शव पड़ा देख परिजन हंगामा करने लगे। मृतक के बेटे सुरेंद्र सिंह का आरोप है कि उसके पिता की मौत किस तरह से हुई, कालेज प्रशासन इसकी जानकारी नहीं दे रहा है। इस वजह से उन्होंने कालेज चेयरमैन को मौके पर बुलाने की मांग की। इसके बाद भी न तो चेयरमैन मौके पर
आए और न ही कालेज प्रशासन ने मरने के कारणों को बताया। इतना ही नहीं शव घंटों कालेज परिसर में रखे जाने के बारे में भी कालेज प्रशासन ठीक से जवाब नहीं दिया। उल्टे कालेज के कर्मचारी मारपीट एवं अभद्रता करने लगे। इस दौरान मृतक के अन्य रिश्तेदार भी कालेज पहुंच गए। कालेज प्रशासन की ओर से सही तरीके पर जवाब न दिए जाने से गुस्साए
लोगों ने मेडिकल कालेज गेट के बाहर इटावा- बरेली हाइवे जाम कर दिया। वे कालेज प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। इस दौरान मृतक के परिजनों ने कालेज प्रशासन पर तमाम आरोप लगाए। रात करीब 8 बजे एसओ मऊदरवाजा सुनील यादव फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराया और रास्ता खुलवाया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर लोहिया अस्पताल के मोर्चरी भेजवाया।
मारपीट से भड़का गुस्सा
रामबेटी ने आरोप लगाया कि कालेज के कर्मचारी ने उसके साथ गाली गलौच एवं मारपीट की। कालेज कर्मचारियों की ओर से की गई अभद्रता की वजह से ही परिवार के अन्य लोग नाराज हो गए और रास्ता जाम किया।
रास्ता खुलने के बाद भी घंटो रही जाम की स्थिति
बरेली- इटावा हाइवे जाम होने की जानकारी पर पहुंची पुलिस ने करीब दो घंटे बाद रास्ता खुलवाया दिया, लेकिन दोनोें तरफ वाहनों की लंबी कतार होने की वजह से रास्ता खुलने के बाद भी जाम की स्थिति बनी रही। इससे देर रात तक वाहन रेंगते हुए चले।