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Farrukhabad News: खिड़कियों में जाली नहीं, बर्न वार्ड के चार बेड पर एक मच्छरदानी

Thu, 28 Mar 2024 02:48 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 28 Mar 2024 02:48 AM IST
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No net in the windows, one mosquito net on four beds of the burn ward
फर्रुखाबाद। गर्मी का मौसम शुरू होते ही मच्छरों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। डॉ. राममनोहर लोहिया जिला अस्पताल में वार्डों की खिड़कियों में कहीं जाली नहीं तो कहीं टूटी पड़ी हैं। बर्न वार्ड में चार बेड पर मात्र एक मच्छरदानी दी गई है। आर्थो, जनरल आदि वार्डों में मच्छरों के हमले से मरीज व तीमारदार परेशान हैं। लोग घरों से मच्छररोधी अगरबत्ती व क्वाइल लाकर रातें काटने को मजबूर हैं।
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बीमारी कोई भी हो सभी में गंदगी और मच्छर घातक होते हैं। इनमें आग से झुलसे मरीजों में संक्रमण फैलने की अधिक आशंका रहती है। लोहिया अस्पताल के बर्न वार्ड में चार बेड पर दो मरीज भर्ती हैं। चार बेड वाले इस वार्ड में मात्र एक मच्छरदानी की ही व्यवस्था है।
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हालात ऐसे हैं कि वार्ड की खिड़कियों पर जाली तक नहीं लगी है। लिहाजा शाम तो दूर दिन में भी यदि खिड़की खुल जाए, तो मच्छर घुस जाते हैं। इससे मरीज और तीमारदारों की रात पंखे के सहारे कटती है। यही हाल आर्थो व जनरल वार्ड का है। इन वार्डों में लगी खिड़कियों में से कुछ में जाली है, मगर कुछ में जाली टूटी पड़ी है। ग्रामीण क्षेत्र से आए तीमारदार बिजली जाने के बाद खिड़की खोल देते हैं। इससे मच्छरों के झुंड घुस आते हैं।
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बर्न वार्ड में भर्ती किशोरी के पिता नगला खरा निवासी राजेश कुमार ने बताया कि रात में बिजली जाने के बाद मच्छर सोने नहीं देते। अब बेटी के हाथ में सुधार है। कुछ दिन काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
फतेहगढ़ के रम्पुरा निवासी जानकी लाल ने बताया कि उनकी पत्नी ममता आग से झुलस गई थीं। एक मच्छरदानी है, तो मरीज के लगा देते हैं, जबकि दूसरा मरीज बिना मच्छरदानी के ही रहता है। दिक्कत तो है, मगर समय तो काटना ही है।
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दमा के मरीजों को होती है दिक्कत
जनरल वार्डों में दमा के मरीज भी भर्ती किए जाते हैं। मच्छर से बचने के लिए क्वाइल अथवा अगरबत्ती लगाने के बाद इन मरीजों को सांस लेने में दिक्कत होती है। ऐसे में अन्य मरीजों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

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-सभी वार्डों में जाली लगी है। यदि कहीं नहीं लगी है, तो वह इसे दिखवाएंगे। बर्न वार्ड में मांगने पर मरीज को मच्छरदानी उपलब्ध कराई जाएगी। अभी किसी ने उनसे शिकायत नहीं की है।
- डॉ. राजकुमार गुप्त, सीएमएस, लोहिया जिला अस्पताल
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