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तत्कालीन एसओ समेत 12 पुलिस कर्मियों को नोटिस
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फर्रुखाबाद। जिला एवं सत्र न्यायालय में दाखिल हुई निगरानी में तत्कालीन राजेपुर थानाध्यक्ष समेत 12 पुलिस कर्मियों को नोटिस जारी किया गया है।
गांव राजेपुर राठौरी निवासी मुनेश ने तत्कालीन राजेपुर एसओ अंगद सिंह, दरोगा अनुराग सिंह, दरोगा जैदी, सिपाही विपिन, सुशील कुमार, उपलेश, मनोज चार अज्ञात और दरोगा दीपक कुमार त्रिवेदी (वर्तमान तैनाती तिकोना चौकी फर्रुखाबाद) के खिलाफ सीजेएम के आदेश पर राजेपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
इसमें 28 मई 2018 को रात में घर में घुस कर परिजनों से मारपीट करने और ताऊ के पुत्र अवनेश को पकड़कर थाने ले जाने का आरोप लगाया था। थाने में अवनेश से मारपीट का भी आरोप था। विवेचक ने मुकदमे में फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी। पीड़ित ने फाइनल रिपोर्ट पर सीजेएम कोर्ट में अधिवक्ता के माध्यम से आपत्ति लगाई थी।
सुनवाई के बाद सीजेएम ने एफआर निरस्त कर 21 अगस्त 2020 को परिवाद में दर्ज करने का आदेश दिया था। पीड़ित मुनेश कुमार ने अधिवक्ता योगेश कुमार दुबे के माध्यम से 21 अगस्त के आदेश के खिलाफ जिला एवं सत्र न्यायालय में निगरानी दायर की।
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इसमें परिवाद के बजाए पुलिस कर्मियों पर स्टेट में मुकदमा चलाने की गुहार लगाई। जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने सुनवाई के लिए निगरानी स्वीकृत कर 19 फरवरी की तारीख लगाई है और पुलिस कर्मियों को नोटिस जारी किया है।
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गांव राजेपुर राठौरी निवासी मुनेश ने तत्कालीन राजेपुर एसओ अंगद सिंह, दरोगा अनुराग सिंह, दरोगा जैदी, सिपाही विपिन, सुशील कुमार, उपलेश, मनोज चार अज्ञात और दरोगा दीपक कुमार त्रिवेदी (वर्तमान तैनाती तिकोना चौकी फर्रुखाबाद) के खिलाफ सीजेएम के आदेश पर राजेपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
इसमें 28 मई 2018 को रात में घर में घुस कर परिजनों से मारपीट करने और ताऊ के पुत्र अवनेश को पकड़कर थाने ले जाने का आरोप लगाया था। थाने में अवनेश से मारपीट का भी आरोप था। विवेचक ने मुकदमे में फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी। पीड़ित ने फाइनल रिपोर्ट पर सीजेएम कोर्ट में अधिवक्ता के माध्यम से आपत्ति लगाई थी।
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सुनवाई के बाद सीजेएम ने एफआर निरस्त कर 21 अगस्त 2020 को परिवाद में दर्ज करने का आदेश दिया था। पीड़ित मुनेश कुमार ने अधिवक्ता योगेश कुमार दुबे के माध्यम से 21 अगस्त के आदेश के खिलाफ जिला एवं सत्र न्यायालय में निगरानी दायर की।
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इसमें परिवाद के बजाए पुलिस कर्मियों पर स्टेट में मुकदमा चलाने की गुहार लगाई। जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने सुनवाई के लिए निगरानी स्वीकृत कर 19 फरवरी की तारीख लगाई है और पुलिस कर्मियों को नोटिस जारी किया है।